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Kanpur News: सोलर सिस्टम से रोशन होंगे सरकारी भवन, मिलेगी सस्ती बिजली
Wed, 16 Apr 2025 01:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 16 Apr 2025 01:12 AM IST
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कानपुर देहात। गर्मी में बिजली की खपत बचाने के लिए जिले के सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की तैयारी की गई है। यूपी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) निजी कंपनियों के माध्यम से करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेगा। मेडिकल काॅलेज से योजना की शुरुआत हुई है। इसके बाद जिला, तहसील व ब्लॉक स्तर पर भी सोलर सिस्टम लगाने की रणनीति बनेगी।
यूपीनेडा ने फिलहाल में पांच सरकारी भवनों को चिह्नित किया है, जिन्हें सौर ऊर्जा युक्त किया जाना है। इसके लिए यूपीनेडा द्वारा एक विस्तृत खाका तैयार किया है। 26 किलोवाट से लेकर 485 किलोवाट क्षमता वाले सभी ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफ टाप इंस्टालेशन होगा। इसमें मेडिकल कॉलेज, कलेक्ट्रेट परिसर, विकास भवन, जिला पंचायत भवन, जिलाधिकारी कैंप कार्यालय शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस लाइन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए प्रक्रिया चल रही है।
इन भवनों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए 60 हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से लागत आएगी। ऐसे में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होने के बाद बिजली खपत बचेगी। साथ ही बिजली बिल भुगतान न होने से राजस्व में भी इजाफा होगा। विकास भवन व कलक्ट्रेट में नॉर्ड मार्क कंपनी काम करेगी। जबकि मेडिकल कॉलेज में ओएमसी कंपनी ने काम शुरू कर दिया है।
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तहसील व ब्लॉक स्तर पर भी होगा कार्य
सोलर प्लांट लगाने की योजना के तहत यूपीनेडा अन्य विभागाें से भी संपर्क कर रहा है। इसके लिए पॉवर पर्चेज एग्रीमेंट की बात चल रही है। सब कुछ ठीक रहा तो जिला मुख्यालय के साथ ही तहसील, ब्लॉक तथा ग्राम स्तर तक के सरकारी भवनों पर इन्हें लगाया जाएगा।
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कार्यालय - स्वीकृत विद्युत भार
मेडिकल कॉलेज- 485 किलोवाटकलेक्ट्रेट परिसर- 100 किलोवाट
जिलाधिकारी कैंप कार्यालल- 35 किलोवाट
विकास भवन - 50 किलोवाट
जिला पंचायत- 26 किलोवाट
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साल में 1280000 यूनिट बिजली होगी उत्पादित
जिन सरकारी विभागों पर सोलर पैनल लगाए जाने हैं, उनमें प्रतिदिन 3500 यूनिट बिजली उत्पादित होगी। इस तरह पूरे साल में 1280000 यूनिट के करीब बिजली उत्पादित होगी। इससे सरकारी राजस्व की भी बजत होगी।
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वर्जन...
चिंहित स्थानों पर चयनित कंपनियां सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगी। इसमें सरकार का कोई पैसा नहीं लगेगा। बिजली उत्पादन करने के बाद कंपनी विभाग को 4.85 पैसे से लेकर 4.90 पैसे के बीच में बिजली देगी। इसके लिए कंपनी और विभाग के बीच पॉवर पर्चेजिंग एग्रीमेंट (पीपीए) हुआ है। मेडिकल कॉलेज में काम शुरू करा दिया गया है। अन्य विभागों में भी पीपीए करा कर जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
- राकेश पांडेय, परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा कानपुर देहात।
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यूपीनेडा ने फिलहाल में पांच सरकारी भवनों को चिह्नित किया है, जिन्हें सौर ऊर्जा युक्त किया जाना है। इसके लिए यूपीनेडा द्वारा एक विस्तृत खाका तैयार किया है। 26 किलोवाट से लेकर 485 किलोवाट क्षमता वाले सभी ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफ टाप इंस्टालेशन होगा। इसमें मेडिकल कॉलेज, कलेक्ट्रेट परिसर, विकास भवन, जिला पंचायत भवन, जिलाधिकारी कैंप कार्यालय शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस लाइन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए प्रक्रिया चल रही है।
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इन भवनों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए 60 हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से लागत आएगी। ऐसे में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होने के बाद बिजली खपत बचेगी। साथ ही बिजली बिल भुगतान न होने से राजस्व में भी इजाफा होगा। विकास भवन व कलक्ट्रेट में नॉर्ड मार्क कंपनी काम करेगी। जबकि मेडिकल कॉलेज में ओएमसी कंपनी ने काम शुरू कर दिया है।
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तहसील व ब्लॉक स्तर पर भी होगा कार्य
सोलर प्लांट लगाने की योजना के तहत यूपीनेडा अन्य विभागाें से भी संपर्क कर रहा है। इसके लिए पॉवर पर्चेज एग्रीमेंट की बात चल रही है। सब कुछ ठीक रहा तो जिला मुख्यालय के साथ ही तहसील, ब्लॉक तथा ग्राम स्तर तक के सरकारी भवनों पर इन्हें लगाया जाएगा।
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कार्यालय - स्वीकृत विद्युत भार
मेडिकल कॉलेज- 485 किलोवाटकलेक्ट्रेट परिसर- 100 किलोवाट
जिलाधिकारी कैंप कार्यालल- 35 किलोवाट
विकास भवन - 50 किलोवाट
जिला पंचायत- 26 किलोवाट
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साल में 1280000 यूनिट बिजली होगी उत्पादित
जिन सरकारी विभागों पर सोलर पैनल लगाए जाने हैं, उनमें प्रतिदिन 3500 यूनिट बिजली उत्पादित होगी। इस तरह पूरे साल में 1280000 यूनिट के करीब बिजली उत्पादित होगी। इससे सरकारी राजस्व की भी बजत होगी।
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वर्जन...
चिंहित स्थानों पर चयनित कंपनियां सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगी। इसमें सरकार का कोई पैसा नहीं लगेगा। बिजली उत्पादन करने के बाद कंपनी विभाग को 4.85 पैसे से लेकर 4.90 पैसे के बीच में बिजली देगी। इसके लिए कंपनी और विभाग के बीच पॉवर पर्चेजिंग एग्रीमेंट (पीपीए) हुआ है। मेडिकल कॉलेज में काम शुरू करा दिया गया है। अन्य विभागों में भी पीपीए करा कर जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
- राकेश पांडेय, परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा कानपुर देहात।