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अपने कोविंद की झलक देख हुए गदगद
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कानपुर देहात। राष्ट्रपति बनने के बाद परौंख में पहली बार आए अपने कोविंद को देख लोग गदगद हो उठे। हालत यह रही कि कड़ी सुरक्षा का घेरा होने के बावजूद लोग खेत-खलिहान से अपने कोविंद की एक झलक देखने के लिए कड़ी धूप में डटे रहे।
मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पहुंचते ही लोगों ने तालियों से जोरदार अभिनंदन किया। जिस पर राष्ट्रपति ने हाथ उठाकर अपनी खुशी जाहिर की। राष्ट्रपति को अपनी जन्मस्थली व लोगों से जुड़ाव देख लोग भाव विभोर हो उठे।
लक्ष्मण सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी रामनाथ कोविंद अपने गांव के लोगों को नहीं भूले। उन्होंने देरी से ही भले, लेकिन परौंख आने का वादा भी पूरा किया।
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मान सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति के गांव आने से जन्मस्थली को देश-विदेश तक में पहचान मिलेगी। यह हम सभी परौंखवासियों का सौभाग्य है। इस पल को जीवन भर याद रखेंगे।
राजकुमार ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद को अक्सर टीवी में ही देखते रहे हैं। उन्हें अपने गांव में देखने का पहली बार मौका मिला। यह हमेशा याद रहेगा।
विनीत कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में गांव व जिले का विकास कराने के लिए मुख्यमंत्री से कहा है। इससे जिलेवासियों का आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
गुड्डो देवी ने कहा कि अपने लल्ला की एक झलक देखने की बड़ी हसरत थी। उनके आने की जानकारी मिली तो दिल गदगद हो गया। उन्होंने जल्द दोबारा आने का वादा किया है।
दयावती शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की व्यस्तता होने के बाद भी वह गांव में हम सभी का हाल जानने आए। इससे बड़ा सौभाग्य गांव का नहीं हो सकता।
पल्हनापुर के रामस्वरूप ने कहा कि परौंख से करीब पांच किमी दूर से पैदल चलकर अपने राष्ट्रपति को देखने आए। उनकी एक झलक पाने के बाद पूरी थकावट दूर हो गई।
परौंख की पुष्पा देवी बताती हैं कि कभी राष्ट्रपति भवन जाने का मौका नहीं मिला। उनके गांव आने की जानकारी हुई। इस पर राष्ट्रपति को देखने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंच गईं।
मालती देवी ने बताया कि राष्ट्रपति ने परौंख के लोगों को राष्ट्रपति भवन देखने के लिए बुलाया है। वहां कोई दिक्कत न हो, इसका वादा भी किया। यह उनके सरल स्वभाव का प्रतीक है।
संजू देवी ने कहा कि राष्ट्रपति के आने की जानकारी हुई थी, लेकिन भरोसा नहीं हो रहा था। घर का कामकाज छोड़ उन्हें देखने पहुंचीं हैं। उन्होंने परौंख आने का वादा पूरा किया।
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मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पहुंचते ही लोगों ने तालियों से जोरदार अभिनंदन किया। जिस पर राष्ट्रपति ने हाथ उठाकर अपनी खुशी जाहिर की। राष्ट्रपति को अपनी जन्मस्थली व लोगों से जुड़ाव देख लोग भाव विभोर हो उठे।
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लक्ष्मण सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी रामनाथ कोविंद अपने गांव के लोगों को नहीं भूले। उन्होंने देरी से ही भले, लेकिन परौंख आने का वादा भी पूरा किया।
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मान सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति के गांव आने से जन्मस्थली को देश-विदेश तक में पहचान मिलेगी। यह हम सभी परौंखवासियों का सौभाग्य है। इस पल को जीवन भर याद रखेंगे।
राजकुमार ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद को अक्सर टीवी में ही देखते रहे हैं। उन्हें अपने गांव में देखने का पहली बार मौका मिला। यह हमेशा याद रहेगा।
विनीत कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में गांव व जिले का विकास कराने के लिए मुख्यमंत्री से कहा है। इससे जिलेवासियों का आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
गुड्डो देवी ने कहा कि अपने लल्ला की एक झलक देखने की बड़ी हसरत थी। उनके आने की जानकारी मिली तो दिल गदगद हो गया। उन्होंने जल्द दोबारा आने का वादा किया है।
दयावती शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की व्यस्तता होने के बाद भी वह गांव में हम सभी का हाल जानने आए। इससे बड़ा सौभाग्य गांव का नहीं हो सकता।
पल्हनापुर के रामस्वरूप ने कहा कि परौंख से करीब पांच किमी दूर से पैदल चलकर अपने राष्ट्रपति को देखने आए। उनकी एक झलक पाने के बाद पूरी थकावट दूर हो गई।
परौंख की पुष्पा देवी बताती हैं कि कभी राष्ट्रपति भवन जाने का मौका नहीं मिला। उनके गांव आने की जानकारी हुई। इस पर राष्ट्रपति को देखने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंच गईं।
मालती देवी ने बताया कि राष्ट्रपति ने परौंख के लोगों को राष्ट्रपति भवन देखने के लिए बुलाया है। वहां कोई दिक्कत न हो, इसका वादा भी किया। यह उनके सरल स्वभाव का प्रतीक है।
संजू देवी ने कहा कि राष्ट्रपति के आने की जानकारी हुई थी, लेकिन भरोसा नहीं हो रहा था। घर का कामकाज छोड़ उन्हें देखने पहुंचीं हैं। उन्होंने परौंख आने का वादा पूरा किया।