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खुशखबर: नवरात्रि पर महिलाओं के लिए शानदार तोहफा, एक ऐसी स्कीम, जिसमें फायदा ही फायदा
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 12 Oct 2018 07:19 AM IST
सार
- पीएचडी, एमफिल, एमटेक, एमएससी या इसके समकक्ष पढ़ाई के लिए मिलेगा 30 लाख का अनुदान
- डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने दिल्ली से लांच की वूमेन साइंटिस्ट स्कीम-बी
- पांच नवंबर तक करें ऑनलाइन आवदेन, प्रति महिला को अधिकतम 30 लाख मिलेंगे
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प्रो. अाशुतोष शर्मा
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विस्तार
डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) ने नवरात्र के पहले दिन महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। डिपार्टमेंट की ओर से वूमेन साइंटिस्ट स्कीम-बी लांच की गई है। इसके तहत विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वाली महिलाओं को पीएचडी, एमफिल, एमटेक और एमएससी करने के लिए डिपार्टमेंट की ओर से अधिकतम 30 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए एग्रीकल्चर एंड एलॉयड साइंसेज, हेल्थ-फूड एंड न्यूट्रीशियन और इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट विषय में कोई एक चुनना होगा। अपने सब्जेक्ट में प्रोजेक्ट पेश करना होगा और प्रोजेक्ट सलेक्ट होने पर अनुदान मिलेगा। आवेदन करने वाली महिला की उम्र 27 से 57 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
बुधवार को डिपार्टमेंट के सचिव और आईआईटी कानपुर के सीनियर प्रोफेसर डॉ. आशुतोष शर्मा ने देशभर के लिए दिल्ली से इस स्कीम की शुरुआत कर दी है। इसके लिए पांच नवंबर तक ऑनलाइन (onlinedst.gov.in) आवेदन मांगे गए हैं। प्रो. शर्मा ने बताया कि कोई भी महिला जो साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रुचि रखती है वह आवेदन कर सकती है। अगर किसी महिला का करियर बीच में ब्रेक हो गया हो और वह फिर से शुरू करना चाहती है तो वह भी आवेदन कर सकती है। प्रति महिला को अधिकतम 30 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। प्रो. शर्मा के मुताबिक इससे महिलाओं की विज्ञान में रुचि बढ़ेगी और उन्हें शोध करने के नए अवसर भी मिलेंगे। बता दें डीएसटी केंद्र सरकार का एक स्वतंत्र विभाग है। इसका प्रमुख काम विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना है।
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बुधवार को डिपार्टमेंट के सचिव और आईआईटी कानपुर के सीनियर प्रोफेसर डॉ. आशुतोष शर्मा ने देशभर के लिए दिल्ली से इस स्कीम की शुरुआत कर दी है। इसके लिए पांच नवंबर तक ऑनलाइन (onlinedst.gov.in) आवेदन मांगे गए हैं। प्रो. शर्मा ने बताया कि कोई भी महिला जो साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रुचि रखती है वह आवेदन कर सकती है। अगर किसी महिला का करियर बीच में ब्रेक हो गया हो और वह फिर से शुरू करना चाहती है तो वह भी आवेदन कर सकती है। प्रति महिला को अधिकतम 30 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। प्रो. शर्मा के मुताबिक इससे महिलाओं की विज्ञान में रुचि बढ़ेगी और उन्हें शोध करने के नए अवसर भी मिलेंगे। बता दें डीएसटी केंद्र सरकार का एक स्वतंत्र विभाग है। इसका प्रमुख काम विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना है।
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डेमो पिक
तीन अलग-अलग वर्ग में प्रोजेक्ट को मिलेगी मदद
पाठ्यक्रम धनराशि (प्रति माह)
पीएचडी या समकक्ष के लिए 55 हजार रुपये
एमफिल/एमटेक या समकक्ष 40 हजार रुपये
एमएससी या इसके समकक्ष 30 हजार रुपये
यह है प्रक्रिया
आपको डीएसटी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। निर्धारित विषयों और कोर्स में एडमिशन लेने के बाद प्रोजेक्ट सलेक्ट होने पर आपको प्रतिमाह अनुदान मिलने लगेगा। इसके अलावा जो महिलाएं पहले से ही पीएचडी या निर्धारित कोर्स की पढ़ाई कर रही हैं, वे भी आवेदन कर सकती हैं। हालांकि इनकी उम्र भी 27 से 57 वर्ष के बीच ही होनी चाहिए।
पाठ्यक्रम धनराशि (प्रति माह)
पीएचडी या समकक्ष के लिए 55 हजार रुपये
एमफिल/एमटेक या समकक्ष 40 हजार रुपये
एमएससी या इसके समकक्ष 30 हजार रुपये
यह है प्रक्रिया
आपको डीएसटी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। निर्धारित विषयों और कोर्स में एडमिशन लेने के बाद प्रोजेक्ट सलेक्ट होने पर आपको प्रतिमाह अनुदान मिलने लगेगा। इसके अलावा जो महिलाएं पहले से ही पीएचडी या निर्धारित कोर्स की पढ़ाई कर रही हैं, वे भी आवेदन कर सकती हैं। हालांकि इनकी उम्र भी 27 से 57 वर्ष के बीच ही होनी चाहिए।