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सरकार का आदेश धड़ाम, तहसील में धान खरीद का नहीं हुआ इंतजाम
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बिल्हौर राजेपुर गांव में ट्रैक्टर से धान बिक्री को पहुंचा किसान
- फोटो : DEHAT
बिल्हौर। किसानों को उनकी धान फसल का 1,868 रुपये न्यूनतम दाम प्रति क्विंटल मिल सके इसलिए सीएम ने 15 अक्तूबर से धान खरीद केंद्र खोलकर किसानों से धान क्रय करने के आदेश दे रखे हैं। लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही से पहले ही दिन धान का एक भी दाना सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं खरीदा जा सका। धान बिक्री के लिए बिल्हौर तहसील के किसान 42 केंद्रों में भटकते रहे फिर थक-हारकर निजी आढ़तियों को मात्र 1,200 में अपनी फसल बिक्री बेचकर गांवों लौट गए।
डिप्टी आरएमओ, खाद एवं रसद, कानपुर नगर संतोष यादव ने बताया कि सरकार ने 15 अक्तूबर से केंद्र खोलने के आदेश तो दिए थे, पर गुरुवार को कहीं भी केंद्र नहीं खुल सके हैं, इसलिए अभी किसी भी किसान से कोई खरीद नहीं की गई है। इस बार 15 दिन पहले ही केंद्र खुले हैं इसलिए तैयारी पूरी नहीं है। लेकिन जल्द-जल्द से धान खरीद की व्यवस्था कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। एसडीएम बिल्हौर पीएन सिंह ने कहा कि धान खरीद केंद्र गुरुवार से खुलने थे यदि नहीं खुले हैं तो इसकी जानकारी कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अभी तक मंडी समिति और अन्य विभाग द्वारा खोले गए खरीद केंद्रों की सूची कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है इस कारण केंद्रों का सत्यापन भी अभी तक नहीं हो सका है।-पीएन सिंह, उप जिलाधिकारी, बिल्हौर
समय- 11 बजे, ककवन पीसीएफ धान क्रय केंद्र
पीसीएफ खरीद केंद्र प्रभारी प्रशांत रंजन शुक्ल कुछ श्रमिकों के साथ पंचायत भवन स्थित केंद्र पर बैनर पोस्टर, इलेक्ट्रानिक कांटा, बोरा, कुर्सी-मेज व्यवस्थित करा रहे थे। प्रशांत रंजन ने बताया कि अभी ककवन इलाके में धान बिकवाली आरंभ नहीं हुई है, तैयारी भी अधूरी है। आज एक भी किसान धान बिक्री करने के लिए केंद्र पर नहीं आया है। वहीं ककवन में चाय की दुकान पर बैठे किसान रामचंद्र, अशोक कुमार, राधेश्याम ने बताया कि केंद्र खुला नहीं है। आलू-गेहूं की फसल बोनी है यदि केंद्र के सहारे रहे तो रबी की फसल भी विलंबित होगी, इसलिए वह अपना धान निजी आढ़तों पर ही बेच देंगे।
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समय- एक बजे बजे, चौबेपुर के पिपरी गांव स्थित पीसीयू धान क्रय केंद्र
पिपरी गांव के अंदर एक रिहायशी मकान में पीसीयू का धान खरीद केंद्र खुलने की जानकारी हुई तो मौके पर पहुंचने पर देखा कि एक निजी मकान पर बैनर लगा तो दिया गया है पर उस वक्त तक न तो केंद्र प्रभारी अनुपम सिंह वहां आए थे और न ही कोई किसान। ग्रामीणों ने गांव में धान खरीद केंद्र खुलने की जानकारी से भी इंकार किया।
समय- दोपहर दो बजे, विपणन कार्यालय राजेपुर, बिल्हौर
शिवदत्तापुर के किसान रविकांत, लाल मोहम्मद ट्रैक्टर-ट्राली में 40 क्विंटल व भाजपा मंडल अध्यक्ष श्याम जी कटियार दो ट्रैक्टर-ट्रालियों में 60 क्विंटल धान लेकर राजेपुर सरकारी धान क्रय केंद्र पहुंचे हैं। विपणन कार्यालय में तैनात श्रमिकों ने बताया कि अभी केंद्र नहीं खुला है, केंद्र प्रभारी अमित सिंह से आप बात कर लें। किसानों ने कई जगह फोन किया पर धान बिक्री न होने पर कुछ बैरंग लौट गए तो कुछ एक ग्राम प्रधान की आढ़त पर अपना धान 1,868 रुपये प्रति क्विंटल की जगह 1,200 रुपये में बेचकर सरकार को कोसते हुए गांव चले गए।
आढ़ती आधार-कार्ड खतौनी, बैंक पास बुक करा रहे जमा
बिल्हौर। सरकार की कथनी और जिला प्रशासन की हकीकत तहसील क्षेत्र में किसी भी किसान से छिपी नहीं है। धान हो या फिर गेहूं खरीद दोनों में सिस्टम लचर चलता है। आढ़त वाले ही सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ लेते हैं। तहसील क्षेत्र के चौबेपुर, शिवराजपुर, सखरेज, ककवन, उत्तरीपुरा, अरौल, बिल्हौर, विषधन आदि स्थानों में दो सैकड़ा से अधिक निजी आढ़ती सक्रिय हैं जो औने पौने दामों में किसानों से धान खरीद कर उसे खरीद केंद्र प्रभारी से सांठगांठ कर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री कर देते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आढ़ती किसान की फसल खरीदते समय आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पास बुक की फोटो कापी जमा कर लेते हैं फिर केंद्र प्रभारी से मिलीभगत कर सिर्फ किसान का अनाज बिक्री कर उनके आधार, खतौनी और अपना बैंक खाता लगाकर लाखों रुपये का हेरफेर कर देते हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष की न बिकी धान न मिला केंद्र
बिल्हौर। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें हैं और उसके संगठन के लोग सरकार की नीतियों का बखान करते नहीं थकते, पर सरकारी सिस्टम पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों पर भी भारी है। मल्लापुर गांव निवासी बिल्हौर भाजपा के मंडल अध्यक्ष श्यामजी कटियार ने बताया कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तो प्रयासरत रहती है पर जमीनी स्तर पर अधिकारी योजनाओं का बंटाधार कर देते हैं। बताया कि इस बार उन्होंने 60 क्विंटल धान पैदा की, पर राजेपुर, उत्तरीपुरा में धान केंद्र नहीं बंद मिला। इसके अलावा राजेपुर केंद्र कहां खुला है आसपास के किसी ग्रामीण को केंद्र की जानकारी तक नहीं है।
बिल्हौर के 4 ब्लाकों में 42 धान खरीद खोले जाने का दावा
बिल्हौर। जिला प्रशासन ने खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के लिए चौबेपुर, शिवराजपुर, ककवन और बिल्हौर में अलग-अलग विभागों के कुल 42 केंद्र खोले हैं। नैफेड के बिल्हौर में उत्तरी, इंद्रमननिवादा, सिंघौली, यूपीएसएस के बिल्हौर में राधन, रानी निवादा, छतरपुर, नदीहा, राढ़ा, खजुनियानिवादा, गदनपुर आहार, रामपुर, सखरेज, चौबेपुर में गौरीलक्खा, सरदारपुर, शिवराजपुर में भौसाना, दुबिनयाना में केंद्र खोले गए हैं। जबकि कर्मचारी कल्याण निगम के बिल्हौर में अकबरपुर सेंग, रामपुर, चौबेपुर में मानपुर, शिवराजपुर में हरनू केंद्र खुले हैं। वहीं पीसीयू के बिल्हौर में राढ़ा, पडरहा, माननिवादा, उत्तरीपुरा, शिवहरामऊ, चौबेपुर में देवपालपुर, शेरपुर बैरा, जगतपुर, बंसठी,पिपटी, शिवराजपुर में पाठकपुर, राजपुर, काकूपुर, कासामऊ में धान खरीद केंद्र खुले हैं। वहीं ककवन ब्लाक में एनसीसीएफ के दो केंद्र खोले गए हैं लेकिन विषधन जहां धान का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है वहां इस बार जिला प्रशासन ने कोई भी धान क्रय केंद्र नहीं खोला है।
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डिप्टी आरएमओ, खाद एवं रसद, कानपुर नगर संतोष यादव ने बताया कि सरकार ने 15 अक्तूबर से केंद्र खोलने के आदेश तो दिए थे, पर गुरुवार को कहीं भी केंद्र नहीं खुल सके हैं, इसलिए अभी किसी भी किसान से कोई खरीद नहीं की गई है। इस बार 15 दिन पहले ही केंद्र खुले हैं इसलिए तैयारी पूरी नहीं है। लेकिन जल्द-जल्द से धान खरीद की व्यवस्था कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। एसडीएम बिल्हौर पीएन सिंह ने कहा कि धान खरीद केंद्र गुरुवार से खुलने थे यदि नहीं खुले हैं तो इसकी जानकारी कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अभी तक मंडी समिति और अन्य विभाग द्वारा खोले गए खरीद केंद्रों की सूची कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है इस कारण केंद्रों का सत्यापन भी अभी तक नहीं हो सका है।-पीएन सिंह, उप जिलाधिकारी, बिल्हौर
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समय- 11 बजे, ककवन पीसीएफ धान क्रय केंद्र
पीसीएफ खरीद केंद्र प्रभारी प्रशांत रंजन शुक्ल कुछ श्रमिकों के साथ पंचायत भवन स्थित केंद्र पर बैनर पोस्टर, इलेक्ट्रानिक कांटा, बोरा, कुर्सी-मेज व्यवस्थित करा रहे थे। प्रशांत रंजन ने बताया कि अभी ककवन इलाके में धान बिकवाली आरंभ नहीं हुई है, तैयारी भी अधूरी है। आज एक भी किसान धान बिक्री करने के लिए केंद्र पर नहीं आया है। वहीं ककवन में चाय की दुकान पर बैठे किसान रामचंद्र, अशोक कुमार, राधेश्याम ने बताया कि केंद्र खुला नहीं है। आलू-गेहूं की फसल बोनी है यदि केंद्र के सहारे रहे तो रबी की फसल भी विलंबित होगी, इसलिए वह अपना धान निजी आढ़तों पर ही बेच देंगे।
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समय- एक बजे बजे, चौबेपुर के पिपरी गांव स्थित पीसीयू धान क्रय केंद्र
पिपरी गांव के अंदर एक रिहायशी मकान में पीसीयू का धान खरीद केंद्र खुलने की जानकारी हुई तो मौके पर पहुंचने पर देखा कि एक निजी मकान पर बैनर लगा तो दिया गया है पर उस वक्त तक न तो केंद्र प्रभारी अनुपम सिंह वहां आए थे और न ही कोई किसान। ग्रामीणों ने गांव में धान खरीद केंद्र खुलने की जानकारी से भी इंकार किया।
समय- दोपहर दो बजे, विपणन कार्यालय राजेपुर, बिल्हौर
शिवदत्तापुर के किसान रविकांत, लाल मोहम्मद ट्रैक्टर-ट्राली में 40 क्विंटल व भाजपा मंडल अध्यक्ष श्याम जी कटियार दो ट्रैक्टर-ट्रालियों में 60 क्विंटल धान लेकर राजेपुर सरकारी धान क्रय केंद्र पहुंचे हैं। विपणन कार्यालय में तैनात श्रमिकों ने बताया कि अभी केंद्र नहीं खुला है, केंद्र प्रभारी अमित सिंह से आप बात कर लें। किसानों ने कई जगह फोन किया पर धान बिक्री न होने पर कुछ बैरंग लौट गए तो कुछ एक ग्राम प्रधान की आढ़त पर अपना धान 1,868 रुपये प्रति क्विंटल की जगह 1,200 रुपये में बेचकर सरकार को कोसते हुए गांव चले गए।
आढ़ती आधार-कार्ड खतौनी, बैंक पास बुक करा रहे जमा
बिल्हौर। सरकार की कथनी और जिला प्रशासन की हकीकत तहसील क्षेत्र में किसी भी किसान से छिपी नहीं है। धान हो या फिर गेहूं खरीद दोनों में सिस्टम लचर चलता है। आढ़त वाले ही सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ लेते हैं। तहसील क्षेत्र के चौबेपुर, शिवराजपुर, सखरेज, ककवन, उत्तरीपुरा, अरौल, बिल्हौर, विषधन आदि स्थानों में दो सैकड़ा से अधिक निजी आढ़ती सक्रिय हैं जो औने पौने दामों में किसानों से धान खरीद कर उसे खरीद केंद्र प्रभारी से सांठगांठ कर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री कर देते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आढ़ती किसान की फसल खरीदते समय आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पास बुक की फोटो कापी जमा कर लेते हैं फिर केंद्र प्रभारी से मिलीभगत कर सिर्फ किसान का अनाज बिक्री कर उनके आधार, खतौनी और अपना बैंक खाता लगाकर लाखों रुपये का हेरफेर कर देते हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष की न बिकी धान न मिला केंद्र
बिल्हौर। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें हैं और उसके संगठन के लोग सरकार की नीतियों का बखान करते नहीं थकते, पर सरकारी सिस्टम पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों पर भी भारी है। मल्लापुर गांव निवासी बिल्हौर भाजपा के मंडल अध्यक्ष श्यामजी कटियार ने बताया कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तो प्रयासरत रहती है पर जमीनी स्तर पर अधिकारी योजनाओं का बंटाधार कर देते हैं। बताया कि इस बार उन्होंने 60 क्विंटल धान पैदा की, पर राजेपुर, उत्तरीपुरा में धान केंद्र नहीं बंद मिला। इसके अलावा राजेपुर केंद्र कहां खुला है आसपास के किसी ग्रामीण को केंद्र की जानकारी तक नहीं है।
बिल्हौर के 4 ब्लाकों में 42 धान खरीद खोले जाने का दावा
बिल्हौर। जिला प्रशासन ने खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के लिए चौबेपुर, शिवराजपुर, ककवन और बिल्हौर में अलग-अलग विभागों के कुल 42 केंद्र खोले हैं। नैफेड के बिल्हौर में उत्तरी, इंद्रमननिवादा, सिंघौली, यूपीएसएस के बिल्हौर में राधन, रानी निवादा, छतरपुर, नदीहा, राढ़ा, खजुनियानिवादा, गदनपुर आहार, रामपुर, सखरेज, चौबेपुर में गौरीलक्खा, सरदारपुर, शिवराजपुर में भौसाना, दुबिनयाना में केंद्र खोले गए हैं। जबकि कर्मचारी कल्याण निगम के बिल्हौर में अकबरपुर सेंग, रामपुर, चौबेपुर में मानपुर, शिवराजपुर में हरनू केंद्र खुले हैं। वहीं पीसीयू के बिल्हौर में राढ़ा, पडरहा, माननिवादा, उत्तरीपुरा, शिवहरामऊ, चौबेपुर में देवपालपुर, शेरपुर बैरा, जगतपुर, बंसठी,पिपटी, शिवराजपुर में पाठकपुर, राजपुर, काकूपुर, कासामऊ में धान खरीद केंद्र खुले हैं। वहीं ककवन ब्लाक में एनसीसीएफ के दो केंद्र खोले गए हैं लेकिन विषधन जहां धान का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है वहां इस बार जिला प्रशासन ने कोई भी धान क्रय केंद्र नहीं खोला है।

धान बिक्री न होने पर केंद्र के बाहर ट्रैक्टर खड़ा कर विरोध जताते भाजपा मंडल अध्यक्ष व अन्य किसान- फोटो : DEHAT

सरकारी केंद्र न खुलने पर आढ़त पर धान की तौल कराने को बैठे किसान - फोटो : DEHAT