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प्रोस्टेट कैंसर का कारण पता लगाने वालीं प्रो. बुशरा सीएनआर राव फैकल्टी अवॉर्ड 2018 से होंगी सम्मानित

Mon, 12 Aug 2019 02:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 12 Aug 2019 02:04 AM IST
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iit kanpur professor get cnr rao faculty award 2018
आईआईटी कानपुर

प्रोस्टेट कैंसर का कारण पता लगाने वालीं आईआईटी कानपुर की सीनियर प्रोफेसर प्रो. अतीक बुशरा को प्रतिष्ठित सीएनआर राव फैकल्टी अवॉर्ड 2018 से सम्मानित किया जाएगा। हालांकि अवॉर्ड देने की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।

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प्रो. बुशरा ने हाल ही में एक रिसर्च के जरिये पता किया था कि प्रोस्टेट में स्पिंक-1 जीन के चलते ट्यूमर होता है। यह आगे चलकर फेफड़े और पैक्रिएटिक तक को प्रभावित कर देता है जिससे इंसान का बचना मुश्किल हो जाता है।

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अब चूंकि इस प्रोस्टेट कैंसर का पता चल गया है तो वैज्ञानिक इसका इलाज भी ढूंढ पाएंगे। बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग (बीएसबीई) विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. बुशरा अतीक को अवॉर्ड देने का एलान रविवार को इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने किया।

उन्होंने बताया कि यह अवॉर्ड इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्र रंगाराजन वेलामोरे ने रिसर्च के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए शुरू कराया था। इस अवॉर्ड के तहत पांच लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

केवल पुरुषों में होती यह बीमारी

प्रोस्टेट कैंसर केवल पुरुषों में होता है। ज्यादातर पीड़ित 50 या इससे अधिक आयु वर्ग के होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि धीरे-धीरे यह समस्या कब कैंसर का रूप ले लेती है, यह कोई भी पीड़ित नहीं समझ पाता। डॉक्टर इसका असर कम करने के लिए दवा जरूर चलाते हैं मगर यह कारगर साबित नहीं होती है। कारण, अभी तक प्रोस्टेट में ट्यूमर उत्पन्न होने का कारण नहीं पता चल पाया था।

इससे न तो सही इलाज संभव हो पा रहा था और न ही इसकी असली दवा बनी थी। प्रो. बुसरा ने बताया कि प्रोस्टेट में मौजूद स्पिंक जीन ट्यूमर का रूप धारण कर लेता है जिसके चलते कैंसर होता है। आगे चलकर यही जीन इंसान के फेफड़े और पैनक्रिएटिक, छाती और ओवैरियन कैंसर में तब्दील हो जाती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह स्पिंक जीन ईजेडएच-2 प्रोटीन से तैयार होते हैं।

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