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अंतरराष्ट्रीय इनोवेशन फेयर में आईआईटी कानपुर के पांच स्टार्टअप को स्वर्ण व दो को रजत पदक मिले
Sat, 07 Dec 2019 02:39 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 07 Dec 2019 02:39 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम की ओर से हैदराबाद में शुक्रवार को संपन्न हुए अंतरराष्ट्रीय इनोवेशन फेयर में आईआईटी कानपुर के पांच स्टार्टअप को स्वर्ण पदक और दो स्टार्टअप को रजत पदक मिले। फेयर में 40 देशों से 150 के करीब स्टार्टअप का प्रजेंटेशन हुआ था। संस्थान प्रबंधन ने स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय को बधाई दी।
इन स्टार्टअप को स्वर्ण पदक
नेजल एयरफिल्टर - रवि पांडेय के मुताबिक इस फिल्टर में नैनो टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है। यह एक नोजल है, जिसे नाक में लगा लिया जाता है। इसे लगाने पर नाक में प्रदूषित हवा भीतर नहीं जाती। यह बैक्टीरिया से भी पूरी तरह बचाता है।
बॉयोनिक प्रोस्थेटिक हैंड डिवाइस - निशांत अग्रवाल के मुताबिक यह विशेष प्रकार की डिवाइस है, जिसे हाथ न होने पर लगाकर सामान्य काम किया जा सकता है। नकली हाथ भी दिमाग से मिलने वाले सिग्नल की सहायता से काम करता है।
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इनबिल्ट सेक्शन के साथ इलेक्ट्रोसर्जिकल काउटरी - रोशन के मुताबिक यह विशेष प्रकार का सर्जिकल कटर है। इससे ऑपरेशन के समय अगर त्वचा को काटते हैं तो निकलने वाला काट्री युक्त धुआं नहीं निकलता है। यह धुआं कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को जन्म देता है।
फोटोथैरेपी यूनिट - राजेश रंजन के मुताबिक इस थैरेपी से हाइपरबिलीअरनिमिया में इलाज संभव है। साथ ही न्यूनेटल ज्वांइडिस में भी उपयुक्त इलाज संभव है। इसका शोध मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. जे रामकुमार की देखरेख में किया गया है।
ए नॉवेल इंटीग्रेटेड सिस्टम - अभिषेक कुमार के मुताबिक इस सिस्टम का प्रयोग स्त्री रोग से संबंधित जांच के लिए किया जाता है। इसका शोध केजीएमयू के डॉ. रिषि सेठी की देखरेख में किया गया है।
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इन स्टार्टअप को स्वर्ण पदक
नेजल एयरफिल्टर - रवि पांडेय के मुताबिक इस फिल्टर में नैनो टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है। यह एक नोजल है, जिसे नाक में लगा लिया जाता है। इसे लगाने पर नाक में प्रदूषित हवा भीतर नहीं जाती। यह बैक्टीरिया से भी पूरी तरह बचाता है।
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बॉयोनिक प्रोस्थेटिक हैंड डिवाइस - निशांत अग्रवाल के मुताबिक यह विशेष प्रकार की डिवाइस है, जिसे हाथ न होने पर लगाकर सामान्य काम किया जा सकता है। नकली हाथ भी दिमाग से मिलने वाले सिग्नल की सहायता से काम करता है।
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इनबिल्ट सेक्शन के साथ इलेक्ट्रोसर्जिकल काउटरी - रोशन के मुताबिक यह विशेष प्रकार का सर्जिकल कटर है। इससे ऑपरेशन के समय अगर त्वचा को काटते हैं तो निकलने वाला काट्री युक्त धुआं नहीं निकलता है। यह धुआं कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को जन्म देता है।
फोटोथैरेपी यूनिट - राजेश रंजन के मुताबिक इस थैरेपी से हाइपरबिलीअरनिमिया में इलाज संभव है। साथ ही न्यूनेटल ज्वांइडिस में भी उपयुक्त इलाज संभव है। इसका शोध मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. जे रामकुमार की देखरेख में किया गया है।
ए नॉवेल इंटीग्रेटेड सिस्टम - अभिषेक कुमार के मुताबिक इस सिस्टम का प्रयोग स्त्री रोग से संबंधित जांच के लिए किया जाता है। इसका शोध केजीएमयू के डॉ. रिषि सेठी की देखरेख में किया गया है।
इनको मिला सिल्वर मेडल
डेस्किट - ईशान के मुताबिक विशेष स्कूल बैग में टेबल लगी हुई है। प्राइमरी स्कूल के बच्चे जमीन में बैठकर भी टेबल पर पढ़ाई कर सकते हैं। इसमें टेबल को एडजेस्ट भी किया जा सकता है। इसका प्रयोग कई प्रदेशों में करीब एक लाख बच्चे कर रहे हैं।
बॉयो आर्टिफिशियल लीवर बॉयोरिएक्टर - डॉ. अशोक कुमार के मुताबिक इस आर्टिफिशियल लीवर का उपयोग अस्थायी रूप से किया जा सकता है। जब लीवर खराब हो जाता है और उसे बदलना पड़ता है तो इसका उपयोग कुछ माह के लिए कर सकते हैं।
डेस्किट - ईशान के मुताबिक विशेष स्कूल बैग में टेबल लगी हुई है। प्राइमरी स्कूल के बच्चे जमीन में बैठकर भी टेबल पर पढ़ाई कर सकते हैं। इसमें टेबल को एडजेस्ट भी किया जा सकता है। इसका प्रयोग कई प्रदेशों में करीब एक लाख बच्चे कर रहे हैं।
बॉयो आर्टिफिशियल लीवर बॉयोरिएक्टर - डॉ. अशोक कुमार के मुताबिक इस आर्टिफिशियल लीवर का उपयोग अस्थायी रूप से किया जा सकता है। जब लीवर खराब हो जाता है और उसे बदलना पड़ता है तो इसका उपयोग कुछ माह के लिए कर सकते हैं।