संशय: आईएएस की रिपोर्ट में पाक साफ, बीडीओ की रिपोर्ट में दोषी, सचिव दीपा के कराए विकास कार्यों का मामला
Kanpur News: मामले में 15 दिन पहले ग्रामीण सचिव की शिकायत लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप के सामने पहुंच गया। इस पर उन्होंने डीडीओ से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। डीडीओ ने बीडीओ शिवराजपुर से जांच कराई। बीडीओ ने वर्ष 2023 में डीपीआरओ की रिपोर्ट के आधार पर मौके पर अधूरा कार्य बताकर रिपोर्ट बनाई।
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कानपुर में शिवराजपुर बसेन ग्राम पंचायत में तैनात रहीं सचिव दीपा के कराए विकास कार्यों को तीन वर्ष पहले जांच कराकर एक आईएसएस ट्रेनी बीडीओ ने पूरा बताया था। अब उन्हीं कार्य को अधूरा बताकर बीडीओ आशीष मिश्रा ने सचिव को दोषी बना दिया। बीडीओ की जांच रिपोर्ट को सही मानकर अभिलेखों का सत्यापन किए बिना डीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह ने दोषी मानते हुए सचिव से 3.62 लाख रुपये की वसूली के आदेश जारी कर दिए।
कार्रवाई के खिलाफ सचिव मंगलवार को सभी दस्तावेज लेकर डीएम के सामने पहुंच गईं। अब डीएम ने फिर जांच के आदेश दिए हैं। वर्ष 2019 से 2021 तक ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) दीपा शिवराजपुर ब्लाक के बसेन ग्राम पंचायत में तैनात थीं। उस समय ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि सचिव ने इंटरलाकिंग, पंचायत भवन आदि विकास कार्य कराए बिना अलग-अलग वर्ष में ग्राम पंचायत के खाते से 3.62 लाख रुपये निकाल लिए।
ग्रामीण ने घोटाले की शिकायत सीडीओ से की
इस पर तत्कालीन डीपीआरओ ने जांच कराई तो सचिव दोषी पाई गईं और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए। दूसरी ओर, सचिव ने कार्रवाई के डर से अधूरे कार्य पूरे करा दिए। इसकी फीडिंग पोर्टल पर कराने के लिए बीडीओ को पत्र लिखा, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। वर्ष 2022 में सचिव का तबादला बिधनू ब्लॉक में हो गया। एक ग्रामीण ने सचिव के घोटाले की शिकायत फिर सीडीओ से की। उन्होंने बीडीओ से जांच कर रिपोर्ट मांगी।
अधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई
शिवराजपुर के तत्कालीन बीडीओ ट्रेनी आईएएस हिमांशू सिंह थे। उन्होंने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी प्रशांत बाजपेई से कार्य की जांच कराई, तो उन्होंने सभी कार्य पूरे बताए। ट्रेनी आईएएस ने वह रिपोर्ट सीडीओ को भेजी थी। सचिव ने बीडीओ, डीडीओ कार्यालय में भी इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई थी। इसके बाद मामला शांत हो गया। वर्ष 2023 में फिर शिकायत हुई, जिसमें तत्कालीन पंचायती राज अधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई।
डीडीओ ने बीडीओ शिवराजपुर से जांच कराई
इसमें सचिव को फिर से दोषी बना दिया। सचिव पर कोई कार्रवाई न होने पर एक ग्रामीण बार-बार डीएम और सीडीओ से शिकायत कर रहा था। करीब 15 दिन पहले ग्रामीण सचिव की शिकायत लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप के सामने पहुंच गया। इस पर उन्होंने डीडीओ से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। डीडीओ ने बीडीओ शिवराजपुर से जांच कराई। बीडीओ ने वर्ष 2023 में डीपीआरओ की रिपोर्ट के आधार पर मौके पर अधूरा कार्य बताकर रिपोर्ट बनाई।
सीडीओ से मामले की दोबारा जांच करने के लिए कहा
सचिव को करीब 3.62 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का दोषी बता दिया। यह रिपोर्ट डीएम को भेजकर 15 किस्तों में धनराशि वसूली के आदेश जारी कर दिए। ग्राम पंचायत के खाते से बिना प्रधान की सहमति के कोई भी धनराशि नहीं निकाली जा सकती है। जांच अधिकारियों ने रिपोर्ट में कहीं पर प्रधान का जिक्र तक नहीं किया। आदेश जारी होने के बाद मंगलवार को सचिव सभी अभिलेख लेकर डीएम के सामने पहुंच गईं। इसे देख उन्होंने सीडीओ से मामले की दोबारा जांच करने के लिए कहा है।
मामला संज्ञान में आया है। सचिव ने ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों के अभिलेख दिए हैं। अपने स्तर से जांच करूंगी। रिपोर्ट गलत बनाई गई है तो जांच अधिकारी पर कार्रवाई होगी। -दीक्षा जैन, सीडीओ