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देवशयनी एकादशी: कल से चार महीने की योग निद्रा में चले जाएंगे भगवान विष्णु, इन चीजों का करें त्याग

Thu, 11 Jul 2019 12:21 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 11 Jul 2019 12:21 PM IST
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hari shayani, Devshayani Ekadashi 2019 special story
देवशयनी एकादशी
भगवान विष्णु 12 जुलाई को योग निद्रा में चले जाएंगे और इसके साथ ही सभी मांगलिक कार्यक्रम वर्जित हो जाएंगे। इसके बाद 8 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी पर भगवान के वापस आने पर मांगलिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इस दौरान धार्मिक और व्यावसायिक कार्यक्रम होते रहेंगे।
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इसमें पौधरोपण, पूजा पाठ, रुद्राभिषेक आदि शामिल हैं। बलभद्र पीठाधीश्वर आचार्य विष्णु महाराज के अनुसार 12 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इस दिन से हिंदुओं में मांगलिक कार्यक्रम वर्जित होंगे।
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ऐसी मान्यता है कि ये चार मास भगवान विष्णु के आराम के हैं और वह क्षीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं। जिसके चलते शुभ विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रम नहीं होंगे। कारण है कि शादी में विष्णु भगवान की वेदी अनिवार्य है।

भगवान विष्णु क्षीर सागर में हैं इसलिए उनका आह्वान संभव नहीं है। देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन करें। इससे जातक पर विष्णु भगवान की कृपा बनी रहेगी। 

यदि सामर्थ्य हो तो चार महीने यानी देवशयनी एकादशी से देवोत्थानी एकादशी तक दूध और दूध से बनी वस्तुओं का भी त्याग करें।  इसका वैज्ञानिक कारण है कि इन दिनों हरी घास में कीटाणु हो जाते हैं और जानवर हरी घास अधिक खाते हैं, जिसके चलते गाय, भैंस, बकरी के दूध में विषैलापन आ जाता है।

इस कारण सावन मास में यह दूध भगवान शिव को अर्पित किया जाता है। सावन में बड़ी संख्या में रुद्राभिषेक भी होते हैं। 
 
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