{"_id":"ad4b87339432511dbbf4cd5eef693126","slug":"gram-pradhan-suicide-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" उगाही से परेशान काकूपुर सीताराम के ग्राम प्रधान ने जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उगाही से परेशान काकूपुर सीताराम के ग्राम प्रधान ने जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Fri, 07 Aug 2015 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास खंड क्षेत्र के काकूपुर सीताराम गांव के ग्राम प्रधान ने उगाही से
विज्ञापन
परेशान होकर बुधवार की रात फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने घर से एक
सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें गांव के एक व्यक्ति पर प्रधान के नाम से
आवासीय योजनाओं का रकम लेने की बात सामने आई है। पुलिस ने शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना की आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई
है।
काकूपुर सीताराम के प्रधान शिव कुमार वर्मा उर्फ बंटी (55) का शव गुरुवार को घर के कमरे में रस्सी के फंदे से झूलता मिला। ग्राम प्रधान की मौत की खबर आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर परिजनों और ग्रामीणों से जानकारी की तो पता चला कि शिव कुमार ने फांसी लगाने से पहले लिखे सुसाइट नोट में प्रधानी का चुनाव लड़ाने वाले गांव के ही राम किशोर पाठक द्वारा इंदिरा आवास, सहित सरकार की कई अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ग्रामीणों से उसके नाम पर लाखों रुपये की उगाही की।
ग्रामीण उससे रोज तगादा करते हैं जब उसने राम किशोर से ऐसा करने से मना किया तो उल्टा उसे धमकाया गया। इसी दहशत में आकर उसने आत्महत्या का कदम उठाया।
उधर, पुलिस क्षेत्राधिकारी संजय सिंह ने बताया कि काकूपुर सीताराम ने आत्महत्या के पहले जो सुसाइड नोट लिखा, उसी आधार पर राम किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं जोर पर हैं।
काकूपुर सीताराम के प्रधान शिव कुमार वर्मा उर्फ बंटी (55) का शव गुरुवार को घर के कमरे में रस्सी के फंदे से झूलता मिला। ग्राम प्रधान की मौत की खबर आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर परिजनों और ग्रामीणों से जानकारी की तो पता चला कि शिव कुमार ने फांसी लगाने से पहले लिखे सुसाइट नोट में प्रधानी का चुनाव लड़ाने वाले गांव के ही राम किशोर पाठक द्वारा इंदिरा आवास, सहित सरकार की कई अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ग्रामीणों से उसके नाम पर लाखों रुपये की उगाही की।
ग्रामीण उससे रोज तगादा करते हैं जब उसने राम किशोर से ऐसा करने से मना किया तो उल्टा उसे धमकाया गया। इसी दहशत में आकर उसने आत्महत्या का कदम उठाया।
उधर, पुलिस क्षेत्राधिकारी संजय सिंह ने बताया कि काकूपुर सीताराम ने आत्महत्या के पहले जो सुसाइड नोट लिखा, उसी आधार पर राम किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं जोर पर हैं।