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उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा सोना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2016 01:13 AM IST
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बिरहाना रोड स्थित एक शोरूम में ज्वैलरी पसंद करती युवतियां।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। अक्षय तृतीया वाले दिन सोना चांदी के नाम पर आंख बंद करके निवेश करने वाले लोग इस बार बाजार से दूर रहे। आम आदमी के लिए सोना पहले से ही पहुंच से दूर है। शौकिया खरीदारी करने वालों ने भी शुभ और अशुभ के भ्रम में सोने पर निवेश करना उचित नहीं समझा। कुल मिलाकर अक्षय तृतीया इस बार सराफा कारोबारियों को फली नहीं। छिटपुट खरीदारों ने की वजह से ही ज्वैलरी शोरूमों में थोड़ी रौनक दिखी। इस दिन सोने का रेट 29,950 रहा और चांदी 40,200 में रही।
आमतौर पर अक्षय तृतीया पर धनतेरस से ज्यादा सोने चांदी की बिक्री होती है। पिछले वर्षों में अक्षय तृतीया पर शहर में बिक्री का आंकड़ा 400 करोड़ के आसपास रहा है। इस बार यहां आंकड़ा 100 से 200 करोड़ के बीच में ही है। सराफा कारोबारियों ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में सोने चांदी और हीरे की बिक्री इस बार 50 से 60 फीसदी तक कम हुई है। कई ज्वैलरी शॉप में तो बोहनी तक नहीं हुई।
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आमतौर पर अक्षय तृतीया पर धनतेरस से ज्यादा सोने चांदी की बिक्री होती है। पिछले वर्षों में अक्षय तृतीया पर शहर में बिक्री का आंकड़ा 400 करोड़ के आसपास रहा है। इस बार यहां आंकड़ा 100 से 200 करोड़ के बीच में ही है। सराफा कारोबारियों ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में सोने चांदी और हीरे की बिक्री इस बार 50 से 60 फीसदी तक कम हुई है। कई ज्वैलरी शॉप में तो बोहनी तक नहीं हुई।
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