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Kanpur News: आईआईटी खड़गपुर की टीम बनी चैंपियन, रुड़की को दूसरा स्थान
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आईआईटी खड़गपुर की टीम डिव4मैक्सर।
- फोटो : संस्थान
कानपुर। पांच घंटे की कड़ी प्रतिस्पर्धा और 11 में से नौ जटिल समस्याओं का समाधान कर आईआईटी खड़गपुर की टीम डिव4मैक्सर ने इंटरनेशनल कॉलेजिएट प्रोग्रामिंग कॉन्टेस्ट (आईसीपीसी) एशिया रीजनल कानपुर साइट का खिताब जीता।
आठ समस्याओं का समाधान करने वाली आईआईटी रुड़की की टीम मलाई चाप एक्सट्रा मसाला दूसरे स्थान पर रही। जबकि इतनी ही समस्याएं 13 मिनट की देरी से हल करने पर आईआईटी बॉम्बे की टीम जस्ट बेटर को तीसरा स्थान मिला।
सीएसजेएमयू में आयोजित कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का ओलंपियाड कहे जाने वाले आईसीपीसी के फाइनल राउंड में टीमों को 11 अत्यंत चुनौतीपूर्ण एल्गोरिद्मिक समस्याएं दी गईं, जिन्हें सीमित समय और भारी दबाव में हल करना था। प्रतियोगिता के दौरान लीडरबोर्ड पर लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले।
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कुछ समस्याएं सभी टीमों के लिए कठिन साबित हुईं, जिससे प्रतियोगिता के उच्च स्तर का अंदाजा लगा। आईआईटी, आईआईआईटी समेत देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों की टीमों ने प्रतियोगिता में टीमवर्क, रणनीति और सटीकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के बाद प्रतिभागी समाधान साझा करते और रणनीतियों पर चर्चा करते नजर आए। रीजनल कॉन्टेस्ट डायरेक्टर डॉ. संदेश गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से त्रुटिरहित रही। उन्होंने बताया कि 106 पंजीकृत टीमों में से 101 ने प्रतियोगिता में भाग लिया, जबकि पांच टीमें अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सकीं।
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आठ समस्याओं का समाधान करने वाली आईआईटी रुड़की की टीम मलाई चाप एक्सट्रा मसाला दूसरे स्थान पर रही। जबकि इतनी ही समस्याएं 13 मिनट की देरी से हल करने पर आईआईटी बॉम्बे की टीम जस्ट बेटर को तीसरा स्थान मिला।
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सीएसजेएमयू में आयोजित कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का ओलंपियाड कहे जाने वाले आईसीपीसी के फाइनल राउंड में टीमों को 11 अत्यंत चुनौतीपूर्ण एल्गोरिद्मिक समस्याएं दी गईं, जिन्हें सीमित समय और भारी दबाव में हल करना था। प्रतियोगिता के दौरान लीडरबोर्ड पर लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले।
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कुछ समस्याएं सभी टीमों के लिए कठिन साबित हुईं, जिससे प्रतियोगिता के उच्च स्तर का अंदाजा लगा। आईआईटी, आईआईआईटी समेत देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों की टीमों ने प्रतियोगिता में टीमवर्क, रणनीति और सटीकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के बाद प्रतिभागी समाधान साझा करते और रणनीतियों पर चर्चा करते नजर आए। रीजनल कॉन्टेस्ट डायरेक्टर डॉ. संदेश गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से त्रुटिरहित रही। उन्होंने बताया कि 106 पंजीकृत टीमों में से 101 ने प्रतियोगिता में भाग लिया, जबकि पांच टीमें अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सकीं।