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आईआईटी के छात्रों ने सीएए के विरोध में किया था मार्च, जांच शुरु हुई तो समर्थन में उतरीं ममता बनर्जी
Fri, 27 Dec 2019 12:02 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 27 Dec 2019 12:02 AM IST
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आईआईटी कानपुर के छात्रों के समर्थन में उतरीं ममता बनर्जी
- फोटो : अमर उजाला
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सीएए और एनआरसी के विरोध में आईआईटी कानपुर में छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन मिला है। ममता बनर्जी ने न केवल छात्रों का समर्थन किया बल्कि संस्थान द्वारा बैठाई गई उच्चस्तरीय जांच पर भी खेद जताया है। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर साफ तौर पर लिखा है कि वह आईआईटी कानपुर के छात्रों के साथ हैं।
सीएए व एनआरसी के विरोध में जामिया विवि. में पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ आईआईटी कानपुर के कुछ छात्र-छात्राओं ने शांति मार्च निकाला था। आईआईटी प्रशासन ने शांति मार्च के लिए अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद शांति मार्च निकाला गया। इसका एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं। इस पर निदेशक अभय करंदीकर ने 21 दिसंबर को इस मामले के जांच के आदेश दिए थे। अब ममता बनर्जी ने फेसबुक के अपने आफिशियल पेज पर आईआईटी छात्रों का समर्थन किया।
यह है ममता बनर्जी की पोस्ट
ममता ने लिखा कि आईआईटी कानपुर के छात्रों के साथ जो हो रहा है, उसका काफी दुख है। छात्र जामिया विवि. के छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर एकजुट हुए थे। मुझे पता चला है कि मामले की जांच को लेकर कमेटी का गठन हुआ, जबकि लोकतांत्रिक देश में सभी को अपनी बात कहने का हक है।
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आईआईटी में न प्रवेश करे पॉलिटिक्स
आईआईटी के डिप्टी निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि संस्थान में पॉलिटिक्स का प्रवेश न हो तो ही बेहतर है। छात्र यहां पढ़ने के लिए आते हैं, उन पर अनुशासन बनाए रखना संस्थान की जिम्मेदारी है। स्टूडेंट्स के विरोध प्रदर्शन की शिकायत आई थी, जिस पर कमेटी का गठन हुआ है। अब जो फैसला होगा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर होगा।
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सीएए व एनआरसी के विरोध में जामिया विवि. में पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ आईआईटी कानपुर के कुछ छात्र-छात्राओं ने शांति मार्च निकाला था। आईआईटी प्रशासन ने शांति मार्च के लिए अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद शांति मार्च निकाला गया। इसका एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं। इस पर निदेशक अभय करंदीकर ने 21 दिसंबर को इस मामले के जांच के आदेश दिए थे। अब ममता बनर्जी ने फेसबुक के अपने आफिशियल पेज पर आईआईटी छात्रों का समर्थन किया।
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यह है ममता बनर्जी की पोस्ट
ममता ने लिखा कि आईआईटी कानपुर के छात्रों के साथ जो हो रहा है, उसका काफी दुख है। छात्र जामिया विवि. के छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर एकजुट हुए थे। मुझे पता चला है कि मामले की जांच को लेकर कमेटी का गठन हुआ, जबकि लोकतांत्रिक देश में सभी को अपनी बात कहने का हक है।
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आईआईटी में न प्रवेश करे पॉलिटिक्स
आईआईटी के डिप्टी निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि संस्थान में पॉलिटिक्स का प्रवेश न हो तो ही बेहतर है। छात्र यहां पढ़ने के लिए आते हैं, उन पर अनुशासन बनाए रखना संस्थान की जिम्मेदारी है। स्टूडेंट्स के विरोध प्रदर्शन की शिकायत आई थी, जिस पर कमेटी का गठन हुआ है। अब जो फैसला होगा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर होगा।