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घरों में गिलोय लगाइए बीमारियों को दूर भगाइए, अमर उजाला फाउंडेशन मिलकर स्कूलों घरों में बांटेंगे पौधे
Tue, 27 Aug 2019 10:19 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 27 Aug 2019 10:19 AM IST
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गिलोय
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क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा भी औषधीय पौधा है आपके शरीर में सूजन कम करने, शुगर को नियंत्रित करने, गठिया रोग से लड़ने, पीलिया दूर करने, त्वचा और सांस संबंधी रोगों सहित कई गंभीर बीमारियों को दूर भगाने में कारगर साबित हो सकता है। नहीं, तो आइए हम बताते हैं इस प्राचीन काल के औषधीय पौधे के बारे में। इसका नाम है गिलोय यानी गुडूची।
वैज्ञानिक शब्दों में इसे टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया भी कहते हैं। यह पौधा एक या दो नहीं बल्कि अनेकों बीमारियों के इलाज में कारगर होता है। इसकी खूबियों को देखते हुए चिकित्सकों ने इसे ‘अमृत’ का दर्जा दिया है।
अमर उजाला फाउंडेशन ने आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के साथ मिलकर इस औषधीय गुणों वाले गिलोय के पौधे को घरों तक लेकर जाने का अभियान शुरू किया है। हम न सिर्फ आपको गिलोय का फायदा बताएंगे बल्कि इस पौधे को मुफ्त में आपतक पहुंचाने का भी काम करेेंगे।
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वैज्ञानिक शब्दों में इसे टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया भी कहते हैं। यह पौधा एक या दो नहीं बल्कि अनेकों बीमारियों के इलाज में कारगर होता है। इसकी खूबियों को देखते हुए चिकित्सकों ने इसे ‘अमृत’ का दर्जा दिया है।
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अमर उजाला फाउंडेशन ने आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के साथ मिलकर इस औषधीय गुणों वाले गिलोय के पौधे को घरों तक लेकर जाने का अभियान शुरू किया है। हम न सिर्फ आपको गिलोय का फायदा बताएंगे बल्कि इस पौधे को मुफ्त में आपतक पहुंचाने का भी काम करेेंगे।
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स्कूल, कॉलेजों से होगी शुरूआत
सीएसए के उद्यान विभाग के अध्यक्ष प्रो. वीके त्रिपाठी बताते हैं कि अभियान की शुरूआत स्कूल और कॉलेजों से होगी। यहां छात्रों, शिक्षकों को गिलोय का पौधा मुफ्त में दिया जाएगा। जिसे सभी को अपने घरों में लगाना होगा और उसकी सुरक्षा करनी होगी। पौधा बड़ा होने पर आप उसका प्रयोग तमाम तरह की शारीरिक बीमारियों को दूर करने में कर सकते हैं।
दमा, खांसी दूर करे, त्वचा रोग से मुक्ति दिलाए
आयुर्वेदाचार्य डॉ. रविंद्र पोरवाल बताते हैं कि गिलोय एक बेजोड़ किस्म का औषधीय पौधा है जिसका तना, पत्ते, और जड़, तीनों औषधि बनाने के काम आते हैं। इसके इस्तेमाल से सांस संबंधी रोग जैसे दमा और खांसी दूर होता है। इसे नीम और आंवला के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोग जैसे एग्जिमा और सोराइसिस दूर किए जा सकते हैं। यह खून की कमी, पीलिया और कुष्ठ रोगों के इलाज में भी कारगर है।
सूजन कम करे, गठिया और आर्थेराइटिस से बचाए
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एके अग्रवाल बताते हैं कि गिलोय में सूजन कम करने के गुण होते हैं। इसके चलते यह गठिया और आर्थेराइटिस से बचाव में अत्यधिक लाभकारी है। गिलोय के पाउडर को सौंठ की समान मात्रा और गुगुल के साथ मिलाकर दिन में दो बार लेने से इन बीमारियों में काफी लाभ मिलता है। इसी प्रकार अगर गिलोय की ताजी पत्तियां या तना उपलब्ध हों तो इनका ज्यूस पीने से भी आराम होता है।
सीएसए के उद्यान विभाग के अध्यक्ष प्रो. वीके त्रिपाठी बताते हैं कि अभियान की शुरूआत स्कूल और कॉलेजों से होगी। यहां छात्रों, शिक्षकों को गिलोय का पौधा मुफ्त में दिया जाएगा। जिसे सभी को अपने घरों में लगाना होगा और उसकी सुरक्षा करनी होगी। पौधा बड़ा होने पर आप उसका प्रयोग तमाम तरह की शारीरिक बीमारियों को दूर करने में कर सकते हैं।
दमा, खांसी दूर करे, त्वचा रोग से मुक्ति दिलाए
आयुर्वेदाचार्य डॉ. रविंद्र पोरवाल बताते हैं कि गिलोय एक बेजोड़ किस्म का औषधीय पौधा है जिसका तना, पत्ते, और जड़, तीनों औषधि बनाने के काम आते हैं। इसके इस्तेमाल से सांस संबंधी रोग जैसे दमा और खांसी दूर होता है। इसे नीम और आंवला के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोग जैसे एग्जिमा और सोराइसिस दूर किए जा सकते हैं। यह खून की कमी, पीलिया और कुष्ठ रोगों के इलाज में भी कारगर है।
सूजन कम करे, गठिया और आर्थेराइटिस से बचाए
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एके अग्रवाल बताते हैं कि गिलोय में सूजन कम करने के गुण होते हैं। इसके चलते यह गठिया और आर्थेराइटिस से बचाव में अत्यधिक लाभकारी है। गिलोय के पाउडर को सौंठ की समान मात्रा और गुगुल के साथ मिलाकर दिन में दो बार लेने से इन बीमारियों में काफी लाभ मिलता है। इसी प्रकार अगर गिलोय की ताजी पत्तियां या तना उपलब्ध हों तो इनका ज्यूस पीने से भी आराम होता है।
गिलोय के यह भी हैं फायदे
- गिलोय रसायन यानी ताजगी लाने वाले तत्व के रुप में कार्य करता है।
- इससे इम्यूनिटी सिस्टम में सुधार आता है और शरीर में अतिआवश्यक सफेद सेल्स की कार्य करने की क्षमता बढ़ती है।
- यह शरीर के भीतर सफाई करके लीवर और किडनी के कार्य को सुचारु बनाता है।
- यह शरीर को बैक्टिरिया जनित रोगों से सुरक्षित रखता है। इसका उपयोग सेक्स संबंधी रोगों के इलाज में भी किया जाता है।
- लंबे समय से चलने वाले बुखार के इलाज में गिलोय काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- यह शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाता है जिससे डेंगू तथा स्वाइन फ्लू के निदान में बहुत कारगर है।
- इसके रोजाना प्रयोग से मलेरिया से बचा जा सकता है। गिलोय के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए।
- शरीर में पाचनतंत्र को सुधारने में गिलोय काफी मददगार होता है।
- गिलोय के चूर्ण को आंवला चूर्ण या मुरब्बे के साथ खाने से गैस में फायदा होता है।
- गिलोय के जूस को छाछ के साथ मिलाकर पीने से अपाचन की समस्या दूर होती है साथ ही साथ बवासीर से भी छुटकारा मिलता है।
- गिलोय में शरीर में शुगर और लिपिड के स्तर को कम करने का खास गुण होता है। इसके इस गुण के कारण यह डायबीटिज टाइप 2 के उपचार में बहुत कारगर है।
- गिलोय एडाप्टोजेनिक हर्ब है इसलिए यह मानसिक दवाब और चिंता को दूर करने के लिए लाभकारी है।
- गिलोय चूर्ण को अश्वगंधा और शतावरी के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से याददाश्त बढ़ती है।
- यह शरीर और दिमाग पर उम्र बढ़ने के प्रभाव की गति को कम करता है।
- गिलोय रसायन यानी ताजगी लाने वाले तत्व के रुप में कार्य करता है।
- इससे इम्यूनिटी सिस्टम में सुधार आता है और शरीर में अतिआवश्यक सफेद सेल्स की कार्य करने की क्षमता बढ़ती है।
- यह शरीर के भीतर सफाई करके लीवर और किडनी के कार्य को सुचारु बनाता है।
- यह शरीर को बैक्टिरिया जनित रोगों से सुरक्षित रखता है। इसका उपयोग सेक्स संबंधी रोगों के इलाज में भी किया जाता है।
- लंबे समय से चलने वाले बुखार के इलाज में गिलोय काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- यह शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाता है जिससे डेंगू तथा स्वाइन फ्लू के निदान में बहुत कारगर है।
- इसके रोजाना प्रयोग से मलेरिया से बचा जा सकता है। गिलोय के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए।
- शरीर में पाचनतंत्र को सुधारने में गिलोय काफी मददगार होता है।
- गिलोय के चूर्ण को आंवला चूर्ण या मुरब्बे के साथ खाने से गैस में फायदा होता है।
- गिलोय के जूस को छाछ के साथ मिलाकर पीने से अपाचन की समस्या दूर होती है साथ ही साथ बवासीर से भी छुटकारा मिलता है।
- गिलोय में शरीर में शुगर और लिपिड के स्तर को कम करने का खास गुण होता है। इसके इस गुण के कारण यह डायबीटिज टाइप 2 के उपचार में बहुत कारगर है।
- गिलोय एडाप्टोजेनिक हर्ब है इसलिए यह मानसिक दवाब और चिंता को दूर करने के लिए लाभकारी है।
- गिलोय चूर्ण को अश्वगंधा और शतावरी के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से याददाश्त बढ़ती है।
- यह शरीर और दिमाग पर उम्र बढ़ने के प्रभाव की गति को कम करता है।