{"_id":"5ba3cf54867a553da22cce60","slug":"head-teacher-beaten-student-brutally","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल न आने पर प्रधानाध्यापक ने बच्चों को बेरहमी से पीटा, 'दलित उत्पीड़न-मारपीट' का मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल न आने पर प्रधानाध्यापक ने बच्चों को बेरहमी से पीटा, 'दलित उत्पीड़न-मारपीट' का मामला दर्ज
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 20 Sep 2018 10:18 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के हमीरपुर जिले में जरिया थानाक्षेत्र के चंडौत गांव में बीमारी के चलते आठ दिन से स्कूल न आने से नाराज प्रधानाध्यापक ने दो सगे भाई छात्रों को पीटकर स्कूल से भगा दिया। उलाहना देने गए छात्रों के पिता से भी अभद्रता की। पीड़ित छात्र की तहरीर पर आरोपी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध दलित उत्पीड़न व मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।
चंडौत गांव निवासी घसीटा के दोनों पुत्र दीपक (10) कक्षा तीन में तथा विकास (8) कक्षा दो में गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। घसीटा ने बताया कि दीपक के पैर में फोड़ा हो जाने के कारण करीब आठ दिन से वह स्कूल नहीं गया था। इसी बीच वह एक जरूरी काम से चित्रकूट चला गया। तो उसका छोटा बेटा विकास भी स्कूल नहीं गया। गुरुवार को दोनों बेटे स्कूल गए। तो वहां तैनात प्रधानाध्यापक रामजीत सेंगर निवासी उरई ने उनसे स्कूल न आने का कारण पूछा तथा छड़ी उठाकर दोनों की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। बच्चों के रोने बिलखने पर भी प्रधानाध्यापक नहीं पिघला।
रोते हुए बच्चों ने घर आकर सारी दास्तान सुनाई। घसीटा ने बताया कि बच्चों की हालत देखकर जब वह स्कूल पहुंचा तो प्रधानाध्यापक ने उसे जातिसूचक शब्दों से गाली गलौज करते हुए बच्चों के बस्ते स्कूल से बाहर फेंक दिए और स्कूल कभी न आने की हिदायत दी। थानाध्यक्ष जरिया रामजीत सिंह गौड़ ने बताया कि पीड़ित छात्र दीपक की तहरीर पर आरोपी प्रधानाध्यापक रामजीत सेंगर के खिलाफ मारपीट व दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। छात्रों का डाक्टरी परीक्षण कराया गया है। पिटाई का कारण बीमारी से स्कूल न जाना बताया जा रहा है। आरोपी अध्यापक की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडौत गांव निवासी घसीटा के दोनों पुत्र दीपक (10) कक्षा तीन में तथा विकास (8) कक्षा दो में गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। घसीटा ने बताया कि दीपक के पैर में फोड़ा हो जाने के कारण करीब आठ दिन से वह स्कूल नहीं गया था। इसी बीच वह एक जरूरी काम से चित्रकूट चला गया। तो उसका छोटा बेटा विकास भी स्कूल नहीं गया। गुरुवार को दोनों बेटे स्कूल गए। तो वहां तैनात प्रधानाध्यापक रामजीत सेंगर निवासी उरई ने उनसे स्कूल न आने का कारण पूछा तथा छड़ी उठाकर दोनों की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। बच्चों के रोने बिलखने पर भी प्रधानाध्यापक नहीं पिघला।
विज्ञापन
रोते हुए बच्चों ने घर आकर सारी दास्तान सुनाई। घसीटा ने बताया कि बच्चों की हालत देखकर जब वह स्कूल पहुंचा तो प्रधानाध्यापक ने उसे जातिसूचक शब्दों से गाली गलौज करते हुए बच्चों के बस्ते स्कूल से बाहर फेंक दिए और स्कूल कभी न आने की हिदायत दी। थानाध्यक्ष जरिया रामजीत सिंह गौड़ ने बताया कि पीड़ित छात्र दीपक की तहरीर पर आरोपी प्रधानाध्यापक रामजीत सेंगर के खिलाफ मारपीट व दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। छात्रों का डाक्टरी परीक्षण कराया गया है। पिटाई का कारण बीमारी से स्कूल न जाना बताया जा रहा है। आरोपी अध्यापक की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन