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लापरवाही: एक माह से वर्तमान एसपी क्राइम के डिजिटल हस्ताक्षर न होने की वजह से सैकड़ों पासपोर्ट फंसे
Tue, 29 Sep 2020 02:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 29 Sep 2020 02:08 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : शटरस्टॉक्स
कानपुर पुलिस की लापरवाही से एक महीने से सैकड़ों पासपोर्ट अधर में अटके हुए हैं। वजह बनी है पासपोर्ट पर डिजिटल हस्ताक्षर का न होना। इससे आवेदक परेशान हैं। आवेदकों को हर दिन नई तारीख दे दी जा रही है। हालांकि अब अफसरों का कहना है कि एक दो दिन में समस्या का समाधान हो जाएगा।
पासपोर्ट के आवेदन के बाद पुलिस सत्यापन की रिपोर्ट लगती है। इसमें आवेदक के क्षेत्र के थाने से एक रिपोर्ट लगाई जाती है जिसमें पुलिस सत्यापित करती है कि आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला तो नहीं दर्ज है। वहीं एक रिपोर्ट एलआईयू की लगती है।
इसके बाद एसपी दफ्तर के पासपोर्ट सेल में ये सभी दस्तावेज ऑनलाइन हो जाते हैं। इसमें पासपोर्ट सेल प्रभारी एसपी क्राइम के हस्ताक्षर होते हैं। उसके बाद ये पूरी रिपोर्ट पासपोर्ट दफ्तर को ऑनलाइन भेज दी जाती है। पिछले एक महीने से एसपी क्राइम के डिजिटल हस्ताक्षर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
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इस वजह से पासपोर्ट का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। पूरी रिपोर्ट पासपोर्ट सेल में है। हस्ताक्षर न होने की वजह से फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस बारे में एसपी क्राइम डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि डिजिटल हस्ताक्षर गाजियाबाद से बनकर आने हैं। जानकारी की गई तो पता चला है कि हस्ताक्षर बन गए हैं। एक-दो दिन में मिल जाएंगे। इसके बाद लंबित पासपोर्टों का निस्तारण कर दिया जाएगा।
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पासपोर्ट के आवेदन के बाद पुलिस सत्यापन की रिपोर्ट लगती है। इसमें आवेदक के क्षेत्र के थाने से एक रिपोर्ट लगाई जाती है जिसमें पुलिस सत्यापित करती है कि आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला तो नहीं दर्ज है। वहीं एक रिपोर्ट एलआईयू की लगती है।
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इसके बाद एसपी दफ्तर के पासपोर्ट सेल में ये सभी दस्तावेज ऑनलाइन हो जाते हैं। इसमें पासपोर्ट सेल प्रभारी एसपी क्राइम के हस्ताक्षर होते हैं। उसके बाद ये पूरी रिपोर्ट पासपोर्ट दफ्तर को ऑनलाइन भेज दी जाती है। पिछले एक महीने से एसपी क्राइम के डिजिटल हस्ताक्षर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
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इस वजह से पासपोर्ट का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। पूरी रिपोर्ट पासपोर्ट सेल में है। हस्ताक्षर न होने की वजह से फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस बारे में एसपी क्राइम डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि डिजिटल हस्ताक्षर गाजियाबाद से बनकर आने हैं। जानकारी की गई तो पता चला है कि हस्ताक्षर बन गए हैं। एक-दो दिन में मिल जाएंगे। इसके बाद लंबित पासपोर्टों का निस्तारण कर दिया जाएगा।