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Kanpur News: दो हजार आता है बिल तो जून में आएगा 2200

Sun, 31 May 2026 02:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 02:15 AM IST
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If the bill comes to Rs 2000 then it will be Rs 2200 in June.
कानपुर। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जून 2026 में अपने बिजली बिलों पर अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के तहत मार्च 2026 के लिए निर्धारित फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) यानी ईंधन अधिभार 10 प्रतिशत लागू किया है। यह सिर्फ जून माह के बिल में लागू होगा। इससे अगर बिल महीने में दो हजार आता है तो जून में बढ़कर 2200 हो जाएगा। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ उद्यमियों के लिए भी इस अतिरिक्त भुगतान से संकट खड़ा होगा।
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यूपी में बिजली की दरों में फ्यूल चार्ज के नाम पर एक जून से 10 प्रतिशत की भार डालना उचित नहीं है। इससे व्यापारियों, उद्यमियों के अतिरिक्त खर्चे बढ़ेंगे। आर्थिक मंदी के दौर में इसे बर्दाश्त करना मुश्किल होगा। यूपी में पहले से ही सबसे महंगी बिजली है। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।- ज्ञानेश मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल।
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यह समय उद्योगों के लिए काफी संकट का समय है और कच्चे माल के रेट काफी बढ़ गए हैं। ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा बढ़ा दिया है जिससे पहले ही उद्योग बहुत प्रभावित हैं। ऐसे में पावर कारपोरेशन को फ्यूल चार्ज बढ़ाने से बचना चाहिए था ताकि उद्योगों को बचाया जा सके। -उमंग अग्रवाल, महासचिव, फीटा
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सही नहीं हैं। स्टेट ऑफ होमुर्ज बंद है और खादी के देशों से व्यापार बंद है। अमेरिका ने बहुत से उत्पाद पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। यूपीपीसीएल के फ्यूल चार्ज बढ़ाने से व्यापारियों पर दोहरी मार पड़ेगी। -रजत गुप्ता, अध्यक्ष, इस्पातनगर उद्योग चैप्टर

4- दस फीसदी अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लेने से छोटी-छोटी एमएसएमई इकाइयां जिन्हें महिलाएं संचालित करती हैं पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। पहले से ही रुपया काफी गिर गया है, उसकी मार छोटे उद्योगों पर पड़ रही है। ऐसे में विद्युत कंपनी का यह फ्यूल चार्ज बढ़ाना बिल्कुल गलत है। डॉ. सुभाषिनी खन्ना, सचिव, महिला इकाई लघु उद्योग भारती ।
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