{"_id":"57c40ec84f1c1b644b2cb2c5","slug":"iit-e-summit-social-antrpranyoron-the-tips-given","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" आईआईटी ‘ई-समिट’ में सोशल एंटरप्रन्योरों ने दिए टिप्से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटी ‘ई-समिट’ में सोशल एंटरप्रन्योरों ने दिए टिप्से
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Mon, 29 Aug 2016 07:37 PM IST
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आरती विज
अगर आपकी सोच दूसरों से अलग है तो आप वह सब कुछ हासिल कर सकते हैं जो आपका सपना है। यह बात रविवार को आइआइटी में सोशल एंटरप्रन्योर और वाई सेंटर के फाउंडर धैर्य पुजारा ने कही। ‘दि इंडियन एंटरप्रन्योर समिट 2016’ के ‘सोचा अनकन्वेंशन’ सेशन में पुजारा का आइआइटीयंस के लिए सवाल था कि जब आपके पास हुनर है तो नौकरी के पीछे क्यों भागना? जवाब न मिलने पर खुद ही बोल पड़े, क्योंकि आप डरते हो कि पढ़ाई के बाद नौकरी नहीं करेंगे तो लोग क्या सोचेंगे। लोगों के सोचने का यह डर दिमाग से निकाल दो तो आप एक सफल आदमी बन जाओगे।
करीब पौन घंटे के संबोधन में पुजारा ने अपने जीवन से जुड़ी कई बातें साझा कीं। बताया किस तरह से वे बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से एमएस करने के बाद सोशल एंटरप्रन्योर बने। उन्होंने आइआइटीयंस को मैसेज दिया। कहा, तकनीक के इस हुनर का बेहतर उपयोग कर कम्युनिटी में चेंज लाओ। लोगों की मदद करो। आप बेहद अच्छा फील करोगे। सेशन में बांग्लादेश के सोशल एंटरप्रन्योर और नोबल पुरस्कार विजेता प्रो. मोहम्मद यूनुस ने भी स्टूडेंटों को सोशल एंटरप्रन्योरशिप की तरफ बढ़ने के लिए मोटिवेट किया।
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करीब पौन घंटे के संबोधन में पुजारा ने अपने जीवन से जुड़ी कई बातें साझा कीं। बताया किस तरह से वे बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से एमएस करने के बाद सोशल एंटरप्रन्योर बने। उन्होंने आइआइटीयंस को मैसेज दिया। कहा, तकनीक के इस हुनर का बेहतर उपयोग कर कम्युनिटी में चेंज लाओ। लोगों की मदद करो। आप बेहद अच्छा फील करोगे। सेशन में बांग्लादेश के सोशल एंटरप्रन्योर और नोबल पुरस्कार विजेता प्रो. मोहम्मद यूनुस ने भी स्टूडेंटों को सोशल एंटरप्रन्योरशिप की तरफ बढ़ने के लिए मोटिवेट किया।
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गिरोगे नहीं तो जीतोगे कैसे
चांद दास
आइटीसी के पूर्व सीईओ चांद दास ने बेहतरीन अंदाज में स्टूडेंटों से संवाद किया। कहा, अपने लिए सभी जीते हैं। आप यहां से पढ़ाई करने के बाद अच्छे पैकेज पर नौकरी हासिल कर लोगे, लेकिन इससे दूसरों को क्या मिलेगा। दुनिया में आप जैसे तेज-तर्रार सोच वालों की कमी है। दुनिया आपकी तरफ मदद की निगाह से देख रही है, इसलिए आप उनकी मदद को अपने कदम बढ़ाओ। दास ने स्टूडेंटों को मोटिवेट भी किया। कहा, अगर आप गिरने के डर से अपने कदम नहीं बढ़ा रहे हो तो यह आपकी भूल है। क्योंकि जबतक आप गिरोगे नहीं, जीतने की ललक आपमें नहीं आएगी।
टेक्ेनोलॉजी एंड एंटरप्रन्योरशिप लाइफ का टूल
वक्तव्य
यूनुस सोशल बिजनेस स्कूल की को-फाउंडर आरती बिज ने सोशल एंटरप्रन्योरशिप के फायदे बताए। कहा, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रन्योरशिप एक टूल की तरह होते हैं जो हमें कम्युनिटी की मदद के लिए ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि आप बेहतर बिजनेस करके पैसा तो कमा सकते हो, लेकिन एक समय आएगा जब आपके पास सबकुछ होते हुए भी कुछ नहीं रहेगा। इसलिए पैसे के पीछे भागने से अच्छा लोगों की मदद के लिए आगे आओ।
विजेताओं को मिले पुरस्कार
पुरस्कार
तीन दिनी ई-समिट में कई प्रतियोगिताएं र्हुइं। इसमें देश के कई बड़े एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से आए स्टूडेंटों ने शिकरत की। प्रतियोगिता के विजेता रविवार को पुरस्कृत हुए।
ये हैं विजेता
अप स्टार्ट सोचा
1. टीम मांक टेक्नोलॉजी
2. टीम डिसैंट्रिक
अप स्टार्ट बिज
1. टीम इनफिसिक्योर
2. हेल्प अस ग्रीन
डिसक्राइप्ट
1. टीम मेवरीक
2. टीम स्पेक्ट्री
पिच योर प्रोडक्ट
1. टीम इनऐक्टस करोड़ी मल
2. टीम कैबमी
सोशल पायलट
- टीम उड़ान
- टीम राहत
निरूशक्तजनों के लिए स्टूडेंटों का वरदान
धैर्य पुजारा
ई-समिट के स्टार्ट अप सोचा प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार हासिल करने वाले स्टूडेंट कोयंबटूर से थे। उनकी टीम मांक टेक्नोलॉजी थी। टीम के लीडर जीतो आनंद और एंटोनी एडिसन ने निरूशक्तजनों के लिए आर्टिफिशियल बॉडी मसल तैयार किया है। यह उन लोगों के लिए है जिनके हाथ नहीं होते। वह इस मसल के जरिए आसानी से अपना जीवन यापन कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसकी कीमत दूसरी मसल से कहीं ज्यादा कम है। एंटोनी के मुताबिक फिलहाल बाजार में दो से तीन लाख रुपये में इस तरह के मसल मिलते हैं जिसे वह महज 80,000 में तैयार करते हैं।
सेनैट्री पैड के लिए चला रहे अवेयरनेस प्रोग्राम
सोशल पायलट प्रतियोगिता में उड़ान टीम ने बाजी मारी। टीम में इंदौर एक्रो पोलिक इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट अविनाश, इशांत, दीक्षांत, देवेश शर्मा शामिल थे। अविनाश ने अपने सोशल कंपनी के बारे में बताया। कहा कि वह उड़ान संस्थान के जरिए महिलाओं में सेनेट्री के लिए अवेयरनेस प्रोग्राम चलाते हैं। महिलाओं को सस्ते सेनेट्री पैड तैयार करने के लिए प्रशिक्षण भी देते हैं।
सेनैट्री पैड के लिए चला रहे अवेयरनेस प्रोग्राम
सोशल पायलट प्रतियोगिता में उड़ान टीम ने बाजी मारी। टीम में इंदौर एक्रो पोलिक इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट अविनाश, इशांत, दीक्षांत, देवेश शर्मा शामिल थे। अविनाश ने अपने सोशल कंपनी के बारे में बताया। कहा कि वह उड़ान संस्थान के जरिए महिलाओं में सेनेट्री के लिए अवेयरनेस प्रोग्राम चलाते हैं। महिलाओं को सस्ते सेनेट्री पैड तैयार करने के लिए प्रशिक्षण भी देते हैं।