फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Hoping for a permanent home, living in a slum

Kanpur News: पक्के घर की आस, जुग्गी-झोपड़ी में काट रहे वनवास

Sun, 23 Aug 2026 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 23 Aug 2026 12:54 AM IST
विज्ञापन
Hoping for a permanent home, living in a slum
कानपुर देहात। शहरी आवास योजना में आवेदन के बाद गरीब परिवार साल भर से कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। पक्के घर की आस में कोई किराये के मकान में तो कोई झुग्गी-झोपड़ी और कोई कच्चे घर में अपना समय काट रहा है। सदर तहसील के रूरा, रनियां व अकबरपुर नगर निकायों में करीब सात हजार से अधिक आवेदनों का सत्यापन अटका है। सत्यापन के नाम पर जिम्मेदार टालमटोल कर रहे हैं।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में सरकार पक्का घर बनाने के लिए तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये की मदद देती है। आवेदन की ऑनलाइन व्यवस्था है। मगर जिला स्तर पर जिम्मेदारों के रवैए से धरातल पर योजना का लाभ पाने के लिए गरीब परिवारों की भागदौड़ कम नहीं हो सकी है। आवेदनों के सत्यापन की समय सीमा तय नहीं होने का फायदा नगर निकाय व तहसील के कर्मी उठाते हैं।
विज्ञापन

हालात ये हैं कि बीते साल आवेदन करने वाले गरीब परिवार तहसील व नगर पंचायत के कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लेकिन सत्यापन नहीं हो पा रहा है। लेखपाल नगर पंचायत कार्यालय जाने को टरकाते हैं तो नगर निकाय कर्मी तहसील में प्रक्रिया लंबित होने की बहानेबाजी कर गुमराह करते हैं। अकबरपुर सदर तहसील के अंतर्गत आवास योजना आवेदनों की पड़ताल में साल भर से आवेदकों के भटकने की हकीकत सामने आई है। करीब सात हजार से अधिक आवेदन निकाय कार्यालयों में ठंडे बस्ते पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

..................
बीते साल हो सकी केवल 1772 आवेदनों की जांच
अकबरपुर नगर निकाय ने बीते साल केवल 885 आवेदनों की जांच पूरी की। इधर रनियां नगर निकाय ने 523 आवेदनों की जांच पूरी की। वहीं रूरा नगर निकाय ने केवल 364 आवेदनों की जांच पूरी की है। बता दें कि ये जिन आवेदनों की जांच पूरी हुई ये बीते साल फरवरी से लेकर सितंबर तक के हैं।
.......................
फोटो-16 देवमूर्ति।
फोटो-17 रचना
अब टूट रही पक्के घर की आस
केस एक :
सिर पर पक्की छत के लिए छह माह पहले ऑनलाइन आवेदन किया था। उम्मीद थी कि जल्द सर्वे हो जाएगा और कॉलोनी मिल जाएगी। मगर अब तक कोई नगर निकाय कर्मी सर्वे तक करने नहीं आया। टिनशेड रखकर किसी तरह से गुजारा करना पड़ रहा है। - देवमूर्ति, रनियां
...................
केस दो :
एक साल पहले कॉलोनी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद दो बाद नगर निकाय कर्मी आकर सर्वे भी कर ले गए। इसके बाद उम्मीद थी कि जल्द कॉलोनी पास हो जाएगी लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। - रचना, रनियां

...................
एक नजर में लंबित आवेदनों की स्थिति
नगर पंचायत - लंबित आवेदन
रूरा : करीब 900
अकबरपुर: करीब 2500
रनियां : करीब 3900
कुल : करीब 7300
..................
बयान..........
समीक्षा कर की जाएगी कार्रवाई
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में ऑनलाइन आए आवेदनों में पात्रता की जांच के बाद कार्यकारी अधिकारी व उप जिलाधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र प्राप्त किए जाते हैं। पूर्व के आवेदनों पर जांच के बाद पात्र पाए गए 1032 लाभार्थियों को पहली किस्त में एक-एक लाख रुपये की किस्त जारी की जा रही है। सत्यापन में अटके आवेदनों की समीक्षा की जाएगी। तभी किस स्तर पर आवेदन लंबित है यह साफ होगा। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन/ प्रभारी अधिकारी नगर निकाय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed