{"_id":"6a8b43180a84b0980707cbf4","slug":"honorarium-not-received-for-months-the-crisis-of-subsistence-deepens-kanpur-news-c-220-1-ka21001-147821-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: महीनों से नहीं मिला मानदेय, भरण-पोषण का गहराया संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: महीनों से नहीं मिला मानदेय, भरण-पोषण का गहराया संकट
Mon, 24 Aug 2026 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
संदलपुर। ग्राम पंचायत लौवा में मानदेय पर तैनात कर्मचारियों को बीते कई महीनों से भुगतान न मिलने के कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। मानदेय न मिलने से कर्मचारियों के परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सामुदायिक शौचालय में तैनात सफाई कर्मी सुनीता ने बताया कि उन्हें अक्तूबर 2025 से अब तक 66 हजार रुपये का मानदेय नहीं मिला है। इससे बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। वहीं गोशाला के केयरटेकर जुगराज सिंह ने बताया कि दिन-रात गोवंशों की सेवा करने के बाद भी उन्हें चार महीने का 24 हजार रुपये मानदेय बकाया है।
पंचायत सहायक प्रवेशजीत का कहना है कि उन्हें आठ महीने का बकाया 48 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। प्रधान मोहिनी देवी ने बताया कि कर्मचारियों और स्वयं के बकाया मानदेय के लिए बीडीओ से लेकर डीपीआरओ तक गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। बीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को जल्द से जल्द बकाया मानदेय का भुगतान कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सामुदायिक शौचालय में तैनात सफाई कर्मी सुनीता ने बताया कि उन्हें अक्तूबर 2025 से अब तक 66 हजार रुपये का मानदेय नहीं मिला है। इससे बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। वहीं गोशाला के केयरटेकर जुगराज सिंह ने बताया कि दिन-रात गोवंशों की सेवा करने के बाद भी उन्हें चार महीने का 24 हजार रुपये मानदेय बकाया है।
विज्ञापन
पंचायत सहायक प्रवेशजीत का कहना है कि उन्हें आठ महीने का बकाया 48 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। प्रधान मोहिनी देवी ने बताया कि कर्मचारियों और स्वयं के बकाया मानदेय के लिए बीडीओ से लेकर डीपीआरओ तक गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। बीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को जल्द से जल्द बकाया मानदेय का भुगतान कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन