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Kanpur News: सैंथा माइनर में उगी घास, नहीं हो पा रही है धान की सिंचाई
Sat, 02 Aug 2025 01:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 02 Aug 2025 01:20 AM IST
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सरवनखेड़ा। घाटमपुर रजबहा में भरपूर पानी है। मगर इसी रजबहे से जुड़ी सैंथा माइनर सूखी पड़ी है। हालात ये हैं कि दो माह से माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे धान की रोपाई के बाद अब फसल की सिंचाई अटकी है।
सैंथा माइनर की लंबाई करीब तीन किमी. है। इससे सैंथा, भैथाना, सेरुवा गांवों की खेती की सिंचाई निर्भर इसी पर निर्भर है। इस क्षेत्र में धान की खेती बहुतायत में होती है। रोपाई के समय माइनर सूखी रही तो किसानों ने निजी नलकूपों से किराये पर सिंचाई कराकर धान की रोपाई करवा दी। अब फसल में खाद और खरपतवार नाशक दवा डाली जानी है। इसके लिए पानी की जरूरत है। मगर माइनर में पानी नहीं है।
ऐसे में धान के खेत सूखे पड़े होने से किसान मायूस हैं। निजी नलकूपों से भी जरूरत पर पानी नहीं मिल पा रहा है। नलकूप संचालक पहले अपनी फसलों की सिंचाई का तर्क दे रहे हैं। ऐसे में माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया तो फसल खराब होने की आशंका है। सहायक अभियंता राम प्रकाश ने बताया कि जिलेदार को मौके पर जाकर रिपोर्ट देने को कहा है।
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सैंथा माइनर की लंबाई करीब तीन किमी. है। इससे सैंथा, भैथाना, सेरुवा गांवों की खेती की सिंचाई निर्भर इसी पर निर्भर है। इस क्षेत्र में धान की खेती बहुतायत में होती है। रोपाई के समय माइनर सूखी रही तो किसानों ने निजी नलकूपों से किराये पर सिंचाई कराकर धान की रोपाई करवा दी। अब फसल में खाद और खरपतवार नाशक दवा डाली जानी है। इसके लिए पानी की जरूरत है। मगर माइनर में पानी नहीं है।
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ऐसे में धान के खेत सूखे पड़े होने से किसान मायूस हैं। निजी नलकूपों से भी जरूरत पर पानी नहीं मिल पा रहा है। नलकूप संचालक पहले अपनी फसलों की सिंचाई का तर्क दे रहे हैं। ऐसे में माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया तो फसल खराब होने की आशंका है। सहायक अभियंता राम प्रकाश ने बताया कि जिलेदार को मौके पर जाकर रिपोर्ट देने को कहा है।
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