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और इस तरह विदेश में हनीमून बना ‘सपना’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 29 Nov 2016 10:32 PM IST
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हनीमून कपल्स ने विदेशों में हनीमून कैंसिल कर देश में ही हनीमून पर जाने का फैसला किया
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21 दिन की नोटबंदी में टूर,ट्रैवेल्स का धंधा 70 फीसदी गिर गया। तमाम एडवांस बुकिंग कैंसिल होने से ऑपरेटरों को अपने स्टाफ को तनख्वाह बांटने में परेशानी हो रही है। चौंकाने वाली बात है कि कुछ हनीमून कपल्स ने विदेशों में हनीमून कैंसिल कर देश में ही हनीमून पर जाने का फैसला किया है।
कानपुर किदवई नगर निवासी विवेक तिवारी का स्वरूपनगर में टूर,ट्रैवेल्स का बड़ा धंधा है। हर साल शहर से सैकड़ों लोगों के देश,विदेश में टूर का इंतजाम करते हैं। विवेक के मुताबिक 8 नवंबर को एक हजार-पांच सौ के नोट चलन से बाहर होने के फैसले के साथ ही बुकिंग कैंसिल होनी शुरू हो गई। 9 नवंबर को ही हांगकांग-मकाऊ का 12 लोगों का टूर कैंसिल हो गया। इस टूर की कीमत प्रति व्यक्ति 80 हजार है। अगले ही दिन 5 लोगों का यूरोप टूर कैंसिल हो गया। इस टूर की कीमत प्रति व्यक्ति 1.25 लाख है। सिंगापुर में एक क्रूज़ टूर विवेक अपनी रकम से बुक कर चुके थे जिसे कैंसिल करवाने में विवेक का खासा नुकसान भी हुआ। विवेक के मुताबिक अचानक हुई नोटबंदी से उनके बिजनेस में 70 फीसदी की गिरावट आई है।
विदेश में हनीमून कैंसिल
विवेक ने बताया पिछले कुछ सालों में शहर के नव विवाहित जोड़ों में विदेशों में हनीमून मनाने का चलन शुरू हुआ है। विदेश के टूर में टूर ऑपरेटर को अच्छी बचत होती है इसलिए वे भी विदेश टूर को प्रमोट करते हैं। प्रमोशन के दौरान विदेश में रुकने वाले होटलों में मुफ्त नाश्ता,लंच या डिनर का ऑफर दिया जाता है। ऐसे टूरों में ऑपरेटर को कैश में पेमेंट मिलती थी। विवेक ने बताया नोटबंदी के बाद नवंबर के दो और दिसंबर के चार विदेश में हनीमून पैकेज कैंसिल हो गए। विदेशों में मनी एक्सचेंज भी समस्या बन सकती है क्योंकि लोगों के पास बड़े नोट हैं। वहीं पार्टियां टूर ऑपरेटर को पुराने नोटों में पेमेंट देना चाह रही हैं जो लेना अब संभव नहीं है। विवेक के इंकार पर ये पैकेज गोवा और केरल के स्पाट में बदल दिए गए।
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होली की कोई बुकिंग नहीं
शहर के व्यापारी होली की छुट्टियों के दौरान देश-विदेश घूमने जाते थे। नवंबर तक इनकी बुकिंग हो जाती थी। विवेक ने बताया नवंबर खत्म होने को हो लेकिन अभी तक एक भी बुकिंग नहीं मिली है। इससे उनका अगला साल भी खराब होगा।
धार्मिक टूर भी कैंसिल
नवंबर में सोमनाथ,द्वारिका का एक धार्मिक टूर भी कैंसिल हो गया। कारण बताया गया कि टूर पर जाने वाले बुजुर्गों के पास रास्ते और टूर के दौरान के खर्चों के लिए पर्याप्त नए नोट नहीं हैं। विवेक के मुताबिक अप्रैल से धार्मिक टूर का सीजन शुरू होता है जिसमें चार धाम यात्रा प्रमुख होती है। आमतौर पर नवंबर तक उन्हें 5-6 धार्मिक टूर मिल जाते थे लेकिन इस बार अभी तक खाता भी नहीं खुला है।
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कानपुर किदवई नगर निवासी विवेक तिवारी का स्वरूपनगर में टूर,ट्रैवेल्स का बड़ा धंधा है। हर साल शहर से सैकड़ों लोगों के देश,विदेश में टूर का इंतजाम करते हैं। विवेक के मुताबिक 8 नवंबर को एक हजार-पांच सौ के नोट चलन से बाहर होने के फैसले के साथ ही बुकिंग कैंसिल होनी शुरू हो गई। 9 नवंबर को ही हांगकांग-मकाऊ का 12 लोगों का टूर कैंसिल हो गया। इस टूर की कीमत प्रति व्यक्ति 80 हजार है। अगले ही दिन 5 लोगों का यूरोप टूर कैंसिल हो गया। इस टूर की कीमत प्रति व्यक्ति 1.25 लाख है। सिंगापुर में एक क्रूज़ टूर विवेक अपनी रकम से बुक कर चुके थे जिसे कैंसिल करवाने में विवेक का खासा नुकसान भी हुआ। विवेक के मुताबिक अचानक हुई नोटबंदी से उनके बिजनेस में 70 फीसदी की गिरावट आई है।
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विदेश में हनीमून कैंसिल
विवेक ने बताया पिछले कुछ सालों में शहर के नव विवाहित जोड़ों में विदेशों में हनीमून मनाने का चलन शुरू हुआ है। विदेश के टूर में टूर ऑपरेटर को अच्छी बचत होती है इसलिए वे भी विदेश टूर को प्रमोट करते हैं। प्रमोशन के दौरान विदेश में रुकने वाले होटलों में मुफ्त नाश्ता,लंच या डिनर का ऑफर दिया जाता है। ऐसे टूरों में ऑपरेटर को कैश में पेमेंट मिलती थी। विवेक ने बताया नोटबंदी के बाद नवंबर के दो और दिसंबर के चार विदेश में हनीमून पैकेज कैंसिल हो गए। विदेशों में मनी एक्सचेंज भी समस्या बन सकती है क्योंकि लोगों के पास बड़े नोट हैं। वहीं पार्टियां टूर ऑपरेटर को पुराने नोटों में पेमेंट देना चाह रही हैं जो लेना अब संभव नहीं है। विवेक के इंकार पर ये पैकेज गोवा और केरल के स्पाट में बदल दिए गए।
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होली की कोई बुकिंग नहीं
शहर के व्यापारी होली की छुट्टियों के दौरान देश-विदेश घूमने जाते थे। नवंबर तक इनकी बुकिंग हो जाती थी। विवेक ने बताया नवंबर खत्म होने को हो लेकिन अभी तक एक भी बुकिंग नहीं मिली है। इससे उनका अगला साल भी खराब होगा।
धार्मिक टूर भी कैंसिल
नवंबर में सोमनाथ,द्वारिका का एक धार्मिक टूर भी कैंसिल हो गया। कारण बताया गया कि टूर पर जाने वाले बुजुर्गों के पास रास्ते और टूर के दौरान के खर्चों के लिए पर्याप्त नए नोट नहीं हैं। विवेक के मुताबिक अप्रैल से धार्मिक टूर का सीजन शुरू होता है जिसमें चार धाम यात्रा प्रमुख होती है। आमतौर पर नवंबर तक उन्हें 5-6 धार्मिक टूर मिल जाते थे लेकिन इस बार अभी तक खाता भी नहीं खुला है।