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Hardoi: 20 फर्जी फर्माें के नाम पर भी किया खेल, शहर का एक युवक पूरे खेल का खिलाड़ी

Thu, 19 Jun 2025 11:08 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 19 Jun 2025 11:08 PM IST
सार

सिनेमा चौराहा निवासी नितिन द्विवेदी का नाम फर्जीवाड़े में सामने आया है। 20 फर्जी फर्माें के नाम पर खेल किया गया।

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Hardoi: 20 fake firms were also used for fraud, young man from city was the player of whole game
संदीप कुमार श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कथित अधिवक्ता ने फर्जी फर्म बनाकर जो खेल किया है उसमें शहर के एक और युवक का नाम आ रहा है। पूरे मामले को लेकर सीजीएसटी की इंटेलीजेंस टीम ने जो ब्योरा उच्चाधिकारियों को भेजा है, वह खासा चौकाने वाला है। फिलहाल पूरे मामले में नौ फर्माें के नाम का खुलासा किया गया है, लेकिन ऐसी 20 फर्में संचालित होने का दावा भी उच्चाधिकारियों ने किया है।

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सेंट्रल जीएसटी की इंटेलीजेंस टीम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि संदीप कुमार श्रीवास्तव फर्जी फर्माें के लिए फर्जी इनवॅाइस जारी करने का काम करते हैं। संदीप जिन फर्माें के लिए यह काम करते हैं उन सभी को औपचारिक और अनौपचारिक तौर पर नितिन द्विवेदी नाम का शख्स संचालित करता है। सूत्रों के मुताबिक नितिन हरदोई शहर में सिनेमा चौराहा के पास आस पास का रहने वाला है। एक पूरा नेक्सेस इस फर्जीवाड़े में शामिल है और इसकी जड़ों तक पहुंचने की कवायद सीजीएसटी की इंटेलीजेंस टीम भी कर रही है। यही वजह है कि संदीप श्रीवास्तव को जिन धाराओं में गिरफ्तार किया गया है, उसमें फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती। आने वाले समय में इंटेलीजेंस टीम संदीप को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है। पूछताछ के बाद कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी भी किए जाने की संभावना है।

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विभागीय कर्मियों की मिली भगत की भी सुगबुगाहट
बोगस फर्माें का पंजीकरण कराने से लेकर इनके सत्यापन तक पर सवाल उठ रहे हैं। पंजीकरण तो ऑनलाइन हो जाता है और इसके लिए आधार, पैन, मोबाइल आदि की जरूरत होती है। बाद में जीएसटी के कर्मचारी और अधिकारी स्थलीय सत्यापन के लिए भी जाते हैं। व्यापार स्थल का साक्ष्य देने के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होती है। ऐसे में इस कार्रवाई के बाद सवाल उठ रहे हैं कि फर्जी फर्माें का संचालन आखिर कैसे होता रहा। सवाल यह भी है कि बिना स्थलीय सत्यापन के ही पंजीकरण की प्रक्रिया कैसे पूरी हो गई।

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लखनऊ से लेकर रायबरेली तक में दिखाया फर्मों का कार्यालय
कार्रवाई की जद में आईं कई फर्माें का कार्यालय लखनऊ से लेकर रायबरेली तक दिखाया गया है। पवन ट्रेडर्स नाम के फर्म का संचालक सुभाष चंद्र को बताया गया है। फर्म का कार्यालय लखनऊ के मां शीतला माता मंदिर, गंगादीनखेड़ा दर्ज है। इसी तरह एंजल इंटरप्राइजेज का संचालन शिवम निगम को बताया गया है। इस फर्म का पता पुराना पानदरीबा लखनऊ बताया गया है। वीए इंटरप्राइपजेज फर्म का संचालक विवेक द्विवेदी को बताया गया है। फर्म का पता रायबरेली के लालगंज क्षेत्र में मलपुरा गांव के तूफानी मार्केट में बताया गया है। विशाल ट्रेडर्स का संचालक मनोज कुमार गुप्ता को बताया गया है और इसका पता लखनऊ में फजुल्लागंज पुलिस चौकी के पास दर्शाया गया है। सौम्या इंटरप्राइजेज का संचालक ज्ञानी नाम के शख्स को बताया गया है। इसका पता हरदोई के बिलग्राम रोड पर कसरावां में बताया गया है। इसी तरह वीए इंटर प्राइजेज का एक और पंजीकरण है। यह हिमांशू सिंह के नाम पर है और इसका पता लखनऊ के सरोजनी नगर का दर्शाया गया है। यह फर्में थोक का कारोबार करतीं हैं। कुछ फर्में ठेके पर सीमेंट और भवन निर्माण सामग्री का काम करती हैं। कुछ फर्में कृषि कार्याें में इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों, भवन और मार्ग निर्माण आदि का कार्य करती हैं। एक फर्म तो इसमें सुरंग बनाने, एयरफील्ड बनाने, रेलवे और रोड के कार्य करने में सक्षम होने का दावा करती है।

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