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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   IIT Kanpur: Record breaking 152 IPRs filed in 2024, total number till now is 1200

आईआईटी कानपुर: 2024 में रिकॉर्ड तोड़ 152 आईपीआर किए दाखिल, अब तक कुल संख्या हुई 1200

Sat, 04 Jan 2025 02:09 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 04 Jan 2025 02:09 PM IST
सार

Kanpur News: 124 पेटेंट, 10 डिजाइन, दो कॉपीराइट और छह ट्रेडमार्क आवेदन के साथ-साथ सात अमेरिकी, दो चीन और एक यूरोपीय पेटेंट शामिल। 2023 में 122 आईपीआर दाखिल हुए थे।

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IIT Kanpur: Record breaking 152 IPRs filed in 2024, total number till now is 1200
आईआईटी कानपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आईआईटी कानपुर ने लगातार चौथे साल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) दाखिल करने में बढ़त हासिल की है। 2024 में संस्थान ने 152 आईपीआर आवेदन किए हैं। इनमें 124 पेटेंट, 10 डिजाइन पंजीकरण के अलावा दो काॅपीराइट और छह ट्रेडमार्क आवेदन भी शामिल हैं। इसके अलावा सात अमेरिकी, दो चीन और एक यूरोपीय पेटेंट भी शामिल हैं। तकनीक हस्तांतरण भी 12.91 फीसदी रहा है। 2023 में संस्थान ने 122 आईपीआर दाखिल किए थे।
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संस्थान अभी तक 1200 आईपीआर दाखिल कर चुका है। इसमें बड़ी संख्या अत्याधुनिक तकनीक से संबंधित पेटेंट की है। मेडटेक और नैनो टेक्नोलॉजी में दखल बढ़ाते हुए आईआईटी ने ट्रांसडर्मल पैच, क्रिप्टोग्राफिक एक्सेलेरेशन के लिए क्रिप्टोसेलर और चाप सा मेटल-कटिंग मशीन, हाइब्रिड-संचालित इलेक्ट्रिक टावर कार और दरार वृद्धि को मापने के लिए एक कांटेक्टलेस ऑटोमेटेड टूल का पेटेंट कराया है। बीते साल में संस्थान ने सात प्रौद्योगिकियों के लिए लाइसेंस ट्रांसफर किए है और दो ग्राउंड-ब्रेकिंग उत्पाद एयर सैंपलिंग डिवाइस और मेटामटेरियल क्लोकिंग सिस्टम अनालक्ष्य को लांच किया है।
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वहीं, संस्थान को प्रभावशाली प्रौद्योगिकी हस्तांतरण गतिविधियों के लिए स्टेम इंपैक्ट अवार्ड्स 2024 से भी सम्मानित किया गया है। यह तीसरी बार है जब संस्थान को अवार्ड के लिए मान्यता मिली। इस वर्ष यह पुरस्कार नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए हैप्टिक स्मार्ट वॉच की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए दिया गया। निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि इस साल 152 आईपीआर दाखिल करना और लगातार इसमें वृद्धि होने से शोध एवं अनुसंधान कार्यों की झलक मिलती है। 2025 में अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं को बढ़ाने और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जिससे समाज में स्थाई प्रभाव देने वाले नवाचारों का निर्माण किया जा सके।
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