Death of Three Friends: किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, मां ने कहा था- तालाब नहाने मत जाना, यूं छीन गईं खुशियां
Hamirpur Khandeh Village Incident: खंडेह गांव में तालाब में डूबने से तीन स्कूली छात्रों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद तीनों दोस्तों के शव एक साथ गांव पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है।
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हमीरपुर जिले में खंडेह गांव के विजय देव विद्यालय में कक्षा 6 में पढ़ने वाले तीन पक्के दोस्त प्रबल, आदित्य और भोला उर्फ सुमित की तालाब में डूबने से हुई मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। सोमवार को जो बच्चे एक साथ खेलकर घर से निकले थे, उनकी मौत के बाद शव भी एक ही वाहन से पोस्टमार्टम हाउस से गांव के लिए रवाना हुए।
गांव वालों के अनुसार, तीनों बच्चे साये की तरह साथ रहते थे। स्कूल जाना हो या खेलना, उनकी अटूट दोस्ती पूरे गांव में चर्चा का विषय थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि खेल-खेल में तालाब का पानी उनके जीवन का आखिरी सफर बन जाएगा। सोमवार को भी वे अन्य बच्चों के साथ घर से निकले थे।
आदित्य, भोला की मौसी का बेटा था। दोनों के घर आमने-सामने हैं। दोनों साथ पढ़ते और साथ खेलते थे। सोमवार को आदित्य अपनी मां पूजा से भोला के साथ मंदिर में खेलने जाने की बात कहकर निकला था। मां ने उसे जल्दी लौटने और तालाब में न नहाने की हिदायत दी थी। कुछ घंटे बाद उसी तालाब से उसके डूबने की खबर आई।
प्रबल के पिता घनश्याम यादव खेती करते हैं। परिवार के पास करीब दो बीघा जमीन बताई गई है। बड़े भाई निशांत ने बताया कि प्रबल पढ़ाई में अच्छा था और बड़ा होकर दरोगा बनना चाहता था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता की हालत बिगड़ गई।
रामजानकी मंदिर के पास सोमवार को गांव की बाजार लगती है। भोला दादी के साथ इसी बाजार में खेत की सब्जी बेचने में मदद करता था। इसी मंदिर के पास स्थित कलार तालाब में डूबने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद बाजार और गांव दोनों जगह सन्नाटा पसर गया।
एसडीएम करणवीर सिंह ने बताया कि तीनों मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि तालाब और आसपास की स्थिति की जानकारी भी ली जा रही है।
भोला उर्फ सुमित के माता-पिता कानपुर के पास ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। वह गांव में दादी यशोदा के साथ रहता था। पिता सीताराम कुशवाहा ने बताया कि भोला पढ़ाई में अच्छा था और स्वभाव से सीधा था। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति में वह दादी के साथ खेत में लगी सब्जी गांव की सोमवार बाजार में बेचने में भी मदद करता था।
ग्रामीणों के अनुसार रामजानकी मंदिर के पास स्थित कलार तालाब ग्राम पंचायत का है। तालाब में गहरे गड्ढे बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तालाब के पास चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम न होने पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद यह हादसा टल सकता था।
मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खंडेह गांव में सोमवार को तालाब में नहाने गए प्रबल (11), आदित्य (8) और सुमित उर्फ भोला (10) की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तालाब में मिट्टी खनन से बने गहरे गड्ढों में बच्चों के डूबने से हादसा हुआ। एक साथ तीन बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा है।