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मो. इफ्तिखारुद्दीन प्रकरण : एसआईटी ने बताया आईएएस ने आठ जिलों में साहित्य के जरिये की थी धर्मांतरण की कोशिश
Sat, 30 Oct 2021 02:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 30 Oct 2021 02:35 PM IST
सार
कानपुर में तैनात रहे वरिष्ठ आईएएस मो. इफ्तिखारुद्दीन पर लगे धर्मांतरण कराने के आरोपों को एसआईटी ने जांच में सही पाया है।
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मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन,आईएएस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में मंडलायुक्त के पद पर तैनाती के दौरान सरकारी आवास पर तकरीरें और धर्म का प्रचार करने के आरोपों से घिरे वरिष्ठ आईएएस मो. इफ्तिखारुद्दीन ने आठ जिलों में लोगों का धर्मांतरण कराने का प्रयास किया था। इस बात का जिक्र एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में किया है। उन्होंने साहित्य के जरिये लोगों में धर्मांतरण का संदेश दिया था।
सरकारी आवास पर लोगों को धर्म विशेष से जुड़ने की दलीलें देते आईएएस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 20 दिनों तक प्रकरण की जांच की, जिसमें उन्हें आईएएस से संबंधित 65 अन्य वीडियो मिले थे।
टीम ने तीन किताबें भी बरामद की थीं, जिनमें आपत्तिजनक संदेश मिले थे। एसआईटी ने जांच में इन संदेशों को अलग से दर्शाया है। रिपोर्ट शासन तक पहुंच चुकी है। धर्मांतरण के लिए उकसाने के साक्ष्य तलाशने के लिए एसआईटी ने कानपुर शहर, उन्नाव, औरैया, सहारनपुर, मुज्जफर नगर समेत आठ जिलों में लोगों की तलाश की, लेकिन एक भी शख्स ने सामने आकर अपने बयान दर्ज नहीं कराए।
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सरकारी आवास पर लोगों को धर्म विशेष से जुड़ने की दलीलें देते आईएएस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 20 दिनों तक प्रकरण की जांच की, जिसमें उन्हें आईएएस से संबंधित 65 अन्य वीडियो मिले थे।
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टीम ने तीन किताबें भी बरामद की थीं, जिनमें आपत्तिजनक संदेश मिले थे। एसआईटी ने जांच में इन संदेशों को अलग से दर्शाया है। रिपोर्ट शासन तक पहुंच चुकी है। धर्मांतरण के लिए उकसाने के साक्ष्य तलाशने के लिए एसआईटी ने कानपुर शहर, उन्नाव, औरैया, सहारनपुर, मुज्जफर नगर समेत आठ जिलों में लोगों की तलाश की, लेकिन एक भी शख्स ने सामने आकर अपने बयान दर्ज नहीं कराए।
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