{"_id":"5d6e80418ebc3e015a2217c6","slug":"hardoi-corruption-report-against-kanungo-lekhpal-and-clerk","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोई: कानूनगो लेखपाल और लिपिक के खिलाफ भ्रष्टाचार की रिपोर्ट, डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोई: कानूनगो लेखपाल और लिपिक के खिलाफ भ्रष्टाचार की रिपोर्ट, डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
Tue, 03 Sep 2019 08:31 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 03 Sep 2019 08:31 PM IST
विज्ञापन
यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई के शाहाबाद में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में मिली एक शिकायत पर डीएम ने सख्त रुख अपना लिया। शाहाबाद तहसील में तैनात एक लेखपाल समेत तीन कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर मझिला थाने में दर्ज कराई गई है।
संपूर्ण समाधान दिवस में मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम उधरनपुर मजरा परसई निवासी प्रिंस पुत्र राजाराम ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी मां की मौत सांप के डसने से हो गई थी। दैवीय आपदा राहत कोष से उसे सरकार ने चार लाख रुपये दिए।
यह रुपये सीधे उसके बैंक खाते में स्थानांतरित हुए। खाते में अब भी लगभग 80 हजार रुपये हैं। प्रिंस का आरोप है कि हल्का लेखपाल रामप्रताप मिश्रा, तहसील कानूनगो अवधेश कुमार और अनुराग मिश्रा ने रुपये निकालने पर बैंक प्रबंधक के साथ मिलकर तहसीलदार के माध्यम से रोक लगवा दी।
विज्ञापन
आरोप है कि रामप्रताप मिश्रा दो लाख रुपये, अवधेश कुमार 50 हजार रुपये और अनुराग मिश्रा डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे थे। डीएम ने पूरे मामले पर सख्त रुख दिखाते हुए लेखपाल रामप्रताप मिश्रा, कानूनगो रजिस्ट्रार अवधेश कुमार और कलेक्ट्रेट लिपिक अनुराग मिश्रा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। मझिला थानाध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
विज्ञापन
संपूर्ण समाधान दिवस में मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम उधरनपुर मजरा परसई निवासी प्रिंस पुत्र राजाराम ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी मां की मौत सांप के डसने से हो गई थी। दैवीय आपदा राहत कोष से उसे सरकार ने चार लाख रुपये दिए।
विज्ञापन
यह रुपये सीधे उसके बैंक खाते में स्थानांतरित हुए। खाते में अब भी लगभग 80 हजार रुपये हैं। प्रिंस का आरोप है कि हल्का लेखपाल रामप्रताप मिश्रा, तहसील कानूनगो अवधेश कुमार और अनुराग मिश्रा ने रुपये निकालने पर बैंक प्रबंधक के साथ मिलकर तहसीलदार के माध्यम से रोक लगवा दी।
विज्ञापन
आरोप है कि रामप्रताप मिश्रा दो लाख रुपये, अवधेश कुमार 50 हजार रुपये और अनुराग मिश्रा डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे थे। डीएम ने पूरे मामले पर सख्त रुख दिखाते हुए लेखपाल रामप्रताप मिश्रा, कानूनगो रजिस्ट्रार अवधेश कुमार और कलेक्ट्रेट लिपिक अनुराग मिश्रा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। मझिला थानाध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज हो गई है।