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Kanpur News: पति, सास और ननद बरी, बयान से मुकरे भाई-बहन व मां पर चलेगा मुकदमा
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कानपुर। दहेज हत्या के 19 साल पुराने मुकदमे में आरोपी ससुरालीजनों को पर्याप्त सबूत न मिलने पर अपर जिला जज सप्तम आजाद सिंह की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को बरी कर दिया है। साथ ही कोर्ट में बयान से मुकरने वाले मृतका के भाई-बहन और मां के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश भी कर दिए हैं। मुकदमे में सुनवाई छह जनवरी 2026 को होगी।
फतेहपुर के जाफरगंज निवासी शिवकुमार ने बहन मंजू की शादी कल्याणपुर के मसवानपुर निवासी मनोज कुमार गुप्ता के साथ नवंबर 2000 में लखनऊ में सामूहिक विवाह समारोह में की थी। आरोप है कि पति व ससुरालीजन दहेज के लिए मंजू को प्रताड़ित करते थे।
17 जुलाई 2006 को पड़ोसियों से सूचना मिली कि मंजू जल गई है और हैलट में भर्ती है। जब भाई हैलट पहुंचा तो मंजू ने बताया कि ससुराल वालों ने मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। रात लगभग नौ बजे मंजू की मौत हो गई। कोई ससुरालीजन उसके साथ नहीं था।
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इस पर भाई शिवकुमार ने पति मनोज कुमार गुप्ता, सास शकुंतला, ससुर श्रीराम, देवर पवन, ननद कंचन, ननदोई पप्पू गुप्ता उर्फ कृष्ण कुमार गुप्ता के खिलाफ 26 अगस्त 2006 को दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पवन के अलावा बाकी सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी।
पप्पू और श्रीराम की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। अभियोजन की ओर से मृतका के भाई शिवकुमार, मां चुन्नी देवी और छोटी बहन अंजू देवी समेत 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। भाई-बहन और मां तीनों कोर्ट में बयान से मुकर गए थे।
तीनों ने बयान तो दर्ज करा दिए लेकिन जिरह में उन्होंने समझौता हो जाने की बात कही। पर्याप्त साक्ष्य न होने के आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया लेकिन शिवकुमार, चुन्नी देवी और अंजू देवी के खिलाफ झूठी गवाही देने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर दिए।
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फतेहपुर के जाफरगंज निवासी शिवकुमार ने बहन मंजू की शादी कल्याणपुर के मसवानपुर निवासी मनोज कुमार गुप्ता के साथ नवंबर 2000 में लखनऊ में सामूहिक विवाह समारोह में की थी। आरोप है कि पति व ससुरालीजन दहेज के लिए मंजू को प्रताड़ित करते थे।
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17 जुलाई 2006 को पड़ोसियों से सूचना मिली कि मंजू जल गई है और हैलट में भर्ती है। जब भाई हैलट पहुंचा तो मंजू ने बताया कि ससुराल वालों ने मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। रात लगभग नौ बजे मंजू की मौत हो गई। कोई ससुरालीजन उसके साथ नहीं था।
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इस पर भाई शिवकुमार ने पति मनोज कुमार गुप्ता, सास शकुंतला, ससुर श्रीराम, देवर पवन, ननद कंचन, ननदोई पप्पू गुप्ता उर्फ कृष्ण कुमार गुप्ता के खिलाफ 26 अगस्त 2006 को दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पवन के अलावा बाकी सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी।
पप्पू और श्रीराम की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। अभियोजन की ओर से मृतका के भाई शिवकुमार, मां चुन्नी देवी और छोटी बहन अंजू देवी समेत 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। भाई-बहन और मां तीनों कोर्ट में बयान से मुकर गए थे।
तीनों ने बयान तो दर्ज करा दिए लेकिन जिरह में उन्होंने समझौता हो जाने की बात कही। पर्याप्त साक्ष्य न होने के आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया लेकिन शिवकुमार, चुन्नी देवी और अंजू देवी के खिलाफ झूठी गवाही देने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर दिए।