{"_id":"603f3c24cab59209604a5d4f","slug":"high-court-waived-50-thousand-fine-on-the-victim-family","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने माफ किया पीड़ित परिवार पर लगा 50 हजार जुर्माना, ये है पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने माफ किया पीड़ित परिवार पर लगा 50 हजार जुर्माना, ये है पूरा मामला
Wed, 03 Mar 2021 01:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 03 Mar 2021 01:11 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर में गोविंदनगर थाना क्षेत्र से करीब छह माह से लापता महिला के मामले में शिकायतकर्ता पीड़ित परिवार पर लगे 50 हजार के जुर्माने को हाईकोर्ट ने माफ कर दिया है। महिला कोर्ट में अपने परिजनों के खिलाफ ही बयान देने के बाद कहां है और किसके साथ है, किसी को नहीं पता।
गुजैनी जी ब्लॉक में किराये में रहने वाले चंद्रप्रकाश शर्मा ने बेटी दिव्या की शादी सन् 2017 में जूही छंगामल हाता निवासी मनीष से की थी। ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे तो मायके में आकर रहने लगी। पिछले साल 28 मार्च को वह लापता हो गई थी।
चंद्रप्रकाश ने ससुराल वालों पर अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो हाईकोर्ट पहुंच गए। कोर्ट ने फटकार लगाई तो पुलिस ने छह माह से लापता महिला को 30 सितंबर को हाईकोर्ट में पेश किया। महिला ने परिजनों के खिलाफ ही बयान दे दिए थे।
विज्ञापन
इस पर कोर्ट ने परिवार पर 50 हजार का जुर्माना लगाया था। पिता ने कोर्ट में जुर्माना माफ करने की अपील डाली। 19 फरवरी 2021 को कोर्ट में हुई जिरह में पीड़ित परिवार के अधिवक्ता अमित पांडेय ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी ढंग से निभाती तो बेटी को खोजने के लिए परिवार को लोगों से कर्ज लेकर हाईकोर्ट न जाना पड़ता। इसके बाद कोर्ट ने जुर्माना माफ कर दिया।
विज्ञापन
गुजैनी जी ब्लॉक में किराये में रहने वाले चंद्रप्रकाश शर्मा ने बेटी दिव्या की शादी सन् 2017 में जूही छंगामल हाता निवासी मनीष से की थी। ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे तो मायके में आकर रहने लगी। पिछले साल 28 मार्च को वह लापता हो गई थी।
विज्ञापन
चंद्रप्रकाश ने ससुराल वालों पर अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो हाईकोर्ट पहुंच गए। कोर्ट ने फटकार लगाई तो पुलिस ने छह माह से लापता महिला को 30 सितंबर को हाईकोर्ट में पेश किया। महिला ने परिजनों के खिलाफ ही बयान दे दिए थे।
विज्ञापन
इस पर कोर्ट ने परिवार पर 50 हजार का जुर्माना लगाया था। पिता ने कोर्ट में जुर्माना माफ करने की अपील डाली। 19 फरवरी 2021 को कोर्ट में हुई जिरह में पीड़ित परिवार के अधिवक्ता अमित पांडेय ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी ढंग से निभाती तो बेटी को खोजने के लिए परिवार को लोगों से कर्ज लेकर हाईकोर्ट न जाना पड़ता। इसके बाद कोर्ट ने जुर्माना माफ कर दिया।