बेटी के कमरे का दरवाजा खोलते ही पिता के होश उड़ गए
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मीरसदन निवासी घसीटे कोरी की 17 साल की बेटी अरुणा उर्फ रेनू कक्षा 11वीं की छात्रा थी। पिता घसीटे राजगीर है। परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम अरुणा खाना खाकर अलग कमरे में सोने चली गई। सुबह देर तक न उठने पर दरवाजा खोला तो अवाक रह गए। अरुणा फांसी के फंदे से झूल रही थी। शोर-गुल सुनकर मोहल्ले के लोग पहुंचे।
अरुणा घर में सबसे छोटी थी। तीन भाई हैं। अरुणा के चाचा राधे के कोई बेटी नहीं है। इस वजह से वह पूरे घर में सभी की चहेती थी। घटना से पूरा परिवार सदमे में है। रेनू के पिता घसीटे ने शव का सुबह ही अंतिम संस्कार करा दिया। थानाध्यक्ष श्रवण कुमार ने बताया कि पुलिस को किसी ने सूचना नहीं दी।