22 साल पुराने हत्याकांड मामले में भाजपा विधायक चंदेल ने किया सरेंडर, 300 समर्थकों पर मुकदमे दर्ज
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सदर विधायक अशोक चंदेल के सोमवार को सरेंडर करने को लेकर मुख्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुबह छह बजे से शहर के प्रमुख चौराहों पर फोर्स रही। जिले के साथ बाहरी फोर्स को भी चौराहों पर लगाया गया। पुलिस की गिरफ्तारी से बचकर सीधे अदालत पहुंचने के लिए विधायक ने अपने समर्थकों तक को झटका दिया। समर्थकों के साथ विधायक के बेटे अभय राज सिंह कानपुर-सागर हाईवे से आने पर यमुना पुल पर डट गए। लेकिन विधायक अन्य मुजरिमों के साथ कानपुर-मूसानगर के यमुना पुल से कुरारा होते हुए 11 बजे अदालत परिसर पहुंचे। विधायक चंदेल के साथ रघुवीर सिंह उनके पुत्र आशुतोष सिंह भी थे।
तीन सौ लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है
विधायक के सरेंडर करने की सूचना पर उनके समर्थकों की भीड़ मुख्यालय में एकत्र हुई। जिसके चलते समर्थकों ने तहसील तिराहा व पोस्टमार्टम हाउस में लगे बैरियर पर हंगामा कर हुजूम बनाकर चलने से निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। मामले में कोतवाल केपी सिंह ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज करा करीब तीन सौ लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है।