UP: हैलट के पास लाइसेंस नहीं, 'गलियों' में चल रहा ट्रांसप्लांट का खेल, डोनर और मरीज को PGI रेफर करने की तैयारी
Kanpur News: कानपुर किडनी कांड के डोनर और मरीज को हैलट से पीजीआई लखनऊ रेफर करने की तैयारी है। हैलट में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट तो है, लेकिन आधिकारिक लाइसेंस न होने के कारण वहां इनका इलाज संभव नहीं है।
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कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के खुलासे के बाद अब डोनर और रिसीवर को पीजीआई, लखनऊ भेजने की तैयारी की जा रही है। सोमवार देर रात दोनों को हैलट अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (नेफ्रोलॉजी विभाग) में भर्ती कराया गया था।
हैलट के डॉक्टरों के अनुसार, डोनर आयुष और मुजफ्फरनगर की महिला मरीज दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उन्हें आईसीयू में रखकर निगरानी की जा रही है। हालांकि, तकनीकी रूप से हैलट प्रशासन के हाथ बंधे हुए हैं। हैलट के पास अभी किडनी ट्रांसप्लांट या ट्रांसप्लांट होकर आए गंभीर मरीजों के इलाज की आधिकारिक अनुमति (लाइसेंस) नहीं है।
हैलट को बस लाइसेंस मिलना बाकी है
नियमों की जटिलता और किसी भी प्रकार के मेडिकल रिस्क से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर करने का मन बनाया है। इस संबंध में सीएमओ से भी विस्तृत चर्चा की गई है। बता दें कि हैलट सुपरस्पेश्लिटी में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट तो बनीं है और कागजी कार्रवाई भी अस्पताल की और से की जा चुकी है। शासन की टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। बस लाइसेंस मिलना बाकी है।