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हार्ट अटैक का मरीज जल्दी अस्पताल पहुंचे तो बचाई जा सकती है जान, ये जानना बेहद जरूरी
Sun, 23 Jun 2019 12:22 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 23 Jun 2019 12:22 PM IST
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कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिनीत गुप्ता को सम्मानित किया गया
- फोटो : अमर उजाला
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हार्ट अटैक के मरीज आमतौर पर चार से आठ घंटे बाद अस्पताल पहुंचते हैं। मरीज जितनी जल्दी पहुंच जाए, उतना अच्छा। ऐसे में इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी करके बंद रक्त का प्रवाह दोबारा शुरू किया जा सकता है और उसके हृदय की मांसपेशियों को हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है।
ये जानकारी कानपुर में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिनीत गुप्ता ने दी। शनिवार को आईएमए की तरफ से गैंजेज क्लब में हुई कार्यशाला में उन्होंने बताया गया कि हृदय में रक्त का प्रवाह अचानक अवरुद्ध होने से हार्ट अटैक पड़ता है।
ऐसा होने पर हृदय की मांसपेशियों से रक्त की आपूर्ति समय रहते न शुरू की जाए तो खतरा बढ़ जाता है। कार्यशाला में सीने में दर्द के अन्य कारणों पर भी चर्चा हुई।
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ये जानकारी कानपुर में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिनीत गुप्ता ने दी। शनिवार को आईएमए की तरफ से गैंजेज क्लब में हुई कार्यशाला में उन्होंने बताया गया कि हृदय में रक्त का प्रवाह अचानक अवरुद्ध होने से हार्ट अटैक पड़ता है।
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ऐसा होने पर हृदय की मांसपेशियों से रक्त की आपूर्ति समय रहते न शुरू की जाए तो खतरा बढ़ जाता है। कार्यशाला में सीने में दर्द के अन्य कारणों पर भी चर्चा हुई।
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