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अाज भी इस अस्पताल के मरीज रात में भगवान के सहारे छोड़ दिए जाते है

Mon, 14 May 2018 06:04 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 14 May 2018 06:04 PM IST
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hardoi district hospital in the hand of god
डेमो पिक
यूपी में एक एेसा भी अस्पताल है जहां दिन में ताे मरीज डाॅक्टराें के भराेसे यहां अाते हैं पर जैसे-जैसे रात हाेती यहां के मरीज भगवान के सहारे हाे जाते हैं। हरदोई जिला अस्पताल का बाल विभाग में भर्ती बच्चे रात में भगवान के भरोसे हो जाते है। वार्ड में न तो स्टाफ रहता है और न ही चिकित्सक ही मिलते है।
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बच्चों की हालत गंभीर होने पर तीमारदारों को आकस्मिक कक्ष तक की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे मरीज व तीमारदार परेशान है। जिला अस्पताल में बच्चों के लिए बाल रोग विभाग संचालित है। इसकी इमारत जिला अस्पताल परिसर के सामने सड़क पार कर बनी हुई है। यहां पर करीब आठ से दस बच्चे भर्ती है। यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों की देख रेख के लिए स्टाफ व चिकित्सक की तैनाती है।

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विभागीय निर्देशानुसार ड्यूटी चार्ट पर चिकित्सक सहित सभी कर्मचारियों की नाम दर्ज होने चाहिए। ताकि जरूरत पर तीमारदार उनसे सपंर्क कर सके, लेकिन इस वार्ड में चिकित्सक व स्टाफ नजर ही नहीं आते है। आकस्मिक कक्ष में भर्ती करने के बाद बच्चों को वार्ड में भेज दिया जाता है। इसके बाद उनके इलाज और डीप आदि के लिए तीमारदारों का आकस्मिक कक्ष तक की दौड़ लगानी पड़ती है। शनिवार की रात वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार परेशान थे। 

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एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसके परिजन वार्ड में तैनात कर्मचारियों का तलाशते रहे, लेकिन उनका पता नहीं चला। ड्यूटी कक्ष में सभी अलमारी बंद थी। कोई भी कर्मचारी नजर नहीं आया। तो उनको आकस्मिक कक्ष तक की दौड़ लगानी पड़ी। वहां पर भी मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण चिकित्सक व कर्मचारी को वहां पर आने में समय लगा।


 

इससे बच्चा काफी देर तक परेशान रहे। बाल रोग विभाग में भर्ती बच्चों के परिजनों ने बताया कि यहां पर न तो चिकित्सक आते है और न ही कोई कर्मचारी रहता हैं। भर्ती करने के बाद कोई देखने तक नहीं आता है। इस संबंध में सीएमएस डा. रामवीर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की कमी है। फिर भी वह इसकी जांच करायेंगे और अगर ड्यूटी में लापरवाही की जा रही है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।

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