Army Recruitment Fraud: फर्जी निवास प्रमाणपत्र लगाकर पाई थी सेना में नौकरी, सीबीआई ने जांच के लिए डाला डेरा
कानपुर में 2016 के दौरान हुई सेना भर्ती रैली मामले में सीबीआई की टीम ने हमीरपुर में डेरा डाल लिया है। जिले के 22 आरोपियों ने फर्जी निवास प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल कर ली थी।
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हमीरपुर जिले में वर्ष 2016 में फर्जी निवासी प्रमाण-पत्र के जरिए सेना में नौकरी पाने वाले 22 युवाओं को लेकर सीबीआई की दो सदस्यीय टीम ने हमीरपुर में डेरा डाल दिया है। इस पर चल रही जांच को लेकर मुख्यालय के मौदहा बांध डाक बंगले में दो सदस्यीय सीबीआई टीम पहुंची है।
शुक्रवार को लेखपालों, तत्कालीन तहसील कर्मियों, प्रधानों सहित अन्य से पूछताछ की गई। लगभग ढाई साल पूर्व मामले में सीबीआई टीम ने डेरा जमा संबंधितों से पूछताछ की थी। वर्ष 2016 में हुई सेना भर्ती में फर्जी निवास प्रमाण पत्र लगाए गए थे।
वर्ष 2016 में कानपुर में हुई सेना भर्ती में कई युवाओं के द्वारा फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी पाई थी। प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान कई प्रमाण पत्र फर्जी जारी होने की जानकारी हुई थी। इसके बाद उच्च स्तर से इस मामले की जांच भी शुरू की गई थी।
साथ ही मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। जिले से फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवा करीब 22 युवाओं की भर्ती हुई थी। इसको लेकर मार्च 2020 में भी सीबीआई टीम ने डेरा जमा संबंधितों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए थे।
शुक्रवार को एक बार फिर से दिल्ली की दो सदस्यीय सीबीआई टीम ने मुख्यालय के मौदहा बांध के डाक बंगले में डेरा डाल लिया है। यह टीम जिले के लेखपालों व प्रधानों से पूछताछ करने में जुटी है। टीम ने नगर पालिका चेयरमैन कुलदीप निषाद से भी कई जानकारियां ली है।