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होशियार! कहीं आपका किरायेदार आतंकी तो नहीं

Sat, 11 Mar 2017 06:13 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 11 Mar 2017 06:13 AM IST
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If your tenant Is terrorist
डेमो

एनकाउंटर में मारे गए आतंकी फैजुल्ला को कमरा किराये पर देने वालों को शायद ये नहीं पता था कि उनके घर में जो शख्स रह रहा है वो देश का दुश्मन है। खुरासान मॉड्यूल से जुड़े आतंकी सदस्य किराये के मकानों में रहकर अपने नापाक मंसूबे तैयार कर रहे थे। अब ऐसे मकान मालिकों को सबसे ज्यादा होशियारी बरतने की जरूरत है। 

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किराएदारों की कुंडली खंगालने का प्लान तैयार
लखनऊ में एसटीएफ ने कई घंटों की मुठभेड़ के बाद मकान में छिपे आतंकी को ढेर कर दिया। तफ्तीश हुई तो पता चला कि पिछले तीन महीनों से किराएदार बनकर रह रहा आतंकी इलाके की टोह ले रहा था। इस घटना के बाद से जारी अलर्ट को देखते हुए अब कानपुर और औरैया में भी पुलिस किराएदारों की कुंडली खंगालने का प्लान तैयार कर रही है। तफ्तीश में नगर प्रशासन और मतदाता पुनरीक्षण सर्वे की मदद भी ली जा सकती है। 

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कोई सत्यापन नहीं कराया जा रहा

कानपुर, इटावा, औरैया जिलों में हजारों लोगों ने अपने मकान के कमरों को किराए पर उठा रखा है। किराएदारों के बारे में मकान मालिकों द्वारा भी कोई सत्यापन नहीं कराया जा रहा है। स्थानीय पुलिस के पास भी इसकी कोई जानकारी नहीं होती कि शहर में कितने मकानों में कितने किराएदार रह रहे हैं। एहतियातन कोतवाली पुलिस शहर की सभी चौकियों की मदद से संबंधित क्षेत्र में मकानों का सत्यापन कराएगी। जहां किराएदार रह रहे हैं, उनमें किराएदारों के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के अलावा उनके पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की फोटो कॉपी मकान मालिक के सत्यापन के साथ ली जाएगी। ताकि, किसी भी प्रकार की अनहोनी में तत्काल मदद मिल सके। इस संबंध में औरैया के एसपी रामकिशोर ने कहा कि मतगणना के बाद किराएदारों के सत्यापन के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं छोड़ी जाएगी।

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ये हैं नियम
यूं ही मकान के कमरों को किराए पर नहीं उठाया जा सकता। किराएदार रखने से पहले मकान मालिक को किराएदारों के बारे में पूरी जानकारी लिखित रुप में लेनी होती है। इसमें किराए पर रहने आए लोगों से उनके परिचय पत्र, किसी स्थानीय व्यक्ति की लिखित गारंटी और शपथ पत्र भी शामिल होता है। बाद में मकान मालिक को किराएदारों की पूरी लिखित जानकारी मोबाइल नंबर के साथ संबंधित थाना अथवा चौकी प्रभारी को देनी होती है।  


कम्प्यूटर कोर्स करने का बहाना
लखनऊ काकोरी मदरसा के मौलाना करीम बताते हैं कि बादशाह नाम का व्यक्ति इस घर का मालिक हैं जो सउदी अरब में रहता है। वे मलिहाबाद के रहने वाले हैं। हमने मकान मालिक के कहने पर एक महीने पहले चार लड़कों को तीन हजार रुपए किराये पर एक कमरा दिया था । ये लड़के खुद को कानपुर निवासी बता रहे थे। चारों लड़कों ने यह बता के कमरा लिया था कि वह कंप्यूटर की कोंचिग करने के लिए लखनऊ आए हैं। उनका नाम दानिश‚ इमारन‚ फैसल और सैफुल्लाह बताएं थे। करीम ने बताया कि सैफुल्ला व उसके साथी एक कमरे में रहता था। बगल वाले कमरे में महबूब नाम का टैक्सी ड्राइवर किराये पर रहता था जो कि घटना वाले दिन रूम पर नहीं था। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि संदिग्ध युवक मस्जिद में हर जुमा कि नमाज अदा करने पास के मस्जिद जरूर जाते थे। पड़ोसी नजीम ने बताया कि तीन दिन से एक ही लड़का दिख रहा था, लेकिन हमें कभी ऐसा लगा नहीं कि वो ऐसा होगा।

                         

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