नशे का कारोबार: अमर उजाला स्टिंग का असर! सादे कपड़ों में गठित होगी टीम, ड्रग पेडलर्स पर करेगी कार्रवाई
Kanpur News: गांजा-चरस बेचने वालों से परेशान जनता अब खुद उन्हें पकड़ने लगी है। काकादेव डबल पुलिया के पास रिक्शा पर बैठकर खुलेआम गांजा बेच रहे युवक को पकड़ा था। उसकी जेब से गांजे की 33 पुड़ियां भी मिली थीं।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कानपुर शहर में गली-गली गांजा और चरस बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। इसके लिए एक पुलिस टीम गठित की जाएगी, जो सादे कपड़ों में रहेगी। यह टीम नशीले पदार्थ बेचने वालों की गुपचुप तरीके से पहचान करेगी और उन पर कार्रवाई करेगी। दरअसल, अमर उजाला ने शनिवार के अंक में ‘हर नुक्कड़ पर बिक रहा नशा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
इस स्टिंग के जरिये बताया गया था किस तरह छात्रों के गढ़ काकादेव समेत अन्य इलाकों में गांजा और चरस की बिक्री की जा रही है। इस काम में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसका संज्ञान लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई की तैयारी की है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर अपराध नीलाब्जा चौधरी ने कहा कि किसी भी हाल में नशीले पदार्थो की बिक्री पर अंकुश लगाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक टीम गठित की जाएगी।
अब तो जनता पकड़ने लगी चरस बेचने वालों को
गांजा-चरस बेचने वालों से परेशान जनता अब खुद उन्हें पकड़ने लगी है। काकादेव डबल पुलिया के पास रिक्शा पर बैठकर खुलेआम गांजा बेच रहे युवक को पकड़ा था। उसकी जेब से गांजे की 33 पुड़ियां भी मिली थीं। पकड़ा गया सोबरन काफी समय से क्षेत्र में गांजा चरस बेच रहा था। पब्लिक ने उसे काकादेव पुलिस को सौंपा था। वर्तमान में वह जेल में है। सोबरन को पकड़ने का वीडियो भी वायरल हुआ था।
मैंने क्षेत्र में गांजा व चरस बेचते हुए तीन महीने में सात लोगों को पकड़ा है। चरस और गांजा की पुड़िया भी बरामद की। नशीले पदार्थ बेचने वालों को माल समेत सर्वोदयनगर चौकी प्रभारी को सौंपा, लेकिन कार्रवाई के बजाय उसे छोड़ दिया गया। हाल में 150 पुड़िया गांजा के साथ एक तस्कर को पकड़कर थाने ले जा रहे थे, लेकिन वह बाइक से कूदकर भाग गया। इसके बाद सोबरन को पकड़ा था। -नीरज वाजपेयी, क्षेत्रीय पार्षद
काकादेव....जारी है नशे की बिक्री
अमर उजाला टीम ने शनिवार को भी काकादेव क्षेत्र में रियलिटी चेक किया, तो नशे की बिक्री बदस्तूर जारी मिली। काकादेव डबल पुलिया के पास झुग्गी-झोपड़ी के पास एक युवक से रिपोर्ट ने पूछा कि सूखा नशा मिलेगा क्या? तो उसने कहा चरस अभी नहीं है।गांजा चाहिए तो बताओ। रिपोर्ट ने हामी भरी तो 100 रुपये लेकर युवक ने जेब से कागज में लिपटा गांजा निकालकर थमा दिया। यहां से कुछ आगे एक युवक फुटपाथ पर खड़ा मिला। रिपोर्टर ने एक युवक को उसके पास गांजा खरीदने भेजा। उसने 80 रुपये लेकर गांजा की पुड़िया पकड़ा दी।
पुलिस कर रही कार्रवाई, फिर भी नहीं थम रही बिक्री...क्यों?
कमिश्नरी पुलिस की मीडिया सेल से एक प्रेस नोट जारी कर बताया गया है कि वर्ष 2023 में ही नशे के सौदागरों के खिलाफ 89 केस दर्ज किए गए। 106 आरोपियों को गिरफ्तार कर 273 किलोग्राम गांजा, तीन हजार किलो डोडा, 81 किलो चरस बरामद की गई। जुलाई से अक्तूबर के बीच अदालत में पैरवी करके 23 मामलों में 23 लोगों को सजा दिलाई गई। इनमें नंदू श्रीवास्तव को 12 और श्याम नारायण को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। हालांकि इतनी कार्रवाई के बाद भी नशे की बिक्री रुक नहीं रही, यह बड़ा सवाल है।