फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   if you eat pulses in lunch and dinner this news only for you

दालें खाने के हैं शाैकीन ताे जनाब इधर भी दीजिये ध्यान

Sun, 03 Dec 2017 11:47 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 03 Dec 2017 11:47 AM IST
विज्ञापन
if you eat pulses in lunch and dinner this news only for you
डेमो पिक
दाेपहर का लंच हाे या रात का ड‌िनर अगर खाने में अाप काे दाल चा‌ह‌िये ही चाह‌िये ताे ये खबर अाप के ल‌िये है। अाप काे जानकर हैरानी हाेगी ‌क‌ि दलहन उत्पादन प‌िछले कुछ सालाें में 7 से बढ़कर 23 मिलियन टन तक पहुंचा गया है। 
विज्ञापन

 

भारत में दलहनी फसलों पर शोध के शनिवार को 50 साल पूरे हो गए

if you eat pulses in lunch and dinner this news only for you
डेमो पिक
भारत में दलहनी फसलों पर शोध के शनिवार को 50 साल पूरे हो गए। इस मौके पर भारतीय दलहन शोध एवं विकास समिति और भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान की ओर से ‘पोषण, सुरक्षा एवं टिकाऊ खेती में दलहनी फसलें’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। 

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

उत्पादन 7 मिलियन टन से बढ़कर 23 मिलियन टन तक पहुंच गया है

if you eat pulses in lunch and dinner this news only for you
डेमो पिक

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान में मुख्य अतिथि कुलाधिपति केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय इंफाल प्रो. आरबी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा कि दलहन पर शोध का नतीजा है कि उत्पादन 7 मिलियन टन से बढ़कर 23 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

 

 

विज्ञापन

देश में दलहनी फसलों पर आत्मनिर्भरता बढ़ गई है

if you eat pulses in lunch and dinner this news only for you
डेमो पिक

देश में दलहनी फसलों पर आत्मनिर्भरता बढ़ गई है। इसी तरह दलहनी फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी होती रही तो आने वाले कुछ सालों में ही भारत यहां से साउथ एशिया के नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, मालद्वीप सहित अन्य देशों को दाल निर्यात करने की स्थिति में खड़ा होगा।

 

 

if you eat pulses in lunch and dinner this news only for you
डेमो पिक

दलहन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दलहनी फसलों पर लगातार शोध कार्य चल रहा है। इसका लाभ सीधे किसानों और देश को मिलेगा। इसमें डॉ. पीके कटियार, पूर्व सहायक महानिदेशक इकार्डा डॉ. एमसी सक्सेना सहित अन्य कृषि विज्ञानियों ने भी अपने विचार रखे।

 

 

भारत में दलहन उत्पादन में हो रही कमी महज 2 से 3 सालों में पूरी हो जाएगी

if you eat pulses in lunch and dinner this news only for you
डेमो पिक

इसमें विज्ञानियों के साथ ही व्यवसायी, छात्र, किसान सहित पांच सौ से अधिक लोग शामिल हुए। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कुलपति डॉ. सुशील सोलोमन ने कहा कि भारत में दलहन उत्पादन में हो रही कमी महज 2 से 3 सालों में पूरी हो जाएगी।

 

 

 

किसानों का मोबाइल नंबर सहित डाटा तैयार किया जा रहा है

if you eat pulses in lunch and dinner this news only for you
डेमो पिक
वैज्ञानिकों और किसानों के बीच की दूरी खत्म करने की जरूरत है। जिससे कि किसानों को नए शोध के जरिए खेती से जुड़ी नई जानकारियों से समय-समय पर परचित कराया जा सके। इसके लिए किसानों का मोबाइल नंबर सहित डाटा तैयार किया जा रहा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed