फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Husband accused of killing four children is in jail, Shivdevi said did not get help from administration

UP: चार बच्चों का हत्यारोपी पति जेल में, दर-दर भटक रही शिवदेवी, बोली- प्रशासन से नहीं मिली सहायता, पढ़ें मामला

Thu, 29 Aug 2024 06:06 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 29 Aug 2024 06:06 AM IST
सार

Unnao News: लालमनखेड़ा गांव में चार मासूम भाई-बहनों की मौत हुई थी। मामले में आरोपी पिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था, जिसे जेल भेज दिया गया था। वहीं, घटना के बाद बिल्कुल अकेले रह गई शिवदेवी दर-दर भटक रही है। कुछ दिन जेठ-जेठानी के यहां, तो कुछ समय मायके में रहकर दिन काट रही है।

विज्ञापन
Husband accused of killing four children is in jail, Shivdevi said did not get help from administration
शिवदेवी के घर में बंद ताला व जानकारी देती जेठानी अनीता - फोटो : amar ujala

विस्तार

उन्नाव जिले में बीघापुर कस्बे के लालमनखेड़ा गांव में दस महीने पहले गांव की ही एक महिला से प्रेम प्रसंग में युवक ने अपने ही चार मासूम बच्चों की जहर देकर हत्या कर दी थी। चार बच्चों की मौत और पति के जेल जाने के बाद से पत्नी शिवदेवी बेसहारा हो गईं। वह दर-दर भटक रही हैं।

विज्ञापन

कुछ दिन गांव में जेठानी के साथ तो कुछ दिन मायके में रह रही है। उसके मुताबिक घटना के बाद अधिकारियों ने आर्थिक मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं मिला। बारासगवर थानाक्षेत्र के गांव लालमन खेड़ा में 19 नवंबर 2023 को वीरेंद्र पासवान ने अपने ही चार मासूम बच्चों मयंक (9), हिमांशी (8), हिमांक (6) और मानसी (4) को जहर दे दिया था।

विज्ञापन
Trending Videos

बिल्कुल अकेली हो गई है शिवदेवी
अपनी करतूत पर पर्दा डालने के लिए बच्चों पर फर्राटा पंखा डालकर, करंट से मौत की बात कही थी। हालांकि बाद में उसने खुद ही अपना गुनाह कबूल लिया था। पत्नी ने पति वीरेंद्र के खिलाफ चार बच्चों की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चारों बच्चों की हत्या और पति के जेल जाने के बाद से शिवदेवी बिल्कुल अकेली हो गई है।

विज्ञापन

प्रशासन से मिला था आश्वासन, अब तक नहीं मिली है सहायता
पीड़िता के मुताबिक घटना के बाद तहसील से पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था। लेकिन कुछ नहीं मिला। शिवदेवी के मुताबिक वह पाई-पाई के लिए मोहताज हैं। वह कुछ दिन गांव में जेठानी अनीता के साथ तो कुछ समय मायके, रायबरेली जिले के गुमास्टा में रहती हैं।

विज्ञापन

बोली- पति को सख्त सजा मिलनी चाहिए
फोन पर बताया कि अन्य सुविधाएं तो दूर उसे राशन तक नहीं मिल पा रहा है। पति को जेल से छुड़ाने की बात पर वह भड़क गईं। बोलीं वह मेरे बच्चों का हत्यारोपी है, उससे मेरा कोई संबंध नहीं। 29 अगस्त को पेशी तारीख लगी है। पति को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

एसडीएम बोले- मामले में पूरी जानकारी नहीं
प्रशासनिक सहायता न मिलने पर जब एसडीएम क्षितिज द्विवेदी से बात की गई तो बताया कि शिवदेवी की समस्याओं का निस्तारण हुआ या नहीं इस मामले में पूरी जानकारी नहीं है। महिला दोबारा आई भी नहीं। फिर भी जो संभव होगा कराया जाएगा।

जानें क्या था पूरा मामला
लालमनखेड़ा गांव में 19 नवंबर को दर्दनाक हादसा हुआ था। करंट की चपेट में आकर एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई थी। बच्चों की मां ने पति के खिलाफ हत्या और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 11 दिन बाद वीरेंद्र पासी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

कीटनाशक खिलाने के बाद मुंह दबाने से हुई थी मौतें
तहरीर के मुताबिक शिवदेवी 19 नवंबर को खेत पर धान काट रही थी। गांववालों से सूचना मिली कि चारों बच्चों की करंट लगने से मौत हो गई। घर आने पर बच्चों के शव पड़े हुए मिले थे। वहीं, मामले में आरोपी पिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। उसने बताया कि चार मासूमों की मौत करंट लगने से नहीं, बल्कि गेहूं में डालने वाली कीटनाशक दवा खिलाने के बाद मुंह दबाने से हुई थी।

गांव की एक महिला से थे अवैध संबंध
आरोपी ने बताया था कि गांव की एक महिला से संबंध को लेकर पत्नी से रोज-रोज के झगड़े से ऊबकर उसने यह हैवानियत भरा कदम उठाया है। उसके जुर्म स्वीकारने के बाद पत्नी ने थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लिया था। पिता के कबूलनामे ने पुलिस की लीपापोती से पर्दा उठा दिया था।

करंट से मौत की बात ही कह रही थी पुलिस
रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना में हैरतअंगेज पहलू यह है कि अभी जिले की पुलिस बयां की गई हकीकत से कदम पीछे कर करंट से मौत की बात ही कह रही है। बारासगवर थाना क्षेत्र के गांव लालमनखेड़ा में 19 नवंबर को वीरेंद्र कुमार पासवान के बेटे मयंक (9), बेटी हिमांशी (8), हिमांक (6) और मांशी (4) के शव घर में पड़े मिले थे।

पूरे घटनाक्रम की थ्योरी ही बदल गई थी
शवों के ऊपर बिजली का पंखा (फर्राटा) पड़ा हुआ था। पंखा देख सभी ने करंट से मौत होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट में जहर देने के साथ गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई थी। लेकिन, पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की थ्योरी ही बदल दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed