फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सीएसजेएमयू: बीएससी से ग्रेडिंग सिस्टम खत्म, अगले सत्र से प्रैक्टिकल में दिए जाएंगे नंबर

Thu, 05 Jul 2018 01:26 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 05 Jul 2018 01:26 PM IST
सार

- सीएसजेएमयू की परीक्षा समिति ने दी मंजूरी, अगले सत्र से प्रैक्टिकल में दिए जाएंगे नंबर

विज्ञापन
Grading system has been removed from BSc in CSJM University
सीएसजेएम विश्वविद्यालय
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की बीएससी प्रयोगात्मक परीक्षा से आखिरकार ग्रेडिंग सिस्टम समाप्त कर दिया गया। बुधवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में इस पर मुहर लग गई। अब नए सत्र यानी 2018-19 से छात्रों को प्रैक्टिकल की जगह मार्क्स दिए जाएंगे। इससे यूनिवर्सिटी के करीब दो लाख छात्रों को राहत मिलेगी।


ग्रेडिंग सिस्टम के खिलाफ ‘अमर उजाला’ ने पिछले साल दस सितंबर से लगातार विज्ञान वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के साथ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। अभियान को देखते हुए डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने विश्वविद्यालय की कुलपति से ग्रेडिंग सिस्टम समाप्त करने का निर्देश दिया था। अब चूंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर इसे समाप्त करने की घोषणा कर दी है तो लाखों छात्रों ने राहत की सांस ली है।

छात्रों और शिक्षकों ने अमर उजाला को भी शुक्रिया कहा। समिति की बैठक में कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने अध्यक्षता की। इस दौरान रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक उमानाथ चौहान, प्रो. संजय स्वर्णकार, बीएनडी के प्राचार्य डॉ. विवेक द्विवेदी, बृजेश यादव, शकील अहमद सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।



 

क्या है ग्रेडिंग का मुद्दा

Grading system has been removed from BSc in CSJM University
सीएसजेएम विश्वविद्यालय
सत्र 2014-15 में यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने बीएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी और बॉटनी के प्रैक्टिकल में नंबर की जगह ग्रेड देने का फैसला लिया। 2014-15 सत्र में फर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए, फिर 2015-16 में सेकेंड ईयर के छात्रों पर भी यह नियम लागू कर दिया गया।

थर्ड ईयर में जाकर छात्रों को ग्रेडिंग की जगह नंबर देने का प्रावधान किया गया। ऐसे में शिक्षकों का कहना था कि जिस बच्चे ने दो साल प्रैक्टिकल किया ही नहीं है, वह अचानक अंतिम वर्ष में कैसे कर प्रैक्टिकल कर पाएगा? छात्र भी मेरिट कम होने का हवाला देकर इस फैसले को बदलने की मांग कर रहे थे।

 

84 कॉलेज मिले सामूहिक नकल के दोषी

Grading system has been removed from BSc in CSJM University
सीएसजेएम विश्वविद्यालय
मीडिया प्रभारी प्रो. संजय स्वर्णकार ने बताया कि परीक्षा समिति की बैठक में यूएफएम कमेटी की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। इसमें 10 कॉलेजों को परीक्षा के दौरान उड़नदस्ते के साथ अभद्रता का आरोपी पाया गया। इसके अलावा 84 कॉलेजों को सामूहिक नकल का दोषी पाया गया है।

इसके अलावा 30 कॉलेजों में उड़नदस्ते ने नकल पकड़ी है। इन्हें दो साल के लिए डिबार कर दिया गया और इन पर एक से दो लाख रुपये तक अर्थदंड भी लगाया गया है। इसके अलावा कानपुर देहात के विशंभर दयाल महाविद्यालय डबरा पर लगे आरोप (बीएससी तृतीय वर्ष वनस्पति विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा के दौरान परीक्षक पर दबाव बनाने, लैब न होने सहित अन्य आरोप) सही पाए गए हैं। इस केंद्र को भी अब डिबार किया जाएगा।

प्रो. स्वर्णकार के मुताबिक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अब अगर किसी परीक्षक की पहली बार गलती पकड़ी जाएगी तो उसे एक साल के लिए, दूसरी बार गलती पकड़ी गई तो दो साल के लिए और उससे ज्यादा गलती पकड़ी गई तो हमेशा के लिए डिबार कर दिया जाएगा।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी हुए फैसले

Grading system has been removed from BSc in CSJM University
सीएसजेएम विश्वविद्यालय
- इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल क्लासेज में जिन छात्रों की पूरी उपस्थिति नहीं थी, उन्हें परीक्षा से वंचित किया जाएगा।
- 2017-18 की छूटी मौखिक परीक्षाएं जल्द कराई जाएंगी।
- बीएससी ऑप्टोमिट्री के इंटर्नशिप की अवधि छह माह से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी गई।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed