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टेनरी संचालकों के लिए खुशखबरी, सरकार चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कर रही ये तैयारी

Mon, 24 Jun 2019 03:14 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 24 Jun 2019 03:14 PM IST
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Government Preparation of tanneries to promote leather industry in new ways
कानपुर टेनरी
कानपुर के जाजमऊ में स्थापित टेनरियों को नए तरीके से और बिना किसी रुकावट के चलाने की योजना पर सरकार काम कर रही है। इस योजना के पूरी तरह से धरातल पर आने में दो वर्ष का समय लग सकता है। प्रदेश सरकार की योजना है कि कानपुर चमड़ा उद्योग को दुनिया के औद्योगिक पटल पर लाया जाए।
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शर्त यह भी है कि चमड़ा उद्योग की वजह से गंगा किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए टेनरियों के लिए खास तकनीक से लैस ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा। तीन दिन पहले दिल्ली में आयोजित सभी बोर्ड ऑफ ट्रेड एंड काउंसिल फॉर ट्रेड डेवलपमेंट एंड प्रमोशन की बैठक में केंद्रीय ट्रेड एंड कामर्स मंत्री पीयूष गोयल की बैठक में भी यूपी में चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना पर काम करने को कहा गया।
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बैठक में शामिल होने गए प्रदेश के औद्योगिक विकास और लघु, मध्यम, सूक्ष्म उद्योग मंत्री सतीश महाना ने बताया कि चमड़ा उद्योग को नया स्वरूप देने और टेनरियों को सही तरीके से संचालन को लेकर सरकार काम कर रही है। 

एक दिन पहले सर्किट हाउस में जिलाधिकारी और मंडलायुक्त के साथ बैठक में भी मंत्री महाना ने बंद टेनरियों को जल्दी खुलवाने को लेकर सभी जरूरी उपाय कराने के निर्देश दिए हैं। संभावना है कि जुलाई में टेनरियों को खोलने का निर्देश मुख्यमंत्री की तरफ से दिया जा सकता है।

अलग तरीके का होगा नया ट्रीटमेंट प्लांट
सिर्फ टेनरियों के लिए पहली बार बनाए जाने वाले ट्रीटमेंट प्लांट से गंगा में बहाए जाने वाले प्रदूषित कचरे पर प्रतिबंध रहेगा। इसमें अल्ट्रा फिल्ट्रेशन (अत्याधुनिक शोधन) की उच्च तकनीक का इस्तेमाल होगा। इससे प्रदूषित कचरे को कई स्तर से शोधित करने के बाद बाहर निकाला जाएगा।

शोधित पानी पूरी तरह से सामान्य पानी जैसा होगा। इसी तरह प्लांट के पास ही एक लैब भी स्थापित की जाएगी, जो 24 घंटे प्लांट से निकलने वाले पानी की टेस्टिंग करती रहेगी। जैसे ही उसमें किसी तरह के प्रदूषित कण मिलेंगे तत्काल अलार्म बजने लगेगा।
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