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Kanpur News: आईआईटी विशेषज्ञों ने जांची पानी, मिट्टी की गुणवत्ता

Fri, 10 Jul 2026 01:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 10 Jul 2026 01:49 AM IST
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IIT experts tested water and soil quality
रनियां (कानपुर देहात)। आईआईटी विशेषज्ञों की चार सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार को खानचंद्रपुर पहुंची। टीम ने क्रोमियम डंप स्थल से करीब पांच किलोमीटर दायरे में पड़ताल कर मिट्टी और पानी की गुणवत्ता जांची। टीम ने मिट्टी के पांच और पानी के 20 नमूने लिए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक क्रोमियम के प्रभाव से मिट्टी की उर्वरा क्षमता घट गई है।
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आईआईटी कानपुर के शोधकर्ता तन्मय सिंह, सोनू कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर सुभाष प्रसाद अपनी चार सदस्यीय टीम लेकर दोपहर एक बजे के करीब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय रनियां पहुंचे। यहां उन्होंने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी मनोज चौरसिया से खानचंद्रपुर डंप स्थल और उसके आसपास के गांव की भौगोलिक स्थिति जानी। टीम यहां से सभी जानकारी जुटाने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के मॉनिटरिंग असिस्टेंट और एमटीएस के साथ सबसे पहले खानचंद्रपुर स्थित क्रोमियम डंप स्थल पर पहुंची।
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टीम ने डंप स्थल के एरिया को और सड़क किनारे क्रोमियम के प्रभाव की बारीकी से जांच की। टीम को डंप स्थल पर व सड़क किनारे बारिश का पानी भरा मिला। कुछ जगहों पर बारिश का पानी मटमैला व कुछ जगह हल्दी के रंग में पीला नजर आया। टीम ने डंप स्थल से करीब डेढ़ से दो फीट तक खोदाई कर एक मिट्टी का नमूना लिया। इसके साथ ही सड़क किनारे क्रोमियम युक्त मिट्टी के दो और गड्ढों में भरे पानी से एक नमूना लिया। इसके बाद डंप स्थल के नजदीकी पेपर मिल और प्लास्टिक फैक्टरी की लैब से पानी के दो सैंपल लिए।
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इसके बाद टीम ने घारमपुर गांव के हैंडपंपों से आ रहे पानी के बारे में जानकारी की। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि पानी में कभी-कभी दुर्गंध आती है, पानी भी मटमैला आता है। विशेषज्ञ यहां से पानी के दो नमूने लेकर शिवनाथपुरवा आ गए। शिवनाथपुरवा में हैंडपंप चलवा कर देखे। दूषित पानी की आशंका पर यहां से पानी के पांच नमूने लिए। वहीं, खानचंदपुर, यादवपुरवा के सरकारी व निजी हैंडपंप से पानी के पांच, एक खेत से मिट्टी एक का नमूना लिया। चौहानपुरवा में हैंडपंपों से पानी के तीन, खेत की मिट्टी से एक, पास बने पंप हाउस से पानी का एक सैंपल लिया। सभी सैंपल टीम अपने साथ कानपुर ले गई है।
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डंप स्थल से पांच किमी दूर घाटमपुर रजबहा से लिया सैंपल
आईआईटी विशेषज्ञों की टीम ने क्रोमियम प्रभावित खानचंद्रपुर की स्थिति देखने के बाद गांव के किसानों से मवेशियों के पानी पिलाने व खेतों में इस्तेमाल किए जा रहे पानी के स्रोत के बारे में जानकारी जुटाई। कुछ ग्रामीणों ने फसल सिंचाई में घाटमपुर रजबहा से पानी लेने की जानकारी दी। इस पर टीम डंप स्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर मटियामऊ रोड किनारे से निकले घाटमपुर रजबहा पहुंची। यहां से भी टीम ने पानी का एक सैंपल लिया।
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पीने के पानी के बारे जुटाई जानकारी
टीम ने खानचंद्रपुर, चौहानपुरवा, यादवपुरवा के लोगों से पीने के पानी के बारे में जानकारी की। लोगों ने बताया कि कुछ लोग पानी के जार मंगवा कर इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ लोग नलकूप से हो रही आपूर्ति के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी जानकारी पर टीम ने चौहानपुरवा में बने नलकूप पर पहुंच कर एक पानी नमूना लिया।

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अगले सप्ताह शेष गांवों से लिए जाएंगे नमूने
आईआईटी कानपुर के रिसर्चर तन्मय सिंह ने बताया कि खानचंद्रपुर में लंबे समय से क्रोमियम युक्त पानी और मिट्टी से आसपास गांवों में काफी परेशानी हो रही है। पीने का पानी और उपजाऊ मिट्टी को क्रोमियम ने खराब कर दिया है। पहले दिन टीम ने डंप स्थल, खानचंद्रपुर और घारमपुर, शिवनाथपुरवा में भ्रमण कर पानी व मिट्टी के नमूने जुटाए हैं। अगले सप्ताह में उमरन, कुंभी और अन्य स्थानों से मिट्टी और पानी के सैंपल लिए जाएंगे।
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