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कानपुर: आईआईटी जांचेगा 44 साल पुराने जाजमऊ गंगा पुल की मजबूती
Mon, 30 Sep 2019 12:18 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 30 Sep 2019 12:18 PM IST
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जाजमऊ गंगा पुल
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहे जाजमऊ गंगा पुल की मजबूती की जांच आईआईटी से कराएगा। उम्मीद है कि इसी सप्ताह पुल की जांच शुरू हो जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुल की मरम्मत कराई जाएगी।
जाजमऊ गंगा पुल 1975 में पहली बार जनता के लिए शुरू किया गया था। करीब 44 साल पुराने इस पुल की नौ साल पहले एनएचएआई ने मरम्मत कराई थी। अब पुल पर भारी वाहनों के गुजरने पर कंपन व कई स्थानों पर सरियों का जाल दिखने लगा। जाजमऊ छोर पर 200 मीटर के हिस्से में सड़क क्षतिग्रस्त है।
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जाजमऊ गंगा पुल 1975 में पहली बार जनता के लिए शुरू किया गया था। करीब 44 साल पुराने इस पुल की नौ साल पहले एनएचएआई ने मरम्मत कराई थी। अब पुल पर भारी वाहनों के गुजरने पर कंपन व कई स्थानों पर सरियों का जाल दिखने लगा। जाजमऊ छोर पर 200 मीटर के हिस्से में सड़क क्षतिग्रस्त है।
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बीते दिनों कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के निर्देश पर एनएचएआई ने इसकी मरम्मत कराई पर जलभराव से फिर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। एनएचएआई के सहायक महाप्रबंधक/परियोजना निदेशक पुरुषोत्तम लाल चौधरी ने बताया कि इस संबंध में आईआईटी के प्रोफेसर सौमित्र चौधरी से मुलाकात की गई है।
उन्हें पुल की जांच से संबंधित प्रस्ताव का पत्र भी रविवार को भेज दिया गया है। आईआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुल में जरूरी निर्माण और सुधार कराए जाएंगे।
उन्हें पुल की जांच से संबंधित प्रस्ताव का पत्र भी रविवार को भेज दिया गया है। आईआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुल में जरूरी निर्माण और सुधार कराए जाएंगे।