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फील्ड गन फैक्ट्री से असलहों की तस्करी, तीन गिरफ्तार
अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 05 Jul 2015 01:36 AM IST
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स्पेशल टॉस्क फोर्स ने फील्ड गन फैक्ट्री के असलहों की तस्करी से जुड़े गैंग का पर्दाफाश करके फैक्ट्री के एक कर्मचारी, लाइसेंसी शस्त्र विक्रेता सपा नेता और पूर्व प्रधान को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से .32 बोर की दो रिवॉल्वर, चार मोबाइल फोन, एक सेंट्रो कार और फील्ड गन फैक्ट्री के कर्मचारी का परिचय पत्र एवं 72 सौ रुपये बरामद हुए हैं।
आरोपियों ने बताया है कि फैक्ट्री से पिस्टल व रिवॉल्वर के पार्ट्स चोरी-छिपे निकाल कर इन्हें असेंबल करके असलहा बेचते थे। वहीं एसटीएफ व पुलिस का मानना है कि फैक्ट्री का कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर ही रिवॉल्वर-पिस्टल बनाकर इसे बाहर बेचता था। एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को चकेरी थाने को सौंप दिया है। पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया।
एसटीएफ आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि तस्करों के गैंग से जुड़े और लोगों के बारे में पता लगाया जा सके। यूपी एसटीएफ की कानपुर यूनिट को खबर मिली थी कि फील्ड गन फैक्ट्री के असलहों की तस्करी हो रही है। एसटीएफ के एसआई एसके सिंह व उनकी टीम तस्करों से जुड़े लोगों की छानबीन में लगी थी। शक के दायरे में आए लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिए गए।
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पुख्ता सुबूत हाथ लगने के बाद एसटीएफ ने शुक्रवार शाम फील्ड गन फैक्ट्री के फिटर राम प्रसाद मीणा के बेटे को एलआईजी फेस-टू बर्रा स्थित उसके घर से उठा लिया। उसकी निशानदेही पर राम प्रसाद मीणा, फतेहपुर के थाना जाफरगंज के गुंदहिया गांव निवासी पूर्व प्रधान देवेश कुमार सिंह उर्फ गुड्डू सिंह और घाटमपुर के आच्छी गांव निवासी हेतेंद्र कुमार यादव उर्फ गुड्डू को दबोच लिया।
देवेश प्रापर्टी डीलर का काम भी करता है। हेतेंद्र की कस्बा घाटमपुर में कुष्मांडा गन हाउस नाम से शस्त्र की दुकान है और हेतेंद्र सपा घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र का महामंत्री है। हेतेंद्र व देवेश यहां चकेरी इलाके में रहते हैं। पकड़े गए लोगों के पास से .32 बोर की दो रिवॉल्वर, चार मोबाइल फोन, एक सेंट्रो कार और गन फैक्ट्री के कर्मचारी का परिचय पत्र, वोटर आईडी एवं 72 सौ रुपये बरामद हुए हैं।
चकेरी इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि राम प्रसाद फील्ड गन फैक्ट्री के असेंबल डिपार्टमेंट में काम करता है। वह रिवॉल्वर व पिस्टल में लगने वाले पार्ट्स को फैक्ट्री से बाहर निकाल लाता था। इसके बाद रिवॉल्वर और पिस्टल तैयार करता था। पूर्व प्रधान देवेश सिंह असलहे बिकवाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था जबकि हेतेंद्र की दुकान से असलहों की बिक्री होती थी।
असलहों पर फील्ड गन फैक्ट्री की मुहर लगी रहती थी लेकिन नंबर नहीं पड़ा होता था। इस वजह से असलहा सस्ते दाम पर बेचा जाता था। 85-90 हजार रुपये वाली पिस्टल व रिवॉल्वर को राम प्रसाद केवल 15 हजार रुपये में बेचता था। देवेश व हेतेंद्र इस असलहे को 50-60 हजार रुपये तक में बेच देते थे।
राम प्रसाद ने अब तक पांच असलहे बेचे जाने की बात कबूली है लेकिन यह बात एसटीएफ व पुलिस के गले नहीं उतर ही है। माना जा रहा है कि राम प्रसाद हर महीने कम से कम एक असलहा चोरी-छिपे बेचता था। पूछताछ में अभियुक्तों ने कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर, उन्नाव और पूर्वांचल के लोगों को असलहे बेचने की बात कबूली है।
पुलिस का मानना है कि असलहे राजस्थान और मध्य प्रदेश तक के लोगों को बेचे गए हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि पकड़े गए लोगों को कस्टडी रिमांड पर लेकर इनके तार कहां-कहां और किन-किन लोगों से हैं, इसका पता लगाया जाएगा।
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आरोपियों ने बताया है कि फैक्ट्री से पिस्टल व रिवॉल्वर के पार्ट्स चोरी-छिपे निकाल कर इन्हें असेंबल करके असलहा बेचते थे। वहीं एसटीएफ व पुलिस का मानना है कि फैक्ट्री का कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर ही रिवॉल्वर-पिस्टल बनाकर इसे बाहर बेचता था। एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को चकेरी थाने को सौंप दिया है। पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया।
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एसटीएफ आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि तस्करों के गैंग से जुड़े और लोगों के बारे में पता लगाया जा सके। यूपी एसटीएफ की कानपुर यूनिट को खबर मिली थी कि फील्ड गन फैक्ट्री के असलहों की तस्करी हो रही है। एसटीएफ के एसआई एसके सिंह व उनकी टीम तस्करों से जुड़े लोगों की छानबीन में लगी थी। शक के दायरे में आए लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिए गए।
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पुख्ता सुबूत हाथ लगने के बाद एसटीएफ ने शुक्रवार शाम फील्ड गन फैक्ट्री के फिटर राम प्रसाद मीणा के बेटे को एलआईजी फेस-टू बर्रा स्थित उसके घर से उठा लिया। उसकी निशानदेही पर राम प्रसाद मीणा, फतेहपुर के थाना जाफरगंज के गुंदहिया गांव निवासी पूर्व प्रधान देवेश कुमार सिंह उर्फ गुड्डू सिंह और घाटमपुर के आच्छी गांव निवासी हेतेंद्र कुमार यादव उर्फ गुड्डू को दबोच लिया।
देवेश प्रापर्टी डीलर का काम भी करता है। हेतेंद्र की कस्बा घाटमपुर में कुष्मांडा गन हाउस नाम से शस्त्र की दुकान है और हेतेंद्र सपा घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र का महामंत्री है। हेतेंद्र व देवेश यहां चकेरी इलाके में रहते हैं। पकड़े गए लोगों के पास से .32 बोर की दो रिवॉल्वर, चार मोबाइल फोन, एक सेंट्रो कार और गन फैक्ट्री के कर्मचारी का परिचय पत्र, वोटर आईडी एवं 72 सौ रुपये बरामद हुए हैं।
चकेरी इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि राम प्रसाद फील्ड गन फैक्ट्री के असेंबल डिपार्टमेंट में काम करता है। वह रिवॉल्वर व पिस्टल में लगने वाले पार्ट्स को फैक्ट्री से बाहर निकाल लाता था। इसके बाद रिवॉल्वर और पिस्टल तैयार करता था। पूर्व प्रधान देवेश सिंह असलहे बिकवाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था जबकि हेतेंद्र की दुकान से असलहों की बिक्री होती थी।
असलहों पर फील्ड गन फैक्ट्री की मुहर लगी रहती थी लेकिन नंबर नहीं पड़ा होता था। इस वजह से असलहा सस्ते दाम पर बेचा जाता था। 85-90 हजार रुपये वाली पिस्टल व रिवॉल्वर को राम प्रसाद केवल 15 हजार रुपये में बेचता था। देवेश व हेतेंद्र इस असलहे को 50-60 हजार रुपये तक में बेच देते थे।
राम प्रसाद ने अब तक पांच असलहे बेचे जाने की बात कबूली है लेकिन यह बात एसटीएफ व पुलिस के गले नहीं उतर ही है। माना जा रहा है कि राम प्रसाद हर महीने कम से कम एक असलहा चोरी-छिपे बेचता था। पूछताछ में अभियुक्तों ने कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर, उन्नाव और पूर्वांचल के लोगों को असलहे बेचने की बात कबूली है।
पुलिस का मानना है कि असलहे राजस्थान और मध्य प्रदेश तक के लोगों को बेचे गए हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि पकड़े गए लोगों को कस्टडी रिमांड पर लेकर इनके तार कहां-कहां और किन-किन लोगों से हैं, इसका पता लगाया जाएगा।