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कल से मिलेगा ज्यादा और तेज प्रेशर से पानी
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर।
Updated Mon, 11 Apr 2016 01:20 AM IST
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बेनाझाबर स्थित जलकल विभाग द्वारा वाटर टैंक से जोड़ी जा रही पाइप लाइन का निरीक्षण करते विधायक सतीश महाना, सत्यदेव पचौरी, सलिल विश्नोई के साथ जलकल प्रबन्धक जवाहर राम।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। लो प्रेशर और पानी की किल्लत से जूझ रहे 67 वार्डों के लाखों लोगों को मंगलवार से राहत मिलने की उम्मीद है। बेनाझाबर वाटर वर्क्स में बैराज से आई मुख्य पाइप लाइन को जोड़ने का काम सोमवार रात तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद बैराज से बेनाझाबर वाटर वर्क्स को रोजाना सात करोड़ लीटर पानी मिलने लगेगा। रविवार को निरीक्षण करने पहुंचे आश्वासन समिति के चेयरमैन सतीश महाना को जल निगम के अफसरों ने बताया कि इससे लोगों को ज्यादा और तेज प्रेशर के साथ पानी मिलेगा।
बैराज से बेनाझाबर वाटर वर्क्स को पहली बार पानी देने के लिए पाइप लाइन बिछाने की खबर सबसे पहले ‘अमर उजाला’ ने 2 अप्रैल को प्रकाशित की थी। यह काम गंगा के जलस्तर में सबसे ज्यादा गिरावट और भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से बेनाझाबर वाटर वर्क्स को कच्चा पानी पहुंचाने में आ रही परेशानियों के कारण किया जा रहा है। आश्वासन समिति के चेयरमैन दोपहर में विधायक सत्यदेव पचौरी व सलिल विश्नोई के साथ बेनाझाबर वाटर वर्क्स पहुंचकर काम का जायजा लिया।
जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बीके सिंह ने बताया कि बैराज से बेनाझाबर तक आई मुख्य पाइप लाइन को पुराने वाटर वर्क्स से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है। 12 अप्रैल से इस वाटर वर्क्स को बैराज से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक जवाहर राम ने बताया कि इस पानी को भैरोघाट पंपिंग स्टेशन और लोअर गंगा कैनाल से मिलने वाले पानी को शोधित करने के बाद टैंक (जिससे शहर में आपूर्ति होती है) में बैराज की लाइन जोड़ दी जाएगी। इससे पानी की कमी दूर होगी।
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गंगा में जल संकट बरकरार
गंगा में जल संकट रविवार को भी बरकरार रहा। जलकल विभाग ने भैरोघाट पंपिंग स्टेशन के पास गंगा में अस्थायी बंधा बनाकर मोड़ी गई धारा से 20 करोड़ लीटर कच्चा पानी खींचा। चार ड्रेजर भी दिनभर गंगा की मुख्य धारा से पंपिंग स्टेशन के किनारे तक बालू हटाते रहे, ताकि कच्चा पानी खींचने में दिक्कत न हो। भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से जलापूर्ति के लिए गंगा का न्यूनतम जलस्तर 357.0 फीट होना चाहिए, जबकि गंगा का जलस्तर रविवार को भी 356.2 फीट रहा। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि गंगा में हरिद्वार की तरफ से जितना पानी आ रहा है, उतना आगे छोड़ा जा रहा है।
गंदे पानी की सप्लाई
कानपुर साउथ। बाबूपुरवा के अजीतगंज, एनएलसी कालोनी और तिकुनिया पार्क के आसपास पांच दिन से गंदा पानी आ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। गंदे पानी के चलते बच्चों में उल्टी दस्त और बड़ों में एलर्जी की शिकायत हो रही है। पार्षद धर्मनाथ मिश्रा का कहना है कि जलसंस्थान के जेई से शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि वाटर लाइनों के सीवर लाइन से मिल जाने के कारण घरों में गंदा पानी आ रहा है। एक दो दिन में समस्या का समाधान करा देंगे लेकिन आज तक कोई देखने नहीं आया।
गंदा पानी आने की शिकायत
छावनी क्षेत्र के विधायक रघुनंदन भदौरिया ने रविवार को जलकल विभाग के महाप्रबंधक जवाहर राम से बाबूपुरवा क्षेत्र में नलों से गंदा पानी आने की शिकायत की। बताया कि पुरानी जंग लगी पाइप लाइनें और सीवर लाइनें चोक होने की वजह से यह दिक्कत हो रही है। यदि एक हफ्ते में दिक्कत दूर नहीं हुई तो वे प्रदर्शन करेंगे।
गंगापुर कालोनी में भी पानी की मारामारी
कानपुर साउथ। गर्मी बढ़ने के साथ ही साथ साउथ सिटी में पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। गंगापुर कालोनी के भी हालात ऐसे ही हैं। दस साल पहले बनी पानी की टंकी शोपीस बनी है। दो ट्यूबवेल हैं, लेकिन बिजली सप्लाई न होने से आज तक लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच पाया है। इसके अलावा ज्यादातर हैंडपंप भी सूख गए हैं। जो सही भी हैं, उनसे गंदा पानी आ रहा है। क्षेत्र में रहने वाले अवधेश सविता ने बताया कि कुछ साल पहले तक यहां ऐसी समस्या नहीं थी, लेकिन जैसे जैसे क्षेत्र के तालाब और कुएं सूखते चले गए। पेयजल संकट बढ़ता गया।
लीकेज से पानी की बर्बादी पर फूटा गुस्सा
कानपुर साउथ। जनजागृति मंच ने जगह-जगह वाटर लाइनों में लीकेज से पानी की बर्बादी के खिलाफ गुजैनी वाटर वर्क्स के बाहर प्रदर्शन किया। मंच के विनोद मिश्र ने बताया कि वाटर वर्क्स के बाहर, रतनलाल नगर और जरौली में कई जगह लाइन में लीकेज है। इसके चलते हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इस मौके पर राजेंद्र गुप्ता, कृष्णा जी शुक्ला, बालकिशन शुक्ला, सुरेश गुप्ता, नरेश शंकर आदि मौजूद रहे।
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बैराज से बेनाझाबर वाटर वर्क्स को पहली बार पानी देने के लिए पाइप लाइन बिछाने की खबर सबसे पहले ‘अमर उजाला’ ने 2 अप्रैल को प्रकाशित की थी। यह काम गंगा के जलस्तर में सबसे ज्यादा गिरावट और भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से बेनाझाबर वाटर वर्क्स को कच्चा पानी पहुंचाने में आ रही परेशानियों के कारण किया जा रहा है। आश्वासन समिति के चेयरमैन दोपहर में विधायक सत्यदेव पचौरी व सलिल विश्नोई के साथ बेनाझाबर वाटर वर्क्स पहुंचकर काम का जायजा लिया।
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जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बीके सिंह ने बताया कि बैराज से बेनाझाबर तक आई मुख्य पाइप लाइन को पुराने वाटर वर्क्स से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है। 12 अप्रैल से इस वाटर वर्क्स को बैराज से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक जवाहर राम ने बताया कि इस पानी को भैरोघाट पंपिंग स्टेशन और लोअर गंगा कैनाल से मिलने वाले पानी को शोधित करने के बाद टैंक (जिससे शहर में आपूर्ति होती है) में बैराज की लाइन जोड़ दी जाएगी। इससे पानी की कमी दूर होगी।
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गंगा में जल संकट बरकरार
गंगा में जल संकट रविवार को भी बरकरार रहा। जलकल विभाग ने भैरोघाट पंपिंग स्टेशन के पास गंगा में अस्थायी बंधा बनाकर मोड़ी गई धारा से 20 करोड़ लीटर कच्चा पानी खींचा। चार ड्रेजर भी दिनभर गंगा की मुख्य धारा से पंपिंग स्टेशन के किनारे तक बालू हटाते रहे, ताकि कच्चा पानी खींचने में दिक्कत न हो। भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से जलापूर्ति के लिए गंगा का न्यूनतम जलस्तर 357.0 फीट होना चाहिए, जबकि गंगा का जलस्तर रविवार को भी 356.2 फीट रहा। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि गंगा में हरिद्वार की तरफ से जितना पानी आ रहा है, उतना आगे छोड़ा जा रहा है।
गंदे पानी की सप्लाई
कानपुर साउथ। बाबूपुरवा के अजीतगंज, एनएलसी कालोनी और तिकुनिया पार्क के आसपास पांच दिन से गंदा पानी आ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। गंदे पानी के चलते बच्चों में उल्टी दस्त और बड़ों में एलर्जी की शिकायत हो रही है। पार्षद धर्मनाथ मिश्रा का कहना है कि जलसंस्थान के जेई से शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि वाटर लाइनों के सीवर लाइन से मिल जाने के कारण घरों में गंदा पानी आ रहा है। एक दो दिन में समस्या का समाधान करा देंगे लेकिन आज तक कोई देखने नहीं आया।
गंदा पानी आने की शिकायत
छावनी क्षेत्र के विधायक रघुनंदन भदौरिया ने रविवार को जलकल विभाग के महाप्रबंधक जवाहर राम से बाबूपुरवा क्षेत्र में नलों से गंदा पानी आने की शिकायत की। बताया कि पुरानी जंग लगी पाइप लाइनें और सीवर लाइनें चोक होने की वजह से यह दिक्कत हो रही है। यदि एक हफ्ते में दिक्कत दूर नहीं हुई तो वे प्रदर्शन करेंगे।
गंगापुर कालोनी में भी पानी की मारामारी
कानपुर साउथ। गर्मी बढ़ने के साथ ही साथ साउथ सिटी में पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। गंगापुर कालोनी के भी हालात ऐसे ही हैं। दस साल पहले बनी पानी की टंकी शोपीस बनी है। दो ट्यूबवेल हैं, लेकिन बिजली सप्लाई न होने से आज तक लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच पाया है। इसके अलावा ज्यादातर हैंडपंप भी सूख गए हैं। जो सही भी हैं, उनसे गंदा पानी आ रहा है। क्षेत्र में रहने वाले अवधेश सविता ने बताया कि कुछ साल पहले तक यहां ऐसी समस्या नहीं थी, लेकिन जैसे जैसे क्षेत्र के तालाब और कुएं सूखते चले गए। पेयजल संकट बढ़ता गया।
लीकेज से पानी की बर्बादी पर फूटा गुस्सा
कानपुर साउथ। जनजागृति मंच ने जगह-जगह वाटर लाइनों में लीकेज से पानी की बर्बादी के खिलाफ गुजैनी वाटर वर्क्स के बाहर प्रदर्शन किया। मंच के विनोद मिश्र ने बताया कि वाटर वर्क्स के बाहर, रतनलाल नगर और जरौली में कई जगह लाइन में लीकेज है। इसके चलते हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इस मौके पर राजेंद्र गुप्ता, कृष्णा जी शुक्ला, बालकिशन शुक्ला, सुरेश गुप्ता, नरेश शंकर आदि मौजूद रहे।