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आईआईटी कानपुर में स्टूडेंटाें की बढ़ेगी मुश्किलें, पढ़िए अाखिर क्या हुअा ऐसा
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Wed, 17 Aug 2016 01:39 PM IST
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अार्ईअार्ई कानपुर में साथी की माैत के बाद प्रर्दशन करते छात्र (फाइल फाेटाे)
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मैटेरियल साइंस के रिसर्च स्कॉलर आलोक कुमार पांडेय की मौत और तीन दिनों तक चले आंदोलन पर इंस्टीट्यूट एडवाइजरी कमेटी (आईएसी) ने मंगलवार को आईआईटी प्रशासन को रिपोर्ट दे दी। सूत्राें के मुताबिक रिपाेर्ट में उग्र आंदाेलन काे लेकर कर्ई बाताें का जिक्र किया गया है। इसकी पुष्टि निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने की है। निदेशक का कहना है कि रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है।
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अार्ईअार्ई कानपुर में साथी की माैत के बाद प्रर्दशन करते छात्र (फाइल फाेटाे)
संस्थान की हुर्ई बदनामी
आईआईटी में हुए आंदोलन पर आईएसी ने चिंता जताई है। रिपोर्ट देते हुए कहा है कि इस घटना से देश के श्रेष्ठ संस्थान की बदनामी हुई है। दोबारा प्रदर्शन न हो, इसकी व्यवस्था अब सुनिश्चित करनी पड़ेगी। आईएसी ने आंदोलन के पीछे बाहरी व्यक्तियों के हाथ होने की आशंका जताई है। कहा है कि बाहरी तत्व कैंपस में देखे गए हैं। यह सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चूक है। साथ ही संस्थान के भी कुछ छात्राें काे चिन्हित किया जा सकता है। अब आईआईटी प्रशासन को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। यह रिपोर्ट 20 अगस्त तक आ सकती है। सूत्रों ने बताया कि यदि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में स्टूडेंटों की भूमिका खराब मिली तो अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है।
आईआईटी में हुए आंदोलन पर आईएसी ने चिंता जताई है। रिपोर्ट देते हुए कहा है कि इस घटना से देश के श्रेष्ठ संस्थान की बदनामी हुई है। दोबारा प्रदर्शन न हो, इसकी व्यवस्था अब सुनिश्चित करनी पड़ेगी। आईएसी ने आंदोलन के पीछे बाहरी व्यक्तियों के हाथ होने की आशंका जताई है। कहा है कि बाहरी तत्व कैंपस में देखे गए हैं। यह सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चूक है। साथ ही संस्थान के भी कुछ छात्राें काे चिन्हित किया जा सकता है। अब आईआईटी प्रशासन को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। यह रिपोर्ट 20 अगस्त तक आ सकती है। सूत्रों ने बताया कि यदि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में स्टूडेंटों की भूमिका खराब मिली तो अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है।