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#जीएसटीएकवर्षः व्यापारियों ने भेजे ये सुझाव, सरकार से मांगी राहत

Sun, 01 Jul 2018 05:41 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 01 Jul 2018 05:41 PM IST
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GST one year suggestions sent by traders, relief sought from government
जीएसटी के विरोध में धरना प्रदर्शन करते अखिल भारतीय व्यापार मंडल के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
कानपुरः जीएसटी की खामियों के विरोध में शनिवार को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने घंटाघर स्थित भारत माता प्रतिमा स्थल पर धरना प्रदर्शन किया। जीएसटी के नियमों की पेचीदगियों को आसान करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र खिलकर सुझाव भेजे।
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संगठन के महामंत्री ज्ञानेश मिश्रा का कहना है कि जीएसटी में दर्जन भर से अधिक ऐसे प्रावधान हैं जो नहीं भी हों तो व्यवस्था और राजस्व में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ऐसे नियमों को खत्म करने की मांग की गई है। 
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इस व्यवस्था से परेशान हैं व्यापारी
-जीएसटी लागू होते वक्त एक देश एक टैक्स की बात कही गई थी, लेकिन देश के लगभग आधे राज्यों में मंडी शुल्क लागू है। इसे पूर्णतया समाप्त क्या जाए।
-कई तरह के रिटर्न की प्रक्रिया को समाप्त कर तीन माह के खरीद बिक्री का एक रिटर्न लिया जाए।

इस व्यवस्था से परेशान हैं व्यापारी

GST one year suggestions sent by traders, relief sought from government
डेमो पिक
-जीएसटी में एचएसएन कोड की उपयोगिता साबित नहीं हुई। इस व्यवस्था को पूर्णतया समाप्त किया जाए।
-अन्य कई प्रदेशों की तरह यूपी में भी इंट्रा स्टेट ई-वे बिल व पूरे देश में इंटर स्टेट ई-वे बिल की अनिवार्यता एक लाख रुपये से अधिक के माल पर की जाए।


-कर अपवंचना न होने पर लेकिन नियम उल्लंघन के नाम पर सचल दल इकाइयां व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही हैं। इसे रोका जाए। इसी तरह एसआईबी छापे में स्टॉक को सील न किया जाए।
-छापे के समय गिरफ्तारी का प्रावधान पूर्णतया समाप्त हो। मामले की सुनवाई के बाद ही किसी तरह का निर्णय लिया जाए।


-सचल दल इकाई की ओर से किसी वाहन को किसी भी शहर में पकड़े जाने पर पेनाल्टी केस की सुनवाई उसी व्यापारी के शहर व खंड में हो।
-रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म पूरी तरह खत्म किया जाए। इसके समाप्त होने पर सरकार को राजस्व का कोई नुकसान नहीं होगा।
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