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पाकिस्तानी जेल से रिहा हुए पांच मछुआरे
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सुनील कुमार कुशवाहा (फाइल)।
- फोटो : MAHOBA
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कबरई(महोबा)/बांदा। नौ नवंबर 2017 से पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कराची की लांडी जेल में निरुद्ध चल रहे पांच ग्रामीण मछुआरे सहित 20 भारतीय मछुआरों को पाकिस्तानी सरकार ने 23 जनवरी को सुरक्षित भारत भेज दिया गया है। इनमें चार मछुआरे बांदा के और एक कबरई का है। शारीरिक जांचोपरांत मछुआरे अपने-अपने घर पहुंचेंगे।
थाना क्षेत्र के लिलवाही गांव निवासी सुनील कुमार कुशवाहा की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि उसका पति गुजरात के ओखा पोरबंदर में मछुआरे का काम करता था। उसने बताया कि 8 अक्तूबर 2017 को उसका पति सुनील अपने पैतृक गांव महेंदू बांदा निवासी अपने भाई बाबू व सिंघौली निवासी भतीजे राजू के साथ गुजरात के ओखा (पोरबंदर) मछली पकड़ने का काम करने के लिए गए थे। 9 नवंबर 2017 को उसका पति अन्य मछुआरों के साथ नाव (स्टीमर) द्वारा समुद्र में मछली पकड़ने के लिए गए थे। तभी पाकिस्तान के समुद्री बार्डर पर नाव पहुंच जाने से पाकिस्तानी सैनिकों ने नाव को पकड़ लिया गया। जिसमें मौजूद सुनील कुशवाहा सहित सात लोगों को पकड़कर पाकिस्तान की सिंध प्रांत स्थित कराची की लांडी जेल में बंद कर दिया गया था। उसके ढाई वर्ष बाद मई 2020 को जेल में निरुद्ध सुनील कुशवाहा द्वारा दो पेज का पत्र उसकी पत्नी रेखा को प्राप्त हुआ। इसमें सुनील ने बताया था कि जेल में बंद 500 भारतीय कैदियों में उसका 306 नंबर है।
वहीं, सिंघौली प्रधान अरुण शुक्ला ने बताया कि विवेक कुशवाहा (जसईपुर) को भी रिहा किया गया है। सुनील कुशवाहा की पत्नी रेखा ने बताया कि उसके बाद अभी बुधवार को बांदा के बिलगांव निवासी बच्चीलाल ने अपने घर फोन करके बताया था कि 23 जनवरी को उसे व उसके साथ सुनील कुशवाहा सहित 20 लोगों को पाकिस्तानी जेल से रिहा कर दिया गया है तथा सभी लोग पंजाब के वाघा बार्डर पहुंच गए हैं।
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अब दोबारा नहीं जाने देंगे: रेखा
पति सुनील की रिहाई की खबर के बाद रेखा का चार साल का जीवन संघर्ष पूरा हुआ। रेखा ने कहा कि अब दोबारा नहीं जाने देंगे। उसने बताया किगुरुवार सुबह चार बजे मोहल्ले के एक व्यक्ति के मोबाइल पर पति सुनील का फोन आया था। उसने बताया कि पाकिस्तानी जेल से छूटे 20 मछुआरों को गुजरात के ओखा पोरबंदर ले जाया जा रहा है। वहां से सभी लोग जल्द ही अपने-अपने घर पहुंचेंगे।
पाकिस्तानी जेल में बंद रहे मछुआरे सुनील कुशवाहा की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी खुशबू(18) बीए प्रथम वर्ष व छोटी बेटी रोशनी(13) कक्षा 9 में पढ़ती है। जिनकी पढ़ाई-लिखाई का खर्च व अन्य पारिवारिक खर्च उठाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ा है। रेखा ने बताया कि गांव के जूनियर हाई स्कूल में रसोइया का काम करती है जिसमें महज 1500 रुपये ही मिलते हैं जिससे परिवार का खर्च चलाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ा। रेखा देवी ने बताया कि अक्तूबर 2007 में भी सुनील को मछली पकड़ते समय पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा पकड़कर कराची जेल में बंद कर दिया गया था तथा तीन साल बाद 13 अगस्त 2010 को रिहा कर दिया गया था। उसने बताया कि पति सुनील इस बार कह कर गए थे कि अब आखिरी बार जा रहे हैं। कुछ पैसा कमा लाएं फिर यहीं कोई व्यापार करेंगे। रेखा ने बताया कि अब दोबारा नहीं जाने देंगे। यहीं रहकर मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करेंगे।
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थाना क्षेत्र के लिलवाही गांव निवासी सुनील कुमार कुशवाहा की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि उसका पति गुजरात के ओखा पोरबंदर में मछुआरे का काम करता था। उसने बताया कि 8 अक्तूबर 2017 को उसका पति सुनील अपने पैतृक गांव महेंदू बांदा निवासी अपने भाई बाबू व सिंघौली निवासी भतीजे राजू के साथ गुजरात के ओखा (पोरबंदर) मछली पकड़ने का काम करने के लिए गए थे। 9 नवंबर 2017 को उसका पति अन्य मछुआरों के साथ नाव (स्टीमर) द्वारा समुद्र में मछली पकड़ने के लिए गए थे। तभी पाकिस्तान के समुद्री बार्डर पर नाव पहुंच जाने से पाकिस्तानी सैनिकों ने नाव को पकड़ लिया गया। जिसमें मौजूद सुनील कुशवाहा सहित सात लोगों को पकड़कर पाकिस्तान की सिंध प्रांत स्थित कराची की लांडी जेल में बंद कर दिया गया था। उसके ढाई वर्ष बाद मई 2020 को जेल में निरुद्ध सुनील कुशवाहा द्वारा दो पेज का पत्र उसकी पत्नी रेखा को प्राप्त हुआ। इसमें सुनील ने बताया था कि जेल में बंद 500 भारतीय कैदियों में उसका 306 नंबर है।
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वहीं, सिंघौली प्रधान अरुण शुक्ला ने बताया कि विवेक कुशवाहा (जसईपुर) को भी रिहा किया गया है। सुनील कुशवाहा की पत्नी रेखा ने बताया कि उसके बाद अभी बुधवार को बांदा के बिलगांव निवासी बच्चीलाल ने अपने घर फोन करके बताया था कि 23 जनवरी को उसे व उसके साथ सुनील कुशवाहा सहित 20 लोगों को पाकिस्तानी जेल से रिहा कर दिया गया है तथा सभी लोग पंजाब के वाघा बार्डर पहुंच गए हैं।
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अब दोबारा नहीं जाने देंगे: रेखा
पति सुनील की रिहाई की खबर के बाद रेखा का चार साल का जीवन संघर्ष पूरा हुआ। रेखा ने कहा कि अब दोबारा नहीं जाने देंगे। उसने बताया किगुरुवार सुबह चार बजे मोहल्ले के एक व्यक्ति के मोबाइल पर पति सुनील का फोन आया था। उसने बताया कि पाकिस्तानी जेल से छूटे 20 मछुआरों को गुजरात के ओखा पोरबंदर ले जाया जा रहा है। वहां से सभी लोग जल्द ही अपने-अपने घर पहुंचेंगे।
पाकिस्तानी जेल में बंद रहे मछुआरे सुनील कुशवाहा की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी खुशबू(18) बीए प्रथम वर्ष व छोटी बेटी रोशनी(13) कक्षा 9 में पढ़ती है। जिनकी पढ़ाई-लिखाई का खर्च व अन्य पारिवारिक खर्च उठाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ा है। रेखा ने बताया कि गांव के जूनियर हाई स्कूल में रसोइया का काम करती है जिसमें महज 1500 रुपये ही मिलते हैं जिससे परिवार का खर्च चलाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ा। रेखा देवी ने बताया कि अक्तूबर 2007 में भी सुनील को मछली पकड़ते समय पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा पकड़कर कराची जेल में बंद कर दिया गया था तथा तीन साल बाद 13 अगस्त 2010 को रिहा कर दिया गया था। उसने बताया कि पति सुनील इस बार कह कर गए थे कि अब आखिरी बार जा रहे हैं। कुछ पैसा कमा लाएं फिर यहीं कोई व्यापार करेंगे। रेखा ने बताया कि अब दोबारा नहीं जाने देंगे। यहीं रहकर मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करेंगे।