{"_id":"621d2278264a51171a20e91c","slug":"husband-gets-life-imprisonment-for-dowry-death-akbarpur-news-knp683138252","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। रसूलाबाद के अंता गांव में आठ साल पहले विवाहिता की जलाकर हत्या के मामले में अदालत ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय की अदालत में चल रही थी।
अंता गांव में आशुतोष उर्फ अतुल की पत्नी याचना उर्फ संध्या की 31 मार्च 2013 को जलाकर हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता ताहरपुर ठठिया कन्नौज के गजेंद्र प्रसाद ने उसके पति, सास, ससुर, देवर, जेठानी, जेठ, ननद समेत आठ पर दहेज में चार लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में पुलिस ने सभी के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। इसकी सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट निजेंद्र कुमार की अदालत में हो रही थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति के अलावा सभी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। साथ ही आरोपी पति को घटना का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वितीय, शशिभूषण सिंह चौहान ने बचाव पक्ष के दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि दहेज के लिए हत्या करना जघन्य अपराध है। आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी
विज्ञापन
विज्ञापन
अंता गांव में आशुतोष उर्फ अतुल की पत्नी याचना उर्फ संध्या की 31 मार्च 2013 को जलाकर हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता ताहरपुर ठठिया कन्नौज के गजेंद्र प्रसाद ने उसके पति, सास, ससुर, देवर, जेठानी, जेठ, ननद समेत आठ पर दहेज में चार लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में पुलिस ने सभी के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। इसकी सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट निजेंद्र कुमार की अदालत में हो रही थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति के अलावा सभी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। साथ ही आरोपी पति को घटना का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वितीय, शशिभूषण सिंह चौहान ने बचाव पक्ष के दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि दहेज के लिए हत्या करना जघन्य अपराध है। आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी
विज्ञापन