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Kanpur News: शासन का फरमान, स्कूलों को डिजिटल करने में शिक्षक परेशान

Sun, 19 Oct 2025 02:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Oct 2025 02:07 AM IST
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Government decree, teachers are troubled in digitizing schools
कानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के 2900 प्राथमिक विद्यालयों में पिछले साल टैबलेट वितरण करने के बाद भी 12 शैक्षणिक पंजिकाओं को डिजिटल करने का आदेश कागजों में ही चल रहा है। अब छह अक्तूबर 2025 को विद्यार्थियों की हाजिरी भी डिजिटल करने का शासनादेश जारी हुआ है। इसका मकसद स्कूलों को सीएम डैशबोर्ड से जोड़कर पारदर्शिता बढ़ाना है। स्कूलों में नेटवर्क की कमी, सिम का रिचार्ज नहीं होना और टैबलेट के हैंग होने जैसी दिक्कतों ने योजना की रफ्तार रोक दी है। इससे न छात्रों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज हो रही है और न ही पंजिकाएं अपडेट हो पा रही हैं। इससे शासन स्तर से निगरानी में समस्या आ रही है।
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शिक्षकों का कहना है कि बिना तकनीकी संसाधनों के डिजिटल पंजिकाएं भरना और छात्रों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करना असंभव है। स्कूलों को टैबलेट तो दे दिए गए लेकिन नेटवर्क की समस्या इतनी गंभीर है कि हम डेटा अपलोड ही नहीं कर पाते। कई बार तो टैबलेट चालू ही नहीं होता है। यूपी जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि 5जी के दौर में स्कूलों को दिए गए 3जी टैबलेट अप्रासंगिक हैं। इनसे काम लेना चुनौतीपूर्ण है। यूपी महिला शिक्षक संघ की मंडल अध्यक्ष रुचि त्रिवेदी ने बताया कि बिना पूरे संसाधन स्कूलों को डिजिटल करना हास्यास्पद है। सरकार पहले संसाधनों को पूरे कराए। (संवाद)
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केस 1:
नौ माह नहीं हुआ रिचार्ज
घाटमपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मया का पुरवा में 43 छात्र पढ़ते हैं। प्रधानाध्यापक विक्रम सिंह ने बताया कि दिसंबर 2024 से अगस्त 2025 तक रिचार्ज नहीं होने से टैबलेट बंद रहा।
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केस 2:
हैंग होता टैबलेट

चौबेपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय निगोह के प्रधानाचार्य श्री योगेंद्र कुमार ने बताया कि 3जी टैबलेट लगातार हैंग होता है, सहायक अध्यापिका कलावती का टैबलेट भी खराब पड़ा है।
केस 3:

एक टैबलेट हुआ खराब
कंपोजिट विद्यालय नौबस्ता की प्रधानाचार्या रीता पांडेय ने बताया कि एक टैबलेट खराब है। दूसरे टैबलेट में सिम नहीं डाला गया था। कुछ दिन पूर्व ही दो सिम मिले हैं।


इन्हें करना है डिजिटल
छात्र और शिक्षक उपस्थिति, निरीक्षण, एमडीएम, पुस्तक वितरण और अभिभावक संपर्क से संबंधित 12 पंजिकाएं टैबलेट पर अपलोड करनी हैं। इसके साथ ही प्रेरणा पोर्टल, निपुण भारत एप और शिक्षक डायरी एप के माध्यम से अध्यापकों के कार्य, उपस्थिति और विद्यार्थियों की प्रगति का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखना है।


वर्जन
अब तक लगभग 2900 टैबलेट वितरित किए गए हैं। एक कंपनी के सिम में नेटवर्क की दिक्कत आने पर अब दूसरी कंपनी के सिम दिए जा रहे हैं। रिचार्ज में कुछ विलंब हुआ है। सभी पोस्टपेड सिम हैं जिनका खर्च शासन से आता है। जिन स्कूलों को टैबलेट नहीं मिले हैं उनकी सूची भेजी गई है। तकनीकी खराबी पर शिक्षक सूचना दें। - प्रवीन पांडेय, जिला समन्वयक निर्माण
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