पैरोल पर बाहर आते हैं भगवान: मालखाने में 21 साल से कैद हैं भगवान, जन्माष्टमी में पुलिसकर्मी करते हैं पूजा
Kanpur Dehat: सर्वराकर बताते हैं कि कानूनी पेंच के चलते मूर्तियां अदालत के माध्यम से मिल नहीं पाई। आज जन्माष्टमी के अवसर पर मालखाने से भगवान श्री कृष्ण के साथ भगवान के बड़े भाई बलराम, देवी राधा की मूतियों को बाहर लाया जाएगा।
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द्वापर युग के कंस से कानपुर देहात पुलिस ज्यादा ताकतवर है। मथुरा में जन्म के बाद कन्हैया को केस की कैद से तो मुक्ति मिल गई थी, लेकिन कानपुर देहात में शिवली थाने के मालखाने में पिछले दो दशक से भगवान श्रीकृष्ण, राधा व बलराम कैद हैं। उन्हें हर साल जन्माष्टमी पर एक दिन की पेरौल पर मिलती है।
उन्हें मालखाने से बाहर निकालकर पूजा जाता है। अब गुरुवार को एक बार फिर भगवान एक दिन लिए मालखाने से बाहर आएंगे। शिवली थाना क्षेत्र में 12 मार्च 2002 को राधाकृष्ण मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण, राधा व बलराम की मूर्तियां चोरी हो गई थीं। मंदिर के सर्वराकर आलोक दत्त ने शिवली थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सप्ताह भर बाद पुलिस ने चोरों के साथ मूर्ति को बरामद किया था। उसके बाद से मूर्तियां थाने के मालखाने में रखवा दी गई थीं। सर्वराकर बताते हैं कि कानूनी पेंच के चलते मूर्तियां अदालत के माध्यम से मिल नहीं पाई। गुरुवार को जन्माष्टमी के अवसर पर मालखाने से भगवान श्री कृष्ण के साथ भगवान के बड़े भाई बलराम, देवी राधा की मूतियों को बाहर लाया जाएगा।
विधि विधान के साथ किया जाएगा पूजन पाठ
पुलिस कर्मी उन्हें स्नान करवाकर और भगवान को नए कपड़े पहनाएंगे। शिवली कोतवाल शिवनारायन सिंह ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के चलते मंदिर में मूर्तियां कोतवाली में रखी है। गुरुवार को जन्माष्टमी पर मूर्तियों को मालखाने से निकलवाकर विधि विधान के साथ पूजन पाठ किया जाएगा।